शॉर्टेज के डर से उपभोक्ता एजेंसी पहुंच रहे: सतना में 7 हजार से अधिक बुकिंग पेंडिंग; 8% तक महंगा हो सकता है रेस्टोरेंट में खाना – Satna News h3>
सतना शहर में खाड़ी देशों में जारी अशांति के कारण ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका से घरेलू एलपीजी सिलेंडर के लिए उपभोक्ताओं में होड़ मच गई है। गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लगी हैं और केवल ऑनलाइन बुकिंग वाले उपभोक्ताओं को ही सिलेंडर मिल रहे हैं। वहीं, कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित होने से रेस्टोरेंट संचालक डीजल भट्टी का उपयोग कर रहे हैं, जिसके चलते खाने-पीने की चीजें 7 से 8 प्रतिशत तक महंगी होने की संभावना है। गैस एजेंसियों द्वारा बुक किए गए सिलेंडरों की होम डिलीवरी की जा रही है, लेकिन यह सुविधा केवल ऑनलाइन बुकिंग करने वालों को ही मिल रही है। एजेंसी संचालक मोबाइल पर ऑनलाइन बुकिंग और ओटीपी देखने के बाद ही उपभोक्ताओं को सिलेंडर दे रहे हैं। डिलीवरी में 5 से 6 दिन का समय लगने का दावा किया जा रहा है। इसी देरी के कारण उपभोक्ता सीधे एजेंसी कार्यालयों पर पहुंच रहे हैं। पेंडिंग बुकिंग 7 हजार, रोज मिल रहे 3500 सिलेंडर आईओसी के अधिकारी सुखवीर सिंह ने बताया कि दो दिन पहले तक घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग 8 से 10 हजार तक पहुंच गई थी। उन्होंने बताया कि अब लंबित बुकिंग लगभग 6.5 से 7 हजार के करीब रह गई है। जिले में प्रतिदिन 3.5 हजार सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है। अधिकारी के अनुसार, सर्वर में आई तकनीकी कमी को भी अब पूरी तरह से ठीक कर लिया गया है। रेस्टोरेंट संचालक बोले- अधिक ईंधन वाले आइटम होंगे बंद व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति बंद होने का सबसे ज्यादा असर शहर के होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों पर पड़ा है। रेस्टोरेंट कारोबार से जुड़े मनोहर वाधवानी ने बताया, “डीजल या कोयला की भट्टी से खाद्य सामग्री बनाना बहुत महंगा पड़ता है।” उन्होंने कहा, “जिन आयटमों को बनाने में अधिक ईधन लगता है उन्हे बंद करना पड़ेगा। ईधन के तौर पर अब वायलर, इलेक्ट्रिक और डीजल भट्टी का उपयोग शुरू कर दिया है। पुरानी भट्टियों की रिपेयरिंग कराई है।” खाद्य अधिकारी ने किया होटलों का औचक निरीक्षण संकट के बीच खाद्य अधिकारी सम्यक जैन ने शुक्रवार को शहर के आधा दर्जन से अधिक छोटे-बड़े होटलों और रेस्टोरेंट का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने मुख्य रूप से यह जांचा कि कहीं व्यावसायिक एलपीजी की जगह घरेलू सिलेंडर का उपयोग तो नहीं किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान टीम ने गैस एजेंसियों का भी जायजा लिया और वहां कतार में लगे उपभोक्ताओं से बातचीत की।