जलसंकट पर बोले सिंघार, भाषण नहीं पीने का पानी चाहिए: प्रदेश में पांच लाख करोड़ का कर्ज, पीने का पानी तक नहीं दे पा रही सरकार – Bhopal News h3>
प्रदेश के इंदौर, भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, रीवा, सतना, मुरैना, शिवपुरी, खरगोन, बड़वानी और धार समेत अन्य जिलों में जल संकट की गंभीर स्थिति को देखते हुए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर हमला बोला है। सिंघार ने कहा है कि एमपी की जनता भाषण नहीं पीने का मांग रही है। जीने का अधिकार मांग रही है। मोहन यादव जागो प्रदेश की जनता की प्यास बुझाओ। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार है एमपी में बीजेपी की लेकिन प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से डराने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं। बच्चों को गड्ढों में उतरकर जान जोखिम में डालकर पानी लाना पड़ रहा है। मासूम जान जोखिम में डालकर गड्ढों से पानी निकाल रहे सिंघार ने जल संकट पर बयान जारी कर कहा है कि मध्यप्रदेश में आज सबसे बड़ा संकट सिर्फ गर्मी का नहीं, बल्कि पानी और जीवन का संकट है। आदिवासी क्षेत्रों, बुंदेलखंड और महाकौशल से भयावह तस्वीरें सामने आ रही हैं। महिलाएं और बच्चे कई किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर हैं, जबकि कई जगह मासूम अपनी जान जोखिम में डालकर गड्ढों से पानी निकाल रहे हैं। सरकार ने वर्ष 2024 -26 में “जल जीवन मिशन” के लिए लगभग 25 हजार करोड़ रुपए और “ग्रामीण जल नल योजना” के लिए 490 करोड़ रुपए के प्रावधान का दावा किया था, लेकिन जमीन पर जनता बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही है। पांच लाख करोड़ का कर्ज पर पीने का पानी नहीं मिल रहा सिंघार ने कहा कि प्रदेश पर 5 लाख करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज है, फिर भी लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा। सरकार लगातार कर्ज ले रही है। सच्चाई यह है कि सिर्फ इवेंट मैनेजमेंट में व्यस्त है। जनता मूलभूत जरूरतों के लिए परेशान है। हजारों करोड़ खर्च हुए तो पानी कहां है, यह जनता पूछ रही है। मुख्यमंत्री सुनें, जनता को विज्ञापन नहीं, पानी चाहिए। जनता को भाषण नहीं, जीने का अधिकार चाहिए। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी दी थी कि इस बार गर्मी ज्यादा पड़ेगी लेकिन सरकार ने कोई व्यवस्था नहीं की, कोई ध्यान नहीं दिया।