इंदौर में मौतें हो रही थीं…जिम्मेदार झूला झूल रहे थे: अब सभी जांच की बात कर रहे; दूषित पानी से 8 लोगों की जान गई – Indore News h3>
इंदौर के भागीरथपुरा में गंदा पानी पीने से अब तक 8 लोगों की मौत हो गई है। इन मौतों के लिए जिम्मेदारों को चार महीने तक यह पता ही नहीं चला कि लोग दूषित पानी पीकर बीमार पड़ रहे हैं। मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जो दवाइयां मेड
.
जब भागीरथपुरा में दूषित पानी से लोगों की मौत हो रही थी, तो नेता आयोजनों में व्यस्त थे। दूषित पानी का मामला सामने आने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की आयोजनों में शामिल होने की तस्वीरें सामने आईं।
इलाके के पार्षद कमल वाघेला का झूला झूलते वीडियो आया, वहीं जलकार्य प्रभारी बबलू शर्मा का आयोजन में खाना परोसते फोटो सामने आया। ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर अब चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
8 मौतों के ये रहे 8 जिम्मेदार
- दिलीप यादव, निगमायुक्त: गंदे पानी की शिकायतों को अनदेखा किया। टेंडर प्रक्रिया पर निगरानी सही नहीं।
- रोहित सिसोनिया, अपर आयुक्त: अगस्त में टेंडर हुए थे, उन्हें रोक कर रखा। शिकायतें अनसुनी।
- संजीव श्रीवास्तव, प्रभारी: गंदे पानी की शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की, अब लोकेज खोजने निकले।
- पुष्यमित्र भार्गव, महापौर: पार्षद की लगातार शिकायतों पर कोई कदम नहीं उठाया।
- बबलू शर्मा, जलकार्य प्रभारी: लगातार दूषित पानी सप्लाई होने के बावजूद ध्यान नहीं दिया।
- कमल वाघेला, पार्षद: चार महीने तक क्षेत्र की परेशानी पर त्वरित निर्णय नहीं लिया।
- शुभम श्रीवास्तव, उपयंत्री (जोन चार): टंकी और जल वितरण, दूषित जल का निराकरण।
- योगेश जोशी, सहायक यंत्री: इंदौर 311 हेल्पलाइन पर आने वाली जल शिकायतों के अनुसार लीकेज की मरम्मत।
अब सभी कर रहे जांच और मरम्मत की बातें
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि जिस लाइन का टेंडर सातवें महीने में स्वीकृत हुआ था, उसमें देरी क्यों हुई इसकी जांच होगी। कमल वाघेला ने बताया कि डिस्ट्रीब्यूशन लाइन के टेंडर सोमवार को खुल चुके हैं और मेन लाइन बदलने का वर्कऑर्डर हो चुका है।
रोहित सिसोनिया ने कहा कि वार्ड में प्रस्तावित कार्यों में मैन लाइन और डिस्ट्रीब्यूशन लाइन के कार्य दो महीने में पूरा हो जाएंगे। नगर निगम आयुक्त दिलीप यादव ने कहा कि मरम्मत का काम शुरू हो गया है। मरम्मत के बाद फ्लशिंग, क्लोरीनेशन और सैंपल टेस्टिंग की जाएगी। जनता के स्वास्थ्य के साथ कोई समझौता नहीं होगा।
मौतों के बीच महापौर की चाय चर्चा
भागीरथपुरा में दूषित जल से फैली बीमारी और मौतों के बीच महापौर पुष्यमित्र भार्गव सचिवालय पर सामयिक विषयों पर चाय पर चर्चा करते नजर आए। इस दौरान बाहर युवा कांग्रेसियों ने विरोध प्रदर्शन किया। महापौर ने एक दिन पहले मीडिया को चाय पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया था।
हालांकि, भागीरथपुरा कांड ने चर्चा का एजेंडा बदल दिया। सचिवालय में हुई चर्चा में महापौर और जलकार्य प्रभारी बबलू शर्मा ने जिम्मेदारी निगम अधिकारियों पर डाल दी और कहा कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
युवा कांग्रेस के अध्यक्ष अमित पटेल, पूर्व अध्यक्ष स्वप्निल कांबले, और कार्यकर्ता विरोध में मौजूद रहे। कांग्रेसियों ने गंदे पानी से भरी बोतलें लेकर प्रदर्शन किया और कहा कि महापौर को जनता की जान से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए, न कि चाय पर चर्चा।
ये खबर भी पढ़ें…
देश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर…दूषित पानी से 8 मौतें
देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से 3 और लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। इसके साथ ही अब तक कुल 8 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक पुरुष भी शामिल है।
हालांकि, शासन ने अब तक तीन मौतों की ही आधिकारिक पुष्टि की है। इनमें नंदराम (70), उर्मिला (60) और ताराबाई कोरी (70) शामिल हैं। बताया गया है कि इन तीनों की मौत डायरिया से हुई है। अभी अलग-अलग अस्पतालों में 111 लोग भर्ती हैं। पूरी खबर पढ़ें…
