कश्मीर पर अमेरिकी राजदूत के बयान से दुनिया को मिला स्पष्ट संदेश: हर्ष वर्धन श्रृंगला
राज्यसभा सांसद और पूर्व विदेश सचिव हर्ष वर्धन श्रृंगला ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर पर अमेरिकी राजदूत के हालिया बयान ने दुनिया को एक साफ संदेश दिया है कि यह अब कोई अंतरराष्ट्रीय मुद्दा नहीं रह गया है…
राज्यसभा सांसद और पूर्व विदेश सचिव हर्ष वर्धन श्रृंगला ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर पर अमेरिकी राजदूत के हालिया बयान ने दुनिया को एक साफ संदेश दिया है कि यह अब कोई अंतरराष्ट्रीय मुद्दा नहीं रह गया है। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में उन्होंने अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की उस टिप्पणी को बेहद अहम बताया, जिसमें उन्होंने जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग कहा था।
श्रृंगला के अनुसार, अमेरिकी राजदूत गोर का यह बयान दो कारणों से असाधारण महत्व रखता है। पहला, अतीत में अमेरिका ने कभी भी इतनी स्पष्ट और निर्णायक टिप्पणी नहीं की। पहले के बयान अधिक संतुलित और सधे हुए होते थे। दूसरा, सर्जियो गोर सिर्फ एक सामान्य प्रतिनिधि नहीं, बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति के करीबी सहयोगी हैं और दक्षिण एवं मध्य एशिया के मामलों के लिए भी जिम्मेदार हैं। इस वजह से उनकी बात का वजन काफी बढ़ जाता है।
क्यों अहम है अमेरिकी रुख में यह बदलाव?
हर्ष वर्धन श्रृंगला ने बताया कि अमेरिकी राजदूत का श्रीनगर का दौरा करना और यह कहना कि जम्मू-कश्मीर भारत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, एक बहुत ही महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। उन्होंने कहा, "मैं सर्जियो गोर को अच्छी तरह जानता हूं। वह बिना सोचे-समझे बयान देने वाले व्यक्ति नहीं हैं। वह अपनी बात बहुत सोच-समझकर और रणनीतिक तरीके से रखते हैं।" श्रृंगला ने इस बयान को अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत संदेश के रूप में रेखांकित किया, जो यह स्थापित करता है कि अब अन्य देशों को यह स्वीकार कर लेना चाहिए कि पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है।
अनुच्छेद 370 के बाद की स्थिति
सांसद ने अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर की बदली हुई स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज कश्मीर भारत की राजनीतिक और आर्थिक मुख्यधारा में पूरी तरह से शामिल हो चुका है। उन्होंने कहा, "जम्मू-कश्मीर के लोग देश के बाकी हिस्सों के साथ पूरी तरह एकीकृत हो चुके हैं। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हो रहे आर्थिक विकास और प्रगति को देख रहे हैं।" श्रृंगला ने यह भी बताया कि 2023 में श्रीनगर में G20 बैठक आयोजित करने का प्रधानमंत्री मोदी का फैसला इस क्षेत्र के लिए एक 'गेम-चेंजर' साबित हुआ, जिससे पर्यटन में भारी वृद्धि हुई।
PoK से तुलना और भारत की उपलब्धि
श्रृंगला ने सीमा पार पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) की स्थिति से तुलना करते हुए कहा कि वहां के लोग आजादी, अधिकारों और आर्थिक विकास की कमी से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा, "PoK में ऐसे लोग भी हैं जो कहते हैं कि वे भारत का हिस्सा बनना चाहते हैं।" उनके मुताबिक, यह भारत की एक बड़ी उपलब्धि है कि अमेरिकी राजदूत ने इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए अपना दृष्टिकोण स्पष्ट किया है।
इनपुट: IANS



