बुधवार, 1 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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उत्तर प्रदेश में 'स्कूल चलो अभियान 2026' का दूसरा चरण शुरू, हर बच्चे को स्कूल से जोड़ने का लक्ष्य

उत्तर प्रदेश सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा अभियान छेड़ा है कि राज्य का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सहारनपुर से 'स्कूल चलो अभिया

उत्तर प्रदेश में 'स्कूल चलो अभियान 2026' का दूसरा चरण शुरू, हर बच्चे को स्कूल से जोड़ने का लक्ष्य
(फोटो: IANS)

उत्तर प्रदेश सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा अभियान छेड़ा है कि राज्य का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सहारनपुर से 'स्कूल चलो अभियान-2026' के दूसरे चरण की शुरुआत की। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सीएम योगी ने इस मौके पर शिक्षा को राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत नींव बताते हुए अगले 15 दिनों में हर बच्चे का स्कूल में नामांकन सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यक्ति, समाज और राष्ट्र की प्रगति का आधार शिक्षा है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और आम नागरिकों से इस अभियान को एक जनआंदोलन बनाने की अपील की, ताकि हर बच्चे को स्कूल तक पहुंचाया जा सके। उनका कहना था कि शिक्षा से वंचित एक बच्चा सिर्फ अपने परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र की क्षति है।

ऑपरेशन कायाकल्प से बदली स्कूलों की सूरत

सीएम योगी ने बताया कि 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शुरू हुए इस अभियान के सकारात्मक परिणाम दिख रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि 2017 में बेसिक शिक्षा परिषद के केवल 36% स्कूलों में ही पूरी सुविधाएं थीं। इस कमी को दूर करने के लिए 'ऑपरेशन कायाकल्प' शुरू किया गया, जिसके तहत जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और समाज के सहयोग से सरकारी स्कूलों का व्यापक सुधार किया गया। अब स्कूलों में बालक-बालिकाओं के लिए अलग शौचालय, स्वच्छ पेयजल, फर्नीचर, पुस्तकालय और मिड-डे मील जैसी सभी जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

आधुनिक सुविधाओं और गुणवत्ता पर जोर

राज्य सरकार अब सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी आधुनिक सुविधाओं का तेजी से विस्तार कर रही है। शिक्षकों को टैबलेट दिए जा रहे हैं, जबकि एक लाख से अधिक दिव्यांग बच्चों को सहायक उपकरण देकर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा गया है। सीएम ने जानकारी दी कि 2025-26 में लगभग 23 हजार दिव्यांग बालिकाओं को छात्रवृत्ति भी दी गई है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 के तहत 'करके सीखने' (लर्निंग बाय डूइंग) और कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है।

शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए भी घोषणाएं

मुख्यमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों के हित में लिए गए फैसलों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिक्षामित्रों का मानदेय 10,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये और अनुदेशकों का मानदेय 9,000 रुपये से बढ़ाकर 17,000 रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा, शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों सहित अन्य कर्मचारियों को पांच लाख रुपये तक की स्वास्थ्य बीमा सुविधा भी दी जा रही है।

इनपुट: IANS

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