एंट्री टैक्स का विरोध, 4 घंटे चक्का जाम का ऐलान: हिमाचल से सटी पंजाब-हरियाणा सीमाओं पर ट्रैफिक रहेगा बाधित, किसानों ने कटौती को बताया नाकाफी – Pathankot News

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एंट्री टैक्स का विरोध, 4 घंटे चक्का जाम का ऐलान:  हिमाचल से सटी पंजाब-हरियाणा सीमाओं पर ट्रैफिक रहेगा बाधित, किसानों ने कटौती को बताया नाकाफी – Pathankot News

एंट्री टैक्स का विरोध, 4 घंटे चक्का जाम का ऐलान: हिमाचल से सटी पंजाब-हरियाणा सीमाओं पर ट्रैफिक रहेगा बाधित, किसानों ने कटौती को बताया नाकाफी – Pathankot News

हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा अन्य राज्यों के आने वाले लोगों पर लगाए गए ‘एंट्री टैक्स’ (प्रवेश कर) के खिलाफ असंतोष बढ़ता जा रहा है। किसान संगठनों, व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों और नागरिक समाज समूहों के एक गठबंधन ने आज पंजाब-हरियाणा-हिमाचल सीमाओं पर स्थित

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यह फैसला नूरपुर बेदी में ‘हिमाचल एंट्री टैक्स विरुद्ध संघर्ष समिति’ के बैनर तले आयोजित एक बैठक में लिया गया, जिसमें प्रमुख सामाजिक और व्यापारिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने पंजाब में प्रवेश करने वाले हिमाचल के वाहनों पर भी म्यूचुअल कर लगाने की मांग की है।

अब जानें चक्का जाम और मुख्य बातें:

  • समय और स्थान: यह नाकाबंदी सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक निर्धारित है, जो हिमाचल प्रदेश को पंजाब और हरियाणा से जोड़ने वाले मुख्य मार्गों पर लगाए जाएंगे।
  • समर्थन देने वाले संगठन: इस विरोध प्रदर्शन को पंजाब मोर्चा, कीर्ति किसान मोर्चा, शेर-ए-पंजाब किसान यूनियन और बीकेयू (बेहरामके) जैसे संगठनों का समर्थन प्राप्त है। बाबा अच्छर सिंह महाकाल के नेतृत्व वाले निहंग समूहों ने भी अपना समर्थन दिया है।
  • विरोध का कारण: यह आंदोलन हिमाचल प्रदेश के वर्ष 2026-27 के संशोधित टोल और एंट्री टैक्स ढांचे के कारण शुरू हुआ है।
  • टैक्स में बढ़ोतरी का गणित: हिमाचल प्रदेश टोल एक्ट, 1975 के तहत, राज्य सरकार ने 1 अप्रैल से हल्के मोटर वाहनों के लिए प्रवेश शुल्क 70 रुपए से बढ़ाकर 170 रुपए करने का प्रस्ताव दिया था। केंद्र सरकार द्वारा राजस्व घाटा अनुदान बंद किए जाने के बाद, वित्तीय तनाव का हवाला देते हुए कमर्शियल वाहनों के लिए यह शुल्क बसों के लिए 600 रुपए और भारी माल वाहनों के लिए 900 रुपए प्रति दिन तक तय किया गया था।
  • पहले भी हुए थे प्रदर्शन: इस बढ़ोतरी के कारण पहले भी विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिससे नंगल-ऊना मार्ग (मेहतपुर टोल प्लाजा के पास) और चंडीगढ़-मनाली राजमार्ग (कीरतपुर साहिब) जैसे प्रमुख कॉरिडोर पर चक्का जाम हुआ और यातायात बाधित हुआ।

सरकार का आंशिक रोलबैक

भारी दबाव के बाद, हिमाचल सरकार ने बाद में यात्री वाहनों के लिए टोल घटाकर 100 रुपए प्रति दिन कर दिया और यह दर 12 सीटों तक की क्षमता वाले गैर-हिमाचली वाहनों पर भी लागू कर दी। इसके अलावा, टोल प्लाजा के 5 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय निवासियों को रियायती टोकन की पेशकश की गई।

प्रदर्शनकारी क्यों हैं असंतुष्ट?

प्रदर्शनकारी इस आंशिक कटौती से संतुष्ट नहीं हैं। पंजाब मोर्चा के अध्यक्ष गौरव राणा ने कहा कि यह रोलबैक नाकाफी है। ऐसी भी शिकायतें हैं कि संशोधित आदेशों के बावजूद ठेकेदार अभी भी अधिक दरें वसूल रहे हैं। हमारी मांग है कि एंट्री टैक्स को पूरी तरह से वापस लिया जाए।

संघर्ष समिति ने आरोप लगाया है कि एनएचएआई की सड़कों पर टोल बैरियर अवैध हैं। नंगल के एडवोकेट उताश मोगा ने पंजाब में प्रवेश करने वाले हिमाचल सरकार और निजी वाहनों पर पारस्परिक कर लगाने का एक मसौदा प्रस्ताव भी जारी किया है।

आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी

नेताओं ने इस टैक्स को जनविरोधी बताते हुए कहा कि इससे व्यापारी, ट्रांसपोर्टर, किसान, उद्योग और आम यात्री बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस टैक्स को खत्म नहीं किया गया, तो आंदोलन तेज किया जाएगा, जिसमें संभावित बहिष्कार और स्थायी चेकपोस्ट बनाना शामिल है। हालांकि, उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि आज का प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा।

यात्रियों के प्रभावित होने की संभावना

हिमाचल प्रदेश सरकार ने इस प्रस्तावित ब्लॉक-डे (नाकाबंदी) पर फिलहाल कोई नया बयान जारी नहीं किया है। सीमावर्ती इलाकों में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए, आज लाखों यात्रियों के प्रभावित होने की पूरी संभावना है।

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