गाजीपुर में खाद केलिए किसानों की लंबी कतार: कृषि विभाग दावा- जिले में उर्वरक की कमी नहीं, पीओएस-मशीन के सर्वर की खराबी से लाइन – Ghazipur News h3>
कृपा कृष्ण | गाजीपुर3 मिनट पहले
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गाजीपुर में बीते दिनों शहर से लेकर गांव तक की तमाम सहकारी समितियों पर खाद के लिए किसानों की भीड़ नजर आई। सोमवार को रेलवे स्टेशन के पास स्थित सरकारी समिति पर किसानों की लंबी कतार देखी गई। किसानों ने कई घंटों के इंतजार के बाद केवल एक बोरी खाद मिलने की शिकायत की।
दैनिक NEWS4SOCIALमें इस खबर के प्रकाशित होने के कुछ घंटों बाद ही कृषि विभाग ने तत्काल कार्रवाई की। विभाग ने एक आधिकारिक पत्र जारी किया। इस पत्र में स्पष्ट किया गया कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं है। कृषि विभाग ने किसानों की लंबी कतारों के संबंध में भी अपना पक्ष रखा।
जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार ने जारी पत्र में बताया कि जनपद में खाद की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि 24 अगस्त को रेलवे स्टेशन के पास डीसीएफ-1 और डीसीएफ-2 पर किसानों की भीड़ जमा हो गई थी। इससे पहले 23 अगस्त को 240 बोरी उर्वरक का वितरण किया गया था। साथ ही 80 किसानों को टोकन दिए गए थे, जिन्हें 25 अगस्त को बुलाया गया था।
तीन तस्वीरों में देखिए खाद के लिए परेशान किसान…
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कृषि अधिकारी ने बताया कि रेलवे स्टेशन के पास होने और सुबह के समय पीओएस मशीन के सर्वर में तकनीकी खराबी के कारण किसानों की भीड़ जमा हो गई थी। हालांकि, शाम 5 बजे तक डीसीएफ-1 और डीसीएफ-2 पर 400 बोरी यूरिया का वितरण कर दिया गया। वहां अभी भी 750 बोरी यूरिया उपलब्ध है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जनपद में उर्वरकों की आपूर्ति लगातार जारी है और किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार ने बताया कि किसानों को एक सप्ताह पहले इफको से 2600 मीट्रिक टन यूरिया मिला है। इसका वितरण सहकारी समितियों के माध्यम से किया जा रहा है। 24 अगस्त को पीपीएल कंपनी से 670 मीट्रिक टन डीएपी और एनएफएल से 213 मीट्रिक टन टीएसपी प्राप्त हुआ है। सत्यापन के बाद इनका वितरण किया जाएगा।
26अगस्त को जीएसएफसी और इंडोरामा से 1110 मीट्रिक टन यूरिया जनपद को मिलेगा। जिलाधिकारी के निर्देश पर थोक और फुटकर उर्वरक विक्रेताओं की जांच चल रही है। अब तक 113नमूने लिए गए हैं।
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कृपा कृष्ण | गाजीपुर3 मिनट पहले
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गाजीपुर में बीते दिनों शहर से लेकर गांव तक की तमाम सहकारी समितियों पर खाद के लिए किसानों की भीड़ नजर आई। सोमवार को रेलवे स्टेशन के पास स्थित सरकारी समिति पर किसानों की लंबी कतार देखी गई। किसानों ने कई घंटों के इंतजार के बाद केवल एक बोरी खाद मिलने की शिकायत की।
दैनिक NEWS4SOCIALमें इस खबर के प्रकाशित होने के कुछ घंटों बाद ही कृषि विभाग ने तत्काल कार्रवाई की। विभाग ने एक आधिकारिक पत्र जारी किया। इस पत्र में स्पष्ट किया गया कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं है। कृषि विभाग ने किसानों की लंबी कतारों के संबंध में भी अपना पक्ष रखा।
जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार ने जारी पत्र में बताया कि जनपद में खाद की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि 24 अगस्त को रेलवे स्टेशन के पास डीसीएफ-1 और डीसीएफ-2 पर किसानों की भीड़ जमा हो गई थी। इससे पहले 23 अगस्त को 240 बोरी उर्वरक का वितरण किया गया था। साथ ही 80 किसानों को टोकन दिए गए थे, जिन्हें 25 अगस्त को बुलाया गया था।
तीन तस्वीरों में देखिए खाद के लिए परेशान किसान…
कृषि अधिकारी ने बताया कि रेलवे स्टेशन के पास होने और सुबह के समय पीओएस मशीन के सर्वर में तकनीकी खराबी के कारण किसानों की भीड़ जमा हो गई थी। हालांकि, शाम 5 बजे तक डीसीएफ-1 और डीसीएफ-2 पर 400 बोरी यूरिया का वितरण कर दिया गया। वहां अभी भी 750 बोरी यूरिया उपलब्ध है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जनपद में उर्वरकों की आपूर्ति लगातार जारी है और किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार ने बताया कि किसानों को एक सप्ताह पहले इफको से 2600 मीट्रिक टन यूरिया मिला है। इसका वितरण सहकारी समितियों के माध्यम से किया जा रहा है। 24 अगस्त को पीपीएल कंपनी से 670 मीट्रिक टन डीएपी और एनएफएल से 213 मीट्रिक टन टीएसपी प्राप्त हुआ है। सत्यापन के बाद इनका वितरण किया जाएगा।
26अगस्त को जीएसएफसी और इंडोरामा से 1110 मीट्रिक टन यूरिया जनपद को मिलेगा। जिलाधिकारी के निर्देश पर थोक और फुटकर उर्वरक विक्रेताओं की जांच चल रही है। अब तक 113नमूने लिए गए हैं।




