असम बाढ़: कांग्रेस का आरोप, राहत वितरण में राजनीतिक भेदभाव कर रही है हिमंता सरकार
असम में बाढ़ से मची तबाही के बीच प्रदेश सरकार पर राहत कार्यों में भेदभाव करने के गंभीर आरोप लगे हैं। कांग्रेस महासचिव मनोज चौहान ने दावा किया है कि राज्य की भाजपा सरकार उन लोगों को मदद नहीं दे रही है…
असम में बाढ़ से मची तबाही के बीच प्रदेश सरकार पर राहत कार्यों में भेदभाव करने के गंभीर आरोप लगे हैं। कांग्रेस महासचिव मनोज चौहान ने दावा किया है कि राज्य की भाजपा सरकार उन लोगों को मदद नहीं दे रही है जिन्हें उसका समर्थक नहीं माना जाता। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, चौहान ने ऊपरी असम के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के पांच दिवसीय दौरे के बाद यह बात कही।
मनोज चौहान ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से अपील करते हुए कहा कि आपदा के समय लोगों के दुख और आंसुओं में फर्क करना बेहद पीड़ादायक है और सरकार को किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग भाजपा को वोट नहीं देते, उन्हें कथित तौर पर राहत सामग्री और सरकार द्वारा घोषित 15,000 रुपये की सहायता राशि से वंचित किया जा रहा है।
अभूतपूर्व बाढ़ और केंद्र से अपील
कांग्रेस नेता ने इस बार आई बाढ़ को अभूतपूर्व बताया। उन्होंने कहा कि 80-85 साल के बुजुर्गों ने भी अपने जीवन में ऐसी विनाशकारी बाढ़ नहीं देखी है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए चौहान ने केंद्र सरकार से असम के लिए एक बड़े राहत पैकेज की घोषणा करने की मांग की। इसके अलावा, उन्होंने नेपाल में आई आपदा का जिक्र करते हुए भारत सरकार से वहां फंसे भारतीयों की मदद के लिए नेपाल सरकार से समन्वय स्थापित करने का भी आग्रह किया।
बच्चों की शिक्षा पर असर
बाढ़ के कारण राज्य में शिक्षा व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। कई स्कूल अभी भी बंद हैं और कुछ जगहों पर वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कक्षाएं चल रही हैं। चौहान ने बताया कि कई परिवारों का सब कुछ बाढ़ में बह गया है, जिससे बच्चों की पढ़ाई पर संकट आ गया है। उन्होंने जानकारी दी कि कांग्रेस के सेवा दल के कार्यकर्ता प्रभावित इलाकों में बच्चों को किताबें, स्कूल बैग और कुछ स्कूलों में कंप्यूटर उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य होने में अभी 10-15 दिन और लग सकते हैं, इसलिए सरकार को शिक्षा व्यवस्था पटरी पर लाने के लिए मदद करनी चाहिए।
राजनीतिक मुद्दों पर भी बोले चौहान
बाढ़ राहत के अलावा, मनोज चौहान ने नगांव में होने वाले उपचुनाव में कांग्रेस की जीत का भरोसा जताया। उन्होंने पिछले लोकसभा चुनाव के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस इस क्षेत्र में लगभग 2.5 लाख वोटों से आगे रही थी। 'वन नेशन, वन इलेक्शन' के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इसे लागू करना आसान नहीं होगा और आरोप लगाया कि सरकार परिसीमन के जरिए सीटें अपने राजनीतिक हितों के अनुसार बदलना चाहती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस लोकसभा की 543 सीटों की मौजूदा संख्या को बनाए रखने के पक्ष में है।
इनपुट: IANS



