मिलावटखोरों पर बड़ी कार्रवाई, 2 हजार किलो सड़ी-गली सब्जियां-फल नष्ट: ‘शुद्ध आहार, मिलावट पर वार’ में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई – Beawar News h3>
राजस्थान सरकार के ‘शुद्ध आहार, मिलावट पर वार’ अभियान के तहत ब्यावर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों और खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले व्यापारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। औचक निरीक्षण के दौरान एक प्रतिष्ठान से करीब 2000 किलोग्राम सड़ी-गली और बदबूदार फल-सब्जियां जब्त कर मौके पर ही नष्ट करवाई गईं। इसके अलावा केला, आम, सेब, टमाटर, बैंगन, लहसुन और पपीते के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। औचक निरीक्षण में मिली गंभीर अनियमितताएं यह कार्रवाई आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण जयपुर तथा जिला कलक्टर कगल राम मीणा के निर्देशन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय गहलोत के मार्गदर्शन में की गई। खाद्य सुरक्षा दल ने गजानन्द केला सप्लायर्स, बालाजी फ्रूट कंपनी, एन.के. फ्रूट कंपनी और लक्की सब्जी मंडी प्राइवेट लिमिटेड का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान लक्की सब्जी मंडी प्राइवेट लिमिटेड में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। यहां बिक्री के लिए रखी गई लगभग 2000 किलोग्राम सड़ी-गली और दुर्गंधयुक्त फल-सब्जियां पाई गईं, जिन्हें आमजन के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मौके पर ही नष्ट करवा दिया गया। फल-सब्जियों के नमूने जांच के लिए भेजे कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा दल ने केला, आम, सेब, टमाटर, बैंगन, लहसुन और पपीते के नमूने एकत्र कर जांच के लिए अजमेर स्थित प्रयोगशाला भेजे। अधिकारियों ने सभी फल एवं सब्जी विक्रेताओं को नियमित रूप से पेस्टिसाइड लैब जांच करवाने तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्रतिबंधित रसायनों के उपयोग पर सख्त चेतावनी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने व्यापारियों को फलों को पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड जैसे प्रतिबंधित रसायनों का उपयोग नहीं करने की सख्त चेतावनी दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ऐसा पाए जाने पर संबंधित व्यापारियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी नारायण सिंह ने बताया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा केवल एथिलीन गैस अथवा निर्धारित मानकों के अनुरूप एथेफोन सैशे के उपयोग की अनुमति है, जो फलों को सुरक्षित और प्राकृतिक तरीके से पकाने में सहायक होते हैं। रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई निरीक्षण के दौरान लिए गए सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि किसी नमूने में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित व्यापारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभियान रहेगा जारी खाद्य सुरक्षा विभाग ने बताया कि गर्मी के मौसम को देखते हुए यह अभियान लगातार जारी रहेगा। आगामी चरण में आइसक्रीम, शीतल पेय, शर्बत तथा मौसमी फलों जैसे तरबूज, आम, पपीता और केले की विशेष जांच की जाएगी, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके। आमजन से सतर्क रहने की अपील मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय गहलोत ने नागरिकों से फल एवं सब्जियां खरीदते समय सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता फलों को उपयोग से पहले अच्छी तरह धोएं तथा अत्यधिक चमकीले, असामान्य रंग वाले या काले धब्बों वाले फलों की खरीद से बचें। प्राकृतिक रूप से पके फल स्वास्थ्य के लिए अधिक सुरक्षित और लाभकारी होते हैं।
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