करोड़ों का अंडरपास अधूरा, सुरक्षा इंतजाम नदारद: डाबी चमन चौराहे पर बढ़ रहा हादसों का खतरा, ग्रामीणों-व्यापारियों ने उठाई आवाज – Bundi News h3>
बूंदी के डाबी बरड़ क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-27 (NH-27) पर स्थित चमन चौराहे पर करोड़ों रुपए की लागत से प्रस्तावित अंडरपास ब्रिज का निर्माण कार्य लंबे समय से रुका हुआ है। निर्माण स्थल पर बनी सर्विस रोड से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं, लेकिन सड़क सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण यहां हादसों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों, व्यापारियों और वाहन चालकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की है, ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके। कई बड़े शहरों को जोड़ता है NH-27
NH-27 देश के महत्वपूर्ण राजमार्गों में से एक है, जो गुजरात के पोरबंदर, राजकोट, अहमदाबाद सहित राजस्थान के उदयपुर, चित्तौड़गढ़, बूंदी और कोटा जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ता है। इस मार्ग पर रोजाना हजारों छोटे-बड़े और भारी वाहन चलते हैं। इसके बावजूद, डाबी क्षेत्र में सड़क सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं की कमी के कारण वाहन चालकों को जोखिम भरी परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। गहरे गड्ढों की मरम्मत नहीं कराई गई
ग्रामीणों ने बताया कि 2 दिन पहले चमन चौराहे के निकट थड़ी पुलिया कट के पास हुए एक सड़क हादसे में एक महिला की मौत हो गई थी। इस गंभीर घटना के बावजूद, मौके पर बने गहरे गड्ढों की मरम्मत नहीं कराई गई है। सर्विस रोड के बीचों-बीच बने गड्ढे और सड़क के दोनों ओर ढलान होने से रात के समय और बारिश के दौरान वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा नहीं लग पाता। इससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। न संकेतक, न स्पीड ब्रेकर, न रोशनी की व्यवस्था
स्थानीय लोगों का आरोप है कि दुर्घटना संभावित कट पॉइंट्स पर न तो चेतावनी संकेतक लगाए गए हैं और न ही तेज गति से आने वाले वाहनों को नियंत्रित करने के लिए स्पीड ब्रेकर या रंबल स्ट्रिप्स बनाए गए हैं। कई स्थानों पर रिफ्लेक्टर, कैट-आई, डिवाइडर मार्किंग और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था का भी अभाव है। इससे रात्रि में आवागमन और अधिक खतरनाक हो जाता है। टोल वसूली पूरी, सुविधाएं अधूरी
ग्रामीणों और व्यापारियों का कहना है कि डाबी से करीब 8 किलोमीटर दूर टोल प्लाजा पर वाहन चालकों से पूरा टोल वसूला जाता है, लेकिन बदले में सुरक्षित और व्यवस्थित सड़क सुविधा नहीं मिल रही। उनका कहना है कि कोटा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, उदयपुर और अन्य क्षेत्रों से आने-जाने वाले हजारों वाहन चालक प्रतिदिन इस समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों और व्यापारियों ने रखी ये प्रमुख मांगें ग्रामीणों में बढ़ रही नाराजगी
हेमराज सेन, अनिल राठौर, कैलाश सैनी, जीतू राठौर, मुकेश बंजारा, राजेश कुमार, शम्भूलाल राठौर, अरविंद सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि यदि जल्द ही सुरक्षा इंतजाम और निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो क्षेत्रवासियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपए की परियोजना वर्षों से अधूरी पड़ी है और सड़क सुरक्षा भी भगवान भरोसे है। ऐसे में लोगों को लगता है कि संबंधित विभाग केवल टोल वसूली तक सीमित रह गया है, जबकि आमजन की सुरक्षा और सुविधाओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा। कंटेंट: शंकर सिंह डाबी
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