ईरान-अमेरिका बातचीत: तेहरान का दावा, 'सात-दिवसीय योजना' पर वॉशिंगटन सहमत, पर चाहता है कुछ नई शर्तें
ईरान और अमेरिका के बीच चल रही राजनयिक बातचीत में एक महत्वपूर्ण प्रगति का संकेत मिला है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने दावा किया है कि अमेरिका ने तेहरान द्वारा प्रस्तावित 'सात-दिवसीय…
ईरान और अमेरिका के बीच चल रही राजनयिक बातचीत में एक महत्वपूर्ण प्रगति का संकेत मिला है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने दावा किया है कि अमेरिका ने तेहरान द्वारा प्रस्तावित 'सात-दिवसीय योजना' को स्वीकार कर लिया है, लेकिन साथ ही इसमें कुछ और शर्तें जोड़ने का अनुरोध भी किया है। समाचार एजेंसी IANS ने ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए और 'अल-एखबरिया' टेलीविजन नेटवर्क के हवाले से यह जानकारी दी।
अराघची ने पुष्टि की कि दोनों देशों के बीच बातचीत का दौर अभी भी जारी है। उन्होंने बताया कि ईरान ने अमेरिकी पक्ष के सामने यह प्रस्ताव रखा था, जिसकी शर्तों को स्पष्ट रूप से बताया गया था।
क्या है ईरान की 'सात-दिवसीय योजना'?
ईरान के इस प्रस्ताव के केंद्र में होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) है, जो वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए एक अहम रास्ता है। अराघची के अनुसार, योजना की एक मुख्य शर्त यह थी कि छठे दिन होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से फिर से खोल दिया जाएगा। उन्होंने कहा, "अमेरिकियों ने हमें बताया कि वे इन शर्तों को मानने के लिए तैयार हैं, लेकिन वे इसमें कुछ और शर्तें भी जोड़ना चाहते हैं।"
ईरानी विदेश मंत्री ने अपना रुख दोहराते हुए साफ किया कि जब तक कोई अंतिम समझौता या सहमति नहीं बन जाती, तब तक होर्मुज को सभी के लिए पूरी तरह से नहीं खोला जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा, "जहाजों और पोतों की आवाजाही के लिए वाशिंगटन को ईरान की शर्तें माननी होंगी।" उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा न होने तक इस रास्ते से समुद्री यातायात में मुश्किलें बनी रहेंगी।
अन्य मुद्दे और समझौते
इंटरव्यू के दौरान अराघची ने लाल सागर में हो रही घटनाओं में ईरान की किसी भी भूमिका से इनकार किया। उन्होंने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, "लाल सागर का मुद्दा और वहां हो रही घटनाएं हमसे बिल्कुल भी जुड़ी नहीं हैं; उनकी अपनी अलग परिस्थितियां हैं।"
उल्लेखनीय है कि ईरान और अमेरिका के बीच एक 14-सूत्रीय 'इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन' (एमओयू) भी मौजूद है। इसके तहत यह तय हुआ है कि वॉशिंगटन सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त करेगा और ईरान पर लगाए गए अवैध प्रतिबंधों को हटाएगा, जिसके बदले में तेहरान होर्मुज स्ट्रेट को धीरे-धीरे फिर से खोल देगा।
इनपुट: IANS



