मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति: अमेरिका से गठबंधन अहम, पर राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं

अमेरिका के साथ खुफिया जानकारी साझा करने को लेकर उपजे तनाव की खबरों के बीच दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने मंगलवार को एक अहम बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ उनके देश…

दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति: अमेरिका से गठबंधन अहम, पर राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं
(फोटो: IANS)

अमेरिका के साथ खुफिया जानकारी साझा करने को लेकर उपजे तनाव की खबरों के बीच दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने मंगलवार को एक अहम बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ उनके देश का गठबंधन बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन कूटनीति में किसी भी तरह की दब्बूपन की नीति नहीं अपनाई जाएगी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि दक्षिण कोरिया की विदेश नीति का मूल सिद्धांत व्यावहारिकता है और राष्ट्रीय हितों की रक्षा सर्वोपरि है।

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कैबिनेट की बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ली ने कहा, "कूटनीति ऐसी होनी चाहिए, जिससे दक्षिण कोरिया की गरिमा बनी रहे और उसके राष्ट्रीय हितों की रक्षा हो। किसी भी परिस्थिति में दूसरे देश के सामने अनावश्यक रूप से झुकने या दब्बू रुख अपनाने से बचना चाहिए।" उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब सियोल और वाशिंगटन के बीच रिश्तों में कुछ खटास की अटकलें लगाई जा रही हैं।

खुफिया जानकारी को लेकर तनाव

योनहाप समाचार एजेंसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हालिया तनाव की एक मुख्य वजह खुफिया जानकारी साझा करने का मुद्दा है। बताया जा रहा है कि वॉशिंगटन ने दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्री की उस टिप्पणी पर आपत्ति जताई थी, जिसमें उन्होंने उत्तर कोरिया के कुसोंग में यूरेनियम संवर्धन केंद्र होने की बात कही थी। माना जाता है कि अमेरिका इस बात से चिंतित था कि साझा की गई खुफिया जानकारी को एकतरफा तरीके से सार्वजनिक कर दिया गया। इस घटना के बाद कुछ रूढ़िवादी मीडिया संस्थानों ने मंत्री पर अमेरिका के साथ गठबंधन को नुकसान पहुंचाने का आरोप भी लगाया था।

गठबंधन और संवाद पर जोर

हालांकि, राष्ट्रपति ली ने अपने संबोधन में गठबंधन के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा, "दक्षिण कोरिया-अमेरिका गठबंधन बेहद महत्वपूर्ण है और यह देश की कूटनीति का प्रमुख आधार है। इसे और मजबूत करने की जरूरत है।" उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि देशों के बीच मतभेद होना स्वाभाविक है और इन्हें लगातार बातचीत और समन्वय के जरिए सुलझाया जाना चाहिए। ली ने अमेरिका के साथ हाल ही में हुए एक निवेश समझौते का उदाहरण देते हुए कहा कि लंबी बातचीत के बाद दक्षिण कोरिया ने अपने राष्ट्रीय हितों के लिए बेहतर परिणाम हासिल किए।

वॉशिंगटन में स्थिति

इसी बीच, अमेरिका में दक्षिण कोरिया की राजदूत कांग क्यंग-व्हा ने सोमवार को वॉशिंगटन में एक संसदीय समिति के समक्ष स्वीकार किया कि व्हाइट हाउस के साथ उच्चस्तरीय संवाद में अब भी कुछ "सीमाएं" हैं। उन्होंने कहा कि खुफिया सहयोग में सुधार की दिशा में प्रगति हुई है, लेकिन यह मुद्दा दोनों देशों के संबंधों में सबसे कठिन विषयों में से एक बना हुआ है। राष्ट्रपति ली ने भरोसा दिलाया है कि उनकी सरकार भविष्य में भी मतभेदों को दूर करने और देश के हितों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।

इनपुट: IANS

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