बीते कुछ दिनों से भारत-चीन के बीच विवाद बढ़ता ही जा रहा है, विवाद इतना बढ़ गया है कि युद्ध तक की आशंकाएं जताई जाने लगी थी, लेकिन इस खबर से यह कहा जा सकता है कि अब थम सकता है भारत-चीन का विवाद! जी हाँ, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक ऐसी जानकरी शेयर की है, जिससे यह अनुमान लगाया जा सकता है कि अब भारत-चीन के बीच युद्ध की संभावनाएं कम हो चुकी है।
आपको बता दें कि सिक्किम इलाके में डोकलाम के मुद्दे पर चीन के साथ लंबे समय तक जारी गतिरोध अब समाप्त होने जा रहा है। खबर के मुताबिक, भारत और चीन दोनों देश डोकलाम से अपनी सेना हटाने को तैयार हो गए हैं। सेना हटाने की बात से राजी होने पर कूटनीतिक और रणनीतिक तौर पर इसे भारत की जीत माना जा रहा है। जी हाँ, इस बात की आधिकारिक पुष्टि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट करके दिया है। गौरतलब है कि मामलें की पुष्टिकरण भी हो चुकी है।
आपको बता दें कि विदेश मंत्रालय ने कहा कि कई हफ्तों में भारत और चीन ने डोकलाम पर डिप्लोमैटिक बातचीत की है। इस दौरान हमने अपने विचार, चिंताएं भी सामने रखी हैं। मंत्रालय ने कहा कि भारत इस मसले को बातचीत के जरिए सुलझाने के पक्ष में था, जबकि दूसरी तरफ चीन भारत को लगातार युद्ध की धमकी दे रहा था। मामलें के अंत में आखिरकार भारत ने चीन को अपना पक्ष समझाने में कामयाब रहा, जिसकी वजह से अब दोनों ही देश सेना हटाने के लिये राजी हो गये हैं।
क्या और कैसे शुरू हुआ था डोकलाम विवाद
डोकलाम विवाद पहले तो छोटा सा ही लग रहा था लेकिन बीतते वक्त के साथ यह भी बढ़ता गया, जिसकी वजह से युद्ध जैसे हालातों को लेकर दोनों देशों ने तैयारियां करनी शुरू कर दी था, लेकिन गनीमत है कि अब यह मामला रूक गया है। आइये एक नजर डालते है डोकलाम विवाद पर-
सिक्किम में सड़क निर्माण से शुरू हुआ था डोकलाम विवाद। डोकलाम में एक सड़क निर्माण को लेकर भारतीय सशस्त्र बलों और चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के बीच जारी सैन्य सीमा गतिरोध को संदर्भित करता है। आपको बता दें कि 18 जून, 2017 को इस गतिरोध की शुरुआत हुई, जब करीब 300 से 270 भारतीय सैनिक दो बुलडोज़र्स के साथ भारत-चीन सीमा पार कर पीएलए को डोकलाम में सड़क बनाने से रोक दिया। इसके बाद 9 अगस्त, 2017 को, चीन ने दावा किया कि 53 भारतीय सैनिक और एक बुलडोजर अभी भी डोकलाम में हैं, जवाब में भारत ने इस दावे को नकारते हुये कहा था कि उसके अभी भी वहाँ करीब 300-350 सैनिक उपस्थित हैं। हालांकि यह विवाद अब थमता हुआ दिख रहा है।

