पंजाब में आज थमेगी सरकारी बसों की रफ्तार: कांट्रेक्ट कर्मी करेंगे चक्का जाम, 1000 रूट प्रभावित होंगे; काउंटरों से हटाएंगे बसें – Chandigarh News h3>
पंजाब में आज (10 जून को) सरकारी बसों के पहिए रुक जाएंगे। अपनी लंबित मांगों के चलते पनबस के बाद पंजाब रोडवेज के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी दोपहर से चक्का जाम कर देंगे। पनबस कांट्रेक्ट कर्मी कल से ही हडताल पर चले रहे है। उन्होंने बसें काउंटरों से हटा ली है। 23 जिलों के हजारों लोगों को आज आने-जाने में दिक्कत उठानी पड़ेगी। इस दौरान इंटरस्टेट रूट भी प्रभावित हो सकते है। अब केवल रैगुलर कर्मी ही बसें चलाएंगे। मुलाजिमों का कहना है कि बसों के पहिए पूरी तरह से रोक दिए जाएंगे। इस दौरान लोगों को दिक्कत आती है, तो इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी। हालांकि सरकार की तरफ से इस संघर्ष को टालने के प्रयास किए जा रहे हैं। बसों का बड़ा असर कहां वैसे तो इस हड़ताल का असर पूरे राज्य में पड़ेगा। क्योंकि इस समय पंजाब में गर्मी का सीजन पीक पर है। स्कूलों में छुट्टियां हैं। ऐसे में अधिकतर परिवार घूमने के लिए निकल रहे हैं। इस वजह से उन्हें प्राइवेट बसों पर निर्भर रहना होगा। दूसरी तरफ कुछ जगह कॉलेज जाने वाले स्टूडेंट्स को भी मुश्किल उठानी पड़ सकती है। इस समय एडमिशन की प्रक्रिया चल रही है। अस्पताल जाने वाले मरीज भी प्रभावित होंगे। सबसे ज्यादा असर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों पर पड़ेगा। क्योंकि वहां बसों के रूट सीमित हैं। जबकि पीजीआई जैसे बड़े संस्थानों में माहिर डॉक्टर दिनों के हिसाब से बैठते है। ऐसे ये बसें वहां लाइफलाइन का काम करती हैं। इसके अलावा महिला वर्ग, जिन्हें फ्री में सफर की सुविधा है, उन्हें भी परेशानी उठानी पड़ेगी। हड़ताल से 15 करोड़ तक का नुकसान संभव पंजाब रोडवेज और पनबस की प्रतिदिन की सरकारी कमाई लगभग 2 से 3 करोड़ रुपए के बीच है। वहीं पीआरटीसी (PRTC) की दैनिक आय भी करीब 2.5 से 3 करोड़ रुपये रहती है। ऐसे में यदि 3 दिन का पूर्ण चक्का जाम होता है, तो दोनों उपक्रमों को मिलाकर सरकार को 12 से 15 करोड़ रुपये तक का सीधा वित्तीय नुकसान झेलना पड़ सकता है। पहले हुए आंदोलनों के कारण भी परिवहन निगमों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। क्या कहते हैं मुलाजिम पीआरटीसी व पनबस कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी यूनियन के महासचिव शमशेर सिंह ने बताया कि पिछले महीने से अब तक सरकार की तरफ से तीन बैठकें हो चुकी हैं। इनमें 8 मई, 2 जून और 4 जून शामिल हैं। लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकला है। ऐसे में हमें यह फैसला लेना पड़ा है। हड़ताल में लोगों के पास क्या विकल्प हड़ताल के दौरान पंजाब के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को दिक्कत उठानी पड़ेगी। बाकी सभी जगहों पर अन्य राज्यों और प्राइवेट बसों की सेवा उपलब्ध है, जो कुछ अंतराल के बाद चलती रहती हैं। लेकिन उनमें भीड़ ज्यादा रहने का अनुमान है। ऐसे में लोगों को जल्दी घर से निकलना होगा। इसके अलावा सरकार भी इस हड़ताल को टालने की कोशिश करेगी। क्योंकि आने वाले समय में चुनाव हैं। इसके अलावा सरकार ने आज कैबिनेट मीटिंग भी रखी हुई है।
पंजाब की और खबर देखने के लिए यहाँ क्लिक करे – PunjabNews