शंका व साजिश में की थी मां-भाई की हत्या: संपत्ति की जंग में रिश्ते तार-तार, आरोपी के बेटे ने दी दादी को मुखग्नि – Mirzapur News h3>
मड़िहान थाना क्षेत्र में हुए डबल मर्डर की परतें खुलती जा रही हैं। यह मामला अब सिर्फ दो हत्याओं तक सीमित नहीं, बल्कि शक, साजिश और संपत्ति की उस लड़ाई की कहानी बन चुका है, जिसमें एक पूरा परिवार तबाह हो गया। कभी सात्विक जीवन जीने वाला, लहसुन-प्याज तक न खाने वाला राहुल आज सलाखों के पीछे है और उस पर सौतेली मां व भाई की बेरहमी से हत्या का आरोप है। स्थानीय लोगों के मुताबिक राहुल पिछले करीब 10 वर्षों से परिवार की खुशहाली के लिए घर से दूर रहकर जीवन यापन कर रहा था। पिता प्रेमचंद की आज्ञा का पालन करने वाला राहुल लोगों के बीच बैठकर अक्सर कहता था कि वह अपने हिस्से की संपत्ति दान कर देगा। लेकिन 30 अक्टूबर 2023 को पिता की मौत के बाद हालात तेजी से बदलने लगे। शक ने ली साजिश की शक्ल पिता के निधन के बाद परिवार में सक्रिय हुए कथित सलाहकारों ने अविश्वास का बीज बोना शुरू किया। राहुल को ही परिवार के लिए खतरा बताया जाने लगा। संपत्ति से बेदखल करने के लिए उसका नाम पहले परिवार रजिस्टर से कटवाया गया। इसके बाद उस पर हत्या की आशंका जताते हुए सौतेली मां ऊषा गुप्ता ने थाने में तहरीर दी। पुलिस ने दोनों पक्षों का एक साल पहले चालान भी किया। इतना ही नहीं, विरोधियों की मंशा राहुल को किसी तरह जेल भेजने की थी, ताकि संपत्ति की राह से आखिरी अड़चन हट सके। इसी कड़ी में उस पर छेड़खानी जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए, लेकिन पुलिस जांच में वे टिक नहीं पाए। शकुनि की चाल और 14 जनवरी की काली रात शंका और अविश्वास रूपी ‘शकुनि’ स्वार्थ की बिसात पर चाल चलता रहा। आखिरकार 14 जनवरी की रात वह भयावह मोड़ आ गया, जब सौतेली मां ऊषा गुप्ता और भाई आयुष की हत्या कर दी गई। आरोप है कि राहुल ने दोनों को मौत के घाट उतार दिया और शव ठिकाने लगाने की कोशिश के दौरान पकड़ा गया। 14 जनवरी की सुबह दोनों सूर्योदय नहीं देख सके। अंतिम संस्कार में भी टूटा रिश्ता दो लोगों की मौत के बाद जब राहुल जेल गया, तो आयुष की दिवंगत पत्नी पिंकी के 7 वर्षीय बेटे ओम गुप्ता ने मुखाग्नि दी। ओम जिगना स्थित अपने ननिहाल में रहता है। करीब 48 किलोमीटर दूर से आकर उसने अंतिम संस्कार की रस्में निभाईं और फिर वापस ननिहाल लौट गया। पिंकी की रहस्यमयी मौत से शुरू हुआ बिखराव बताया जाता है कि परिवार पर कहर पिंकी की रहस्यमयी मौत के बाद ही टूट पड़ा था। उसका अंतिम संस्कार आनन-फानन में वाराणसी में किया गया था। ससुराल पक्ष के आरोपों के चलते ऊषा गुप्ता और आयुष को करीब एक साल जेल में रहना पड़ा। आयुष नशा मुक्ति केंद्र भी गया। बाद में समझौते के तहत रिहाई हुई। नाबालिग ओम गुप्ता को 21 बिस्वा जमीन और शहर का मकान दिया गया। संपत्ति की जंग अभी खत्म नहीं अब चर्चा है कि संपत्ति को लेकर एक बार फिर नई चाल चली जा रही है। राहुल से मकान खरीदने वाले व्यक्ति को भी हत्यारोपी बताते हुए थाने में तहरीर दी गई है। पुलिस हर पहलू की गहन जांच कर रही है। पिंकी की मौत के बाद परिवार बिखरता गया—आयुष नशे का आदी बन गया और राहुल पारिवारिक साजिशों के बीच हत्या के आरोप में जेल पहुंच गया। यह मामला अब सवाल बन गया है कि आखिर शक और लालच की इस लड़ाई में अगला शिकार कौन होता?
उत्तर प्रदेश की और खबर देखने के लिए यहाँ क्लिक करे – Uttar PradeshNews