डूंगरी बांध के खिलाफ हुई महापंचायत: कुशालसिंह बाबा देवस्थान पर जुटे 76 गांवों के लोग, आर-पार की लड़ाई का ऐलान – Karauli News

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डूंगरी बांध के खिलाफ हुई महापंचायत:  कुशालसिंह बाबा देवस्थान पर जुटे 76 गांवों के लोग, आर-पार की लड़ाई का ऐलान – Karauli News

डूंगरी बांध के खिलाफ हुई महापंचायत: कुशालसिंह बाबा देवस्थान पर जुटे 76 गांवों के लोग, आर-पार की लड़ाई का ऐलान – Karauli News


डूंगरी बांध परियोजना को रद्द करने की मांग को लेकर कुशालसिंह बाबा देवस्थान पर एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया। इसमें करौली और सवाईमाधोपुर जिलों के प्रभावित क्षेत्रों से बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान और युवा शामिल हुए।
महापंचायत में 76 गांवों के लोगों ने प्रस्तावित बांध के कारण होने वाले विस्थापन को अस्वीकार करते हुए आंदोलन को अंतिम निर्णय तक जारी रखने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि प्रस्तावित बांध से 76 गांवों के हजारों परिवारों के सामने विस्थापन का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन और घर छोड़ने को तैयार नहीं हैं। ‘किसानों की आवाज को अनसुना किया जा रहा’
महापंचायत की अध्यक्षता किशोर सिंह अडूदा ने की। पूर्व अधीक्षण अभियंता आशाराम मीणा ने मांग की कि डूंगरी बांध परियोजना से संबंधित तकनीकी, सामाजिक और पर्यावरणीय तथ्यों को सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने अजनोटी प्रकरण में आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने की भी मांग की, यह कहते हुए कि ट्रैक्टर मार्च शांतिपूर्ण था। हेमराज दीवाकर ने आरोप लगाया कि किसानों और ग्रामीणों की आवाज को अनसुना किया जा रहा है। उन्होंने बनास नदी पर बांध निर्माण के बजाय वैकल्पिक जल प्रबंधन योजनाओं पर विचार करने का सुझाव दिया। विशाल खूबपुरा ने कहा कि डूंगरी बांध और टाइगर रिजर्व जैसी योजनाओं के नाम पर लोगों को उनकी जमीनों से बेदखल करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आंदोलन को गैर-राजनीतिक रखने और एकजुटता बनाए रखने का आह्वान किया। ‘जल, जंगल और जमीन बचाने की लड़ाई’
मुकेश भू-प्रेमी ने बताया कि परियोजना से संबंधित जानकारी अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। प्रहलाद दीवानपुरा ने इस संघर्ष को जल, जंगल और जमीन बचाने की लड़ाई बताया। पूर्व आईएएस पी.आर. मीणा ने संघर्ष समिति को मजबूत करने और सभी प्रभावित गांवों को संगठित रहने की आवश्यकता पर बल दिया। महापंचायत के बाद,एक प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम पंकज बडगूजर को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में डूंगरी बांध परियोजना को निरस्त करने और आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग की गई।
इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। इस महापंचायत में विभिन्न गांवों के जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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