अररिया में बाल श्रम के खिलाफ निकला जागरूकता रथ: DM ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना, बोले- बच्चों का स्थान स्कूल में है, मजदूरी में नहीं – Araria News h3>
अररिया में बाल श्रम उन्मूलन और आम लोगों को इसके प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शुक्रवार को जिला प्रशासन की ओर से जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई। इस दौरान समाहरणालय परिसर से जागरूकता रथ को जिला पदाधिकारी विनोद दुहन ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर डीएम ने जिलेवासियों से बाल श्रम के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में प्रशासन और सरकार का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों को मजदूरी से दूर रखकर शिक्षा से जोड़ना समाज के हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। बाल श्रम बच्चों के भविष्य के लिए गंभीर खतरा: डीएम जिला पदाधिकारी विनोद दुहन ने कहा कि बाल श्रम एक गंभीर सामाजिक समस्या है, जो बच्चों के अधिकारों का हनन करती है और उनके भविष्य को प्रभावित करती है। उन्होंने कहा कि किसी भी बच्चे का सही स्थान विद्यालय में है, न कि किसी दुकान, होटल, फैक्ट्री या मजदूरी के काम में। बच्चों को शिक्षा का अवसर मिलना चाहिए, ताकि वे आगे बढ़कर समाज और देश के विकास में योगदान दे सकें। डीएम ने कहा कि बाल श्रम को समाप्त करने के लिए केवल प्रशासनिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। इसके लिए समाज के सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी है। कहीं बाल श्रम दिखे तो तत्काल दें सूचना डीएम ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि कहीं भी किसी बच्चे से मजदूरी कराई जा रही हो या बाल श्रम से जुड़ा कोई मामला सामने आए तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें। उन्होंने कहा कि समय पर सूचना मिलने से ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा सकती है और बच्चों को शोषण से बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को सुरक्षित माहौल, शिक्षा और बेहतर भविष्य देना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में घूमेगा जागरूकता रथ प्रशासन के अनुसार, यह जागरूकता रथ जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण करेगा। इसके माध्यम से लोगों को बाल श्रम के दुष्परिणामों, बच्चों के अधिकारों और शिक्षा के महत्व के बारे में जानकारी दी जाएगी। रथ के जरिए लोगों को यह संदेश दिया जाएगा कि बाल श्रम कानूनन अपराध है और इसे रोकने के लिए समाज को एकजुट होकर प्रयास करना होगा। अभियान के दौरान लोगों को यह भी बताया जाएगा कि बच्चों को काम पर लगाने के बजाय उन्हें स्कूल भेजना जरूरी है। जनभागीदारी से ही बनेगा बाल श्रम मुक्त समाज कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने भी बाल श्रम उन्मूलन के लिए जनसहभागिता को जरूरी बताया। अधिकारियों ने कहा कि जागरूकता बढ़ने से ही समाज में बदलाव आएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने आसपास के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने में सहयोग करें और बाल श्रम जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ आवाज उठाएं। प्रशासन का लक्ष्य बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना जिला प्रशासन का मानना है कि जागरूकता और सामूहिक प्रयासों से बाल श्रम को काफी हद तक खत्म किया जा सकता है। इस अभियान का उद्देश्य केवल लोगों को कानून की जानकारी देना नहीं, बल्कि बच्चों के प्रति समाज की सोच में बदलाव लाना भी है। अररिया में शुरू किया गया यह जागरूकता अभियान आने वाले दिनों में बाल श्रम रोकने और बच्चों को बेहतर भविष्य देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
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