गहने-कीमती सामान गायब, बेड पर पड़ी थी लहूलुहान महिला: 6 साल पहले घर में मिली लाश, ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी में उलझी पुलिस पार्ट– 1 – Rajasthan News

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गहने-कीमती सामान गायब, बेड पर पड़ी थी लहूलुहान महिला:  6 साल पहले घर में मिली लाश, ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी में उलझी पुलिस पार्ट– 1 – Rajasthan News

गहने-कीमती सामान गायब, बेड पर पड़ी थी लहूलुहान महिला: 6 साल पहले घर में मिली लाश, ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी में उलझी पुलिस पार्ट– 1 – Rajasthan News

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सुभाष चौक पुलिस थाना, जयपुर

थाने पर मौजूद पुलिसकर्मी सुबह न्यूज पेपर पढ़ने और चाय पीने में मशगूल थे। इस दौरान करीब साढ़े आठ बजे बदहवास एक व्यक्ति थाने पहुंचा। व्यक्ति ने खुद का नाम महेंद्र शर्मा बताते हुए कहा– बेलदारों का मोहल्ले के मकान नंबर 403 में एक वृद्ध महिला अचेत अवस्था में पड़ी है। किसी व्यक्ति ने महिला की हत्या करने की कोशिश की है।

उसने थाने में मौजूद ड्यूटी ऑफिसर से जल्दी मौके पर पहुंचने को कहा। इस सूचना पर सुभाष चौक पुलिस थाना के तत्कालीन प्रभारी राजेंद्र सिंह चौहान टीम के साथ मौके पर पहुंचे।

पलंग पर मिली महिला की लाश

पुलिस जब मकान के सैकेंड फ्लोर पर पहुंची तो पूर्वी–दक्षिण मुखी कमरे में एक बुजुर्ग महिला अचेत अवस्था में पलंग पर पड़ी मिली। महिला के मुंह से खून निकल रहा था। नाक से झाग आ रहे थे। कमरे की अलमारी में रखा सामान व महिला के पहने हुए गहने गायब थे। महिला का सामान कमरे में बिखरा हुआ था।

वहां मौजूद बुजुर्ग महिला के बेटे संजय शर्मा उर्फ बबली ने पुलिस को बताया कि उनकी मां बीना शर्मा की उम्र करीब 62 साल थी। उनके पिता हरीश चन्द्र शर्मा का पहले ही देहांत हो चुका है। रोजाना की तरह बीती रात को भी वे मम्मी को कमरे में सकुशल छोड़कर सोने गए थे।

महिला का शव पलंग पर पड़ा था। कमरे का दरवाजा खुला था। फोटो AI जनरेटेड

परिजनों की भूमिका पर शक

संजय ने बताया कि जब वे सुबह कमरे में पहुंचे तो कमरे का दरवाजा खुला हुआ था। मां अचेत अवस्था में मिली। पुलिस ने घटनास्थल की निगरानी के लिए एक काॅन्स्टेबल को तैनात किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम और डॉग स्क्वायड को मौके पर बुलाया।

घटनास्थल का मुआयना कराने के दौरान डॉग मृतका के कमरे से निकल कर सीधा बार–बार मृतका के बेटे और बहू के कमरे में जा रहा था। पुलिस अधिकारियों को इससे परिजनों की भूमिका पर भी संदेह हुआ, लेकिन अभी तक किसी के खिलाफ कोई सबूत नहीं था। एफएसएल टीम ने कमरे से सबूत जुटाए। टीम को महिला के बिस्तर के सिरहाने से कुछ उलझे बाल मिले। बेड शीट व तकिए पर खून लगा हुआ था। जिसे भी जब्त कर लिया।

पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट में हुई हत्या की पुष्टि

पुलिस ने शव को एम्बुलेंस से एसएमएस हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवाया। पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमाॅर्टम कराया। पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण दम घुटना बताया गया। इस आधार पर पुलिस मान रही थी कि बीना शर्मा की हत्या गला दबाकर की गई।

कमरे के पूर्वी गेट के पास उत्तर दिशा में बनी खिड़की में लाल रंग की कांच की 5 चूड़ियां साबूत व 4 छोटे बड़े टुकड़े मिले। मृतका के बिस्तर पर भी लाल रंग की कांच की चूड़ियां और टुकड़े मिले। बिस्तर पर नाक में पहनने वाली सोने की लोंग मिली। इस पर लाल रंग का नग लगा हुआ था लेकिन पेच गायब था।

पूर्वी गेट के पास कौड़ी के तीन टुकड़े मिले। पुलिस ने इन सभी को सबूत के तौर पर घटनास्थल से जब्त किया। बेटे ने बताया कि उनकी मां के पहने हुए गहने भी गायब हैं। प्रथमदृष्टया मामला लूट या चोरी का लग रहा था। घटनास्थल देखकर लग रहा था कि चोरी करने आए शख्स ने नींद खुलने पर महिला की हत्या कर दी।

जांच में सामने आया कि महिला की हत्या गला दबाकर की गई थी। फोटो AI जनरेटेड

किसी परिजन को क्यों नहीं लगी भनक

पुलिस जांच में सामने आया कि पति के निधन के बाद बीना शर्मा अपने बेटे संजय, बहू प्रियंका के साथ रहती थीं। संजय के एक बेटा व एक बेटी है। बीना शर्मा जलमहल के पास स्थित एक फैक्ट्री में काम करती थी। वारदात के दिन रविवार होने के कारण वह काम पर नहीं गई।

पुलिस पूछताछ में बेटे संजय और बहू ने भी रात को बीना के चिल्लाने की आवाज सुनने से इनकार किया। बेटे ने बताया कि वे रोजाना की तरह अपने कमरे में जाकर सो गए थे। उन्हें वारदात के बारे में सुबह पता चला। उनकी मां अपने जेवरात व नकदी अलमारी में रखती थी। वह भी चोरी हो गए।

मां–बेटे और बहू में अनबन

संजय ने मां के अंतिम संस्कार के बाद सुभाष चौक पुलिस थाने में केस दर्ज कराया। एफआईआर के अनुसार संजय ने बताया कि 29 अप्रैल 2019 को जब वह अपनी मां के कमरे में पहुंचा तो उसे पता चला कि किसी ने उसकी मां की हत्या कर जेवरात चोरी कर लिए हैं।

इसके बाद संजय ने अपने मामा और बहन को फोन किया। संजय के मामा, बहन और जीजाजी सुबह करीब सवा छह बजे घर पहुंचे। उन्होंने तुरंत 108 एंबुलेंस को फोन कर बुलाया। एंबुलेंस में आए कंपाउंडर ने मां की जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। कंपाउडर ने आशंका जताई कि उनकी मां की मौत 4 घंटे पहले ही हो चुकी है।

मृतका बीना शर्मा का बेटा संजय पोलियोग्रसित होने के कारण दिव्यांग है। उसकी शादी 2016 में उत्तराखंड के अल्मोडा निवासी प्रियंका नेगी उर्फ पूजा से हरिद्वार में हुई। पूजा की ये दूसरी शादी थी। पूजा की पहली शादी दीपक से हुई। जिसका निधन हो गया था। शादी के बाद से ही दोनों के बीच में अक्सर अनबन रहती थी। संजय की मां और उसकी पत्नी में भी नहीं बनती थी। दोनों के बीच झगड़े होते रहते थे।

पुलिस ने घरवालों से भी पूछताछ की, लेकिन हत्या के बारे में कोई सुराग हाथ नहीं लगा। फोटो AI जनरेटेड

पुलिस ने दर्ज किए परिजनाें के बयान

पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह ने मृतका के बेटे और परिवादी संजय शर्मा, गवाह अनिल शर्मा, महेंद्र शर्मा, किशन शर्मा और रिता शर्मा उर्फ गुड़िया के बयान दर्ज किए।

पुलिस को पता चला कि सास बीना और उसकी बहू प्रियंका में बिल्कुल नहीं बनती थी। दोनों में आए दिन हाथापाई तक होती थी, लेकिन सास–बहू की अनबन हत्या का कारण नहीं हो सकती थी। परिजनों ने भी इससे इनकार किया।

संजय ने पुलिस को बताया कि वारदात की रात उसकी पत्नी उसके साथ कमरे में सो रही थी। पुलिस के पास भी अभी तक कोई सबूत नहीं था। हालांकि पुलिस परिजनों की हर गतिविधि पर निगरानी रख रही थी।

पुलिस ने घटनास्थल व आस पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। रिकार्डिंग में कोई संदिग्ध गतिविधि नहीं मिली। जांच के दौरान पुलिस ने मोहल्ले के कई लोगों से पूछताछ की। मृतका के शरीर पर रगड़ के निशान मिलने से पुलिस ने घटना में किसी परिचित का हाथ होने की आशंका जताई।

बीना शर्मा के कमरे में रखी अलमारी से नकदी व जेवरात गायब थे।

हत्याकांड की जांच के लिए टीम गठित

पुलिस थाने से महज एक किलोमीटर दूरी पर हुए इस ब्लाइंड मर्डर की जांच के लिए स्पेशल टीम का गठन किया गया। तत्कालीन एडिशनल डीसीपी सुमित गुप्ता, एसीपी राजपाल गोदारा, सुभाष चौक के तत्कालीन थाना इंचार्ज राजेंद्र सिंह, माणकचौक थानाप्रभारी जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में एसआई गुंजन सोनी, रामजीलाल, नफेसिंह मुकेश, नंछू सिंह व मंजू को जांच में लगाया गया।

पुलिस टीम के सामने भी वारदात को लेकर कई सवाल थे। हत्याकांड को जिस शातिराना तरीके से अंजाम दिया गया, उससे यह तो साफ था कि इस वारदात में दो या उससे अधिक लोग शामिल थे।

पुलिस जांच को आगे बढ़ाने के साथ परिजनाें की गतिविधियों पर भी नजर रखे हुए थी।

  • पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल था कि आखिर बीना शर्मा की हत्या क्यों हुई?
  • हत्यारा घर में दाखिल कैसे हुआ?
  • वारदात में एक से ज्यादा लोग तो शामिल नहीं थे?
  • हत्या की वजह क्या थी? जेवरात की चोरी या कुछ और …

कल राजस्थान क्राइम फाइल पार्ट–2 में पढ़िए, इन सभी सवालों के जवाब

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