अभिषेक बनर्जी: पार्टी दफ्तर मामले में राहत, लेकिन विदेश में इलाज की अर्जी खारिज
तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को कलकत्ता हाई कोर्ट से एक ही दिन दो अलग-अलग मामलों में राहत और झटका दोनों मिले हैं। एक तरफ जहां उनके आमतला स्थित पार्टी कार्यालय पर तोड़-फोड़ की…
तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को कलकत्ता हाई कोर्ट से एक ही दिन दो अलग-अलग मामलों में राहत और झटका दोनों मिले हैं। एक तरफ जहां उनके आमतला स्थित पार्टी कार्यालय पर तोड़-फोड़ की कार्रवाई पर लगी रोक को अदालत ने बढ़ा दिया है, वहीं दूसरी ओर आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की उनकी याचिका खारिज कर दी गई है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, जस्टिस शुभ्रा घोष की एकल पीठ ने डायमंड हार्बर से सांसद बनर्जी के पार्टी कार्यालय को गिराने पर लगी अंतरिम रोक 21 अगस्त तक बढ़ा दी है। यह फैसला राज्य के महाधिवक्ता सुरजीत नाथ मित्रा द्वारा अदालत से अतिरिक्त समय मांगे जाने के बाद आया। अब इस मामले पर अगली सुनवाई 18 अगस्त को दोपहर 2 बजे होगी, और तब तक पार्टी कार्यालय पर कोई कार्रवाई नहीं की जा सकेगी।
विदेश यात्रा की अनुमति से इनकार
एक अन्य मामले में, अभिषेक बनर्जी को कलकत्ता हाई कोर्ट से निराशा हाथ लगी। जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की पीठ ने उन्हें आंखों का इलाज कराने के लिए विदेश जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। अदालत ने बनर्जी की याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उन्हें पहले कोलकाता के सरकारी एस.एस.के.एम. मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के विशेषज्ञों से सलाह लेने की सलाह दी गई थी।
सुनवाई के दौरान बनर्जी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रेबेका मैमन जॉन ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल एस.एस.के.एम. अस्पताल नहीं जाना चाहते। इसी के बाद अदालत ने उनकी याचिका खारिज करने का फैसला सुनाया।
सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली थी राहत
उल्लेखनीय है कि 20 जुलाई को हाई कोर्ट द्वारा एस.एस.के.एम. अस्पताल से परामर्श लेने का सुझाव दिए जाने के बाद बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, शीर्ष अदालत ने मामले को वापस कलकत्ता हाई कोर्ट को ही भेज दिया था और सात दिनों के भीतर इस पर फैसला देने का निर्देश दिया था। इसी निर्देश के तहत बुधवार को हुई सुनवाई में हाई कोर्ट ने विदेश यात्रा की अनुमति देने से मना कर दिया।
इनपुट: IANS



