सोमवार, 27 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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असम में बाढ़ से अभूतपूर्व तबाही, सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने हालात पर चिंता जताई

असम में आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, जिसे लेकर राज्य के जनप्रतिनिधियों ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। सत्ताधारी भाजपा के विधायकों ने इस आपदा को अप्रत्याशित बताया है, वहीं विपक्षी दलों ने कई…

असम में बाढ़ से अभूतपूर्व तबाही, सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने हालात पर चिंता जताई
(फोटो: IANS)

असम में आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, जिसे लेकर राज्य के जनप्रतिनिधियों ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। सत्ताधारी भाजपा के विधायकों ने इस आपदा को अप्रत्याशित बताया है, वहीं विपक्षी दलों ने कई प्रभावित इलाकों तक राहत सामग्री न पहुंचने का आरोप लगाया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, दोनों पक्षों के नेता इस बात पर सहमत हैं कि राज्य ने पहले कभी ऐसी बाढ़ नहीं देखी है।

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बाढ़ की भयावहता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस बार उन ऊँचे इलाकों में भी पानी भर गया, जहाँ पहले कभी बाढ़ नहीं आई थी। भाजपा विधायक मानव डेका ने कहा, "बाढ़ बिल्कुल अप्रत्याशित थी। जिन इलाकों में बाढ़ आई, वहां पहले कभी बाढ़ नहीं आई थी क्योंकि वे ऊंचे इलाकों में बसे हैं। हालांकि, इस बार नागालैंड और सीमावर्ती इलाकों में सामान्य से 400-500 फीसदी ज़्यादा बारिश होने की वजह से जबरदस्त बाढ़ आई।"

सरकार और विपक्ष के दावे

सरकार की ओर से मंत्री बिस्वजीत डाइमरी ने आश्वासन दिया है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने बताया, "बाढ़ से प्रभावित लोगों का जीवन पटरी पर लाने के लिए लगातार कोशिश जारी है। मुख्यमंत्री हर समय बाढ़ और राहत कार्यों पर निगरानी रखने के साथ प्रभावित लोगों से बात कर रहे हैं। हालोडी में अभी पानी अधिक है, इसलिए वहां पर राहत कार्य करना थोड़ा मुश्किल है।" भाजपा विधायक टंकेश्वर राभा ने भी मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा राहत कार्यों की लगातार निगरानी किए जाने की बात कही।

इसके विपरीत, विपक्ष के नेता वाज़ेद अली चौधरी ने राहत कार्यों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, "यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। वहां जो हो रहा है, वैसा हमने पहले कभी नहीं देखा। राहत सामग्री भी सभी तक नहीं पहुंच रही है। जो लोग बाढ़ के पानी में फंसे हुए हैं, उन्हें राहत सहायता नहीं मिल रही है।"

एकजुटता की अपील और भविष्य की चिंता

इस संकट के बीच, मानव डेका ने बताया कि सरकारी एजेंसियां, गैर-सरकारी संगठन और आम जनता, सभी मिलकर प्रभावित लोगों की मदद कर रहे हैं। एआईयूडीएफ विधायक मजीबुर रहमान ने इस आपदा को बेहद खतरनाक बताते हुए कहा, "मैंने अपनी जिंदगी के पिछले 52 सालों में ऐसी बाढ़ कभी नहीं देखी। इसकी वजह से करीब 1,000 लोग बेघर हो गए हैं।" वहीं, टंकेश्वर राभा ने बाढ़ में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में ऐसी प्राकृतिक आपदा में किसी की जान न जाए।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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