अमेरिका: एक कंजर्वेटिव ग्रुप ने AI से जुड़ी चिंताओं के बीच H-1B वीजा रोकने की मांग की
अमेरिका में एक कंजर्वेटिव संगठन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर सख्त नियम लागू करने की वकालत करते हुए एच-1बी वीजा कार्यक्रम पर रोक लगाने की मांग की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, 'ह्यूमन्स…
अमेरिका में एक कंजर्वेटिव संगठन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर सख्त नियम लागू करने की वकालत करते हुए एच-1बी वीजा कार्यक्रम पर रोक लगाने की मांग की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, 'ह्यूमन्स फर्स्ट' नामक इस समूह ने इसे अपनी 'अमेरिका फर्स्ट AI पॉलिसी' का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया है। यह नीति अमेरिकी कामगारों के हितों को प्राथमिकता देने पर केंद्रित है।
यह समूह 'टी पार्टी' की जानी-मानी कार्यकर्ता एमी क्रेमर की अध्यक्षता में काम करता है। समूह द्वारा जारी फ्रेमवर्क में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि एच-1बी वीजा पर प्रस्तावित रोक कितने समय के लिए होगी या इसे कैसे लागू किया जाएगा। गौरतलब है कि अमेरिकी टेक कंपनियां एच-1बी वीजा का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करती हैं, और हाल के वर्षों में 70% से अधिक वीजा भारतीय पेशेवरों को मिले हैं।
नीति के मुख्य प्रस्ताव क्या हैं?
'ह्यूमन्स फर्स्ट' का यह पूरा फ्रेमवर्क तीन मुख्य सिद्धांतों पर आधारित है: AI के खतरों से अमेरिकी स्वतंत्रता और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा, बिग टेक कंपनियों से पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग, और अमेरिकी नागरिकों की नौकरियों और जीवन शैली का संरक्षण। इसी के तहत, समूह ने अमेरिकी कामगारों के लिए टैक्स में राहत, घरेलू वर्कफोर्स की ट्रेनिंग और AI के कारण जाने वाली नौकरियों का अनिवार्य रूप से खुलासा करने जैसे कदम उठाने का भी प्रस्ताव दिया है।
राष्ट्रीय सुरक्षा और चीन पर फोकस
फ्रेमवर्क में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी कई मांगें भी शामिल हैं। इसमें चीन और अन्य विरोधी देशों को "हाई-एंड चिप्स और अन्य महत्वपूर्ण AI तकनीकों" के निर्यात पर कड़ा नियंत्रण लगाने का आह्वान किया गया है। साथ ही, अमेरिकी डेटा सेंटर्स पर चीनी नियंत्रण को रोकने और प्रमुख AI कंपनियों में काम करने वाले विदेशी कर्मचारियों की सुरक्षा जांच की भी मांग की गई है। समूह के कार्यकारी निदेशक रस वॉकर ने कहा, "एक AI पॉलिसी जो वास्तव में अमेरिका फर्स्ट है, वह अमेरिकी लोगों पर केंद्रित है, न कि वैश्विक कॉर्पोरेशनों पर और न ही गैर-जवाबदेह नौकरशाहों पर।"
AI के विकास पर नियंत्रण की मांग
समूह ने सबसे बड़ी AI कंपनियों के सिस्टम की स्वतंत्र थर्ड पार्टी से टेस्टिंग कराने और 'सुपरह्यूमन AI' के विकास पर रोक लगाने का भी प्रस्ताव रखा है। इसमें AI की 'रिकर्सिव सेल्फ-इम्प्रूवमेंट' यानी खुद को लगातार बेहतर बनाने की क्षमता को रोकना भी शामिल है। अन्य प्रस्तावों में नाबालिगों द्वारा AI के उपयोग पर देखभाल की जिम्मेदारी तय करना और बड़ी AI घटनाओं की सार्वजनिक रिपोर्टिंग को अनिवार्य बनाना शामिल है।
इनपुट: IANS



