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Bihar News: एनटीपीसी कहलगांव में बायोमास को-फायरिंग कार्यशाला, कृषि अवशेषों से 28 गीगावॉट बिजली संभव

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Bihar News: एनटीपीसी कहलगांव में बायोमास को-फायरिंग कार्यशाला, कृषि अवशेषों से 28 गीगावॉट बिजली संभव

Bihar News: एनटीपीसी कहलगांव में बायोमास को-फायरिंग कार्यशाला, कृषि अवशेषों से 28 गीगावॉट बिजली संभव

एनटीपीसी कहलगांव स्थित अंग भवन में शनिवार को समर्थ मिशन के सहयोग से बायोमास को-फायरिंग विषय पर क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस मिशन के तहत देश के तमाम तापीय विद्युत संयंत्रों में बायोमास के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। कार्यशाला में समर्थ मिशन के निदेशक रवि प्रकाश अग्रवाल ने बताया कि बायोमास को-फायरिंग नीति के तहत देश के ऊर्जा संयंत्रों में कृषि अवशेषों से 28 गीगावॉट बिजली उत्पादन संभव है। इस मिशन के अंतर्गत देश के सभी विद्युत परियोजनाओं में इसका प्रयोग किया जा रहा है।

केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के के जीतेश श्रीवास ने कहा कि देश के 14 परियोजनाओं में ऊर्जा उत्पादन के लिए बायोमास पीलेट्स का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि केवल कृषि अवशेष ही नहीं, नगर निकायों के सूखे कचरे का भी ऊर्जा उत्पादन में उपयोग किया जा रहा है।

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जिलाधिकारी भागलपुर डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि खेतों में पराली जलाने से माइक्रो बैक्टीरिया नष्ट हो रहे हैं, जिससे खेती की उर्वरा शक्ति कम हो रही है और पैदावार घट रही है। इसके परिणामस्वरूप किसानों को अधिक मात्रा में खाद का उपयोग करना पड़ रहा है। डीएम ने कृषि विभाग एवं एनटीपीसी से समन्वय बनाकर किसानों के हित में काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जो किसान कृषि अवशेष बेचने के लिए सक्रिय हैं, उनका पंजीकरण कर उनसे संपर्क किया जाना चाहिए। उन्होंने बायोमास को पर्यावरण संरक्षण, किसानों की आय में वृद्धि और सतत विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने का प्रभावी माध्यम बताया।

 

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कार्यशाला का शुभारंभ एनटीपीसी परियोजना प्रमुख रविंद्र पटेल और डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी ने दीप प्रज्वलित कर किया। एनटीपीसी परियोजना के हेड रविंद्र पटेल ने कहा कि यह कार्यशाला केवल तकनीकी वर्कशॉप नहीं है, बल्कि ग्रामीण आजीविका को सशक्त करने, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यशाला में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक विजय गोयल भी जुड़े हुए थे। मौके पर एनटीपीसी के वरिष्ठ महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, जिला प्रशासन के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में किसान और युवा उपस्थित थे।

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