हरदा में प्रदर्शन करने वाले 10 किसानों को समन: 34 घंटे तक धरना दिया था; पेशी में नहीं आए तो जारी होगा गिरफ्तारी वारंट – Harda News

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हरदा में प्रदर्शन करने वाले 10 किसानों को समन:  34 घंटे तक धरना दिया था; पेशी में नहीं आए तो जारी होगा गिरफ्तारी वारंट – Harda News

हरदा में प्रदर्शन करने वाले 10 किसानों को समन: 34 घंटे तक धरना दिया था; पेशी में नहीं आए तो जारी होगा गिरफ्तारी वारंट – Harda News


हरदा के जिला पंचायत परिसर में 34 घंटे तक धरना देने वाले 10 किसानों पर तहसीलदार कोर्ट ने एक्शन लिया है। कोर्ट ने सभी को समन जारी कर 29 मई को सुबह 10 बजे उपस्थित होने का आदेश दिया है। नोटिस में सख्त चेतावनी दी गई है कि तय समय पर उपस्थित न होने की दशा में गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाएगा। प्रशासन ने इस प्रदर्शन को लोक व्यवस्था भंग करने और शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने वाला आपराधिक कृत्य माना है। मामला मंगलवार को जिला पंचायत भवन में हुए किसानों के उग्र प्रदर्शन से जुड़ा है। ग्राम अबगांवकलां के किसान अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में गेहूं भरकर जिला पंचायत पहुंचे थे। किसानों का आरोप था कि जिले के करीब 9 हजार किसानों का स्लॉट बुक नहीं हो पाया है, जिससे वे समर्थन मूल्य (MSP) पर अपना गेहूं नहीं बेच पा रहे हैं। इसी से नाराज होकर किसानों ने जिला पंचायत के मुख्य गेट पर करीब 34 घंटे तक धरना दिया और प्रशासन व मुख्यमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कलेक्टर के आश्वासन के बाद स्थगित हुआ था धरना
बुधवार सुबह जिला पंचायत की महिला कर्मचारियों व अन्य लोगों ने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की वजह से पार्किंग और आवागमन में हो रही असुविधा की शिकायत की थी। इसके बाद सिटी और सिविल लाइन टीआई करीब 50 पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। दिनभर तहसीलदार, एसडीएम, एएसपी और संयुक्त कलेक्टर ने किसानों को समझाने की कोशिश की, लेकिन शाम तक कोई हल नहीं निकला। आखिरकार, बुधवार रात कलेक्टर सिद्धार्थ जैन से मुलाकात के बाद किसानों ने अपना धरना स्थगित कर दिया था। पूर्व मंत्री के भाई और नेताओं का मिला था समर्थन
किसानों के इस प्रदर्शन को पूर्व कृषि मंत्री कमल पटेल के छोटे भाई रामशंकर पटेल, पूर्व नपाध्यक्ष हेमंत टाले और जिलाध्यक्ष मोहन सांई का भी खुला समर्थन मिला था। राजनीतिक दखल के चलते मामले की गूंज भोपाल तक पहुंच गई थी। हालांकि, पूर्व मंत्री के भाई रामशंकर पटेल धरना स्थल पर पहुंचने के करीब एक घंटे बाद ही वहां से लौट गए थे। 29 मई की बैठक में तय होगी आगे की रणनीति
महासंघ के रामजीवन बाष्ट ने बताया कि गुरुवार को ईद का अवकाश होने के कारण कोई कदम नहीं उठाया गया। अब 29 मई को किसानों की एक अहम बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में सभी से चर्चा कर आगे की रणनीति तय की जाएगी, ताकि उपज बेचने से वंचित 9 हजार किसानों को लाभ मिल सके। इन 10 लोगों को जारी हुआ है समन
तहसीलदार कोर्ट ने तहसील हंडिया के ग्राम अबगॉव कलाँ निवासी 10 लोगों को समन भेजा है। ये सभी जाट समाज से हैं…

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