इग्नू की परीक्षा 12 जून से, आठ जिलों में बनाए गए हैं 19 केंद्र – Madhepura News h3>
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चौथम प्रखंड के मालपा स्थित कंकल कुरिया धार में बच्चों को सुरक्षित तैराकी और जीवन रक्षा कौशल का प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तहत 12 दिनों तक चला। इसका समापन शुक्रवार को हुआ। चौथम सीओ रविराज ने बताया कि यह पहला सत्र था, जिसकी शुरुआत 26 मई को हुई थी। इस दौरान 70 बच्चों को तैराकी सिखाई गई। मास्टर ट्रेनर अविनाश कुमार ने प्रशिक्षण दिया।
बच्चों को दो बैच में बांटा गया। हर बैच में 35 बच्चे शामिल किए गए। पहले बैच का प्रशिक्षण पूरा हो गया है। दूसरा बैच 7 जून से शुरू होगा। समापन के मौके पर सीओ रविराज और बीडीओ मो. मिनहाज अहमद ने बच्चों को ड्रेस वितरित की। कार्यक्रम में बालक और बालिकाएं दोनों शामिल रहे।
सीओ रविराज ने कहा कि चौथम प्रखंड बाढ़ प्रभावित क्षेत्र है। ऐसे में बच्चों को तैराकी आना जरूरी है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को तैराकी प्रशिक्षण के लिए भेजें। प्रशिक्षण स्थल पर बच्चों को तैराकी के साथ-साथ आपात स्थिति में खुद को बचाने के तरीके भी सिखाए गए। जिला प्रशासन का यह प्रयास बाढ़ के समय बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। NEWS4SOCIALन्यूज | सहरसा इग्नू की सत्रांत परीक्षा जून 2025 के लिए 12 जून से 19 जुलाई तक परीक्षा होगी। परीक्षा दो पालियों में ली जाएगी। पहली बार हॉल टिकट इग्नू के समर्थ पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकेगा। नामांकन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन हो चुकी है। यह नई शिक्षा नीति और यूजीसी के निर्देश के अनुसार किया गया है। इग्नू क्षेत्रीय केंद्र सहरसा के निदेशक मिर्जा नेहाल अहमद बेग ने बताया कि क्षेत्रीय केंद्र सहरसा के अंतर्गत 8 जिलों में कुल 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सहरसा में एम.एल.टी कॉलेज सहरसा, एच.एम. कॉलेज सोनवर्षा राज और मंडल कारा सहरसा (केवल कैदी शिक्षार्थियों के लिए) में परीक्षा होगी। पूर्णिया जिले में पूर्णिया कॉलेज पूर्णिया, पूर्णिया महिला महाविद्यालय, जे.एल.एम. कॉलेज बनमनखी और एम.एल.आर्या कॉलेज कसबा में केंद्र बनाए गए हैं। कटिहार जिले में डी.एस. कॉलेज कटिहार और एम.जे.एम. महिला कॉलेज में परीक्षा होगी। किशनगंज जिले में मारवाड़ी कॉलेज किशनगंज और एम.एच.ए.एन. डिग्री कॉलेज ठाकुरगंज में केंद्र बनाए गए हैं। अररिया जिले में अररिया कॉलेज अररिया, फारबिसगंज कॉलेज और कलावती डिग्री कॉलेज में परीक्षा होगी। सुपौल जिले में बी.एस.एस. कॉलेज, मधेपुरा जिले में टी.पी. कॉलेज और के.पी. कॉलेज मुरलीगंज में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। खगड़िया जिले में कोसी कॉलेज खगड़िया में परीक्षा होगी। ऑनलाइन माध्यम से नामांकित परीक्षार्थियों के लिए इग्नू क्षेत्रीय केंद्र सहरसा में परीक्षा केंद्र बनाया गया है। सभी केंद्रों पर अलग-अलग पाठ्यक्रमों के लिए कुल 1,84,078 बैठकों की परीक्षा आयोजित होगी। परीक्षा में शामिल होने के लिए परीक्षार्थियों को इग्नू की वेबसाइट से प्रवेश पत्र और इग्नू द्वारा जारी परिचय पत्र डाउनलोड कर साथ लाना अनिवार्य है। मधेपुरा| बीएनएमयू की सम्बद्ध इकाई अनुपलाल यादव कॉलेज में अनियमितताओं का मामला अब विश्वविद्यालय तक पहुंच गया है। छात्र संगठन आइसा के सुपौल जिलाध्यक्ष संतोष कुमार ने कुलपति को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह कॉलेज सुपौल जिले का एकमात्र नैक से मान्यता प्राप्त संस्थान है। विश्वविद्यालय के सहयोग से इसे उत्कृष्ठ संबद्ध महाविद्यालय का दर्जा मिला। संतोष कुमार ने बताया कि कॉलेज ने नई शिक्षा नीति के तहत गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक गतिविधियों की शुरुआत की। कई राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार हुए। रोजगार से जुड़े तकनीकी पाठ्यक्रम भी शुरू किए गए। इस विकास में तत्कालीन स्थायी प्रधानाचार्य डॉ. जयदेव प्रसाद यादव की अहम भूमिका रही। डॉ. यादव की सेवानिवृत्ति के बाद कॉलेज शासी निकाय के सचिव कपलेश्वर प्रसाद यादव पुराने ढर्रे को फिर से लागू करने की कोशिश कर रहे हैं।
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चौथम प्रखंड के मालपा स्थित कंकल कुरिया धार में बच्चों को सुरक्षित तैराकी और जीवन रक्षा कौशल का प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तहत 12 दिनों तक चला। इसका समापन शुक्रवार को हुआ। चौथम सीओ रविराज ने बताया कि यह पहला सत्र था, जिसकी शुरुआत 26 मई को हुई थी। इस दौरान 70 बच्चों को तैराकी सिखाई गई। मास्टर ट्रेनर अविनाश कुमार ने प्रशिक्षण दिया।
बच्चों को दो बैच में बांटा गया। हर बैच में 35 बच्चे शामिल किए गए। पहले बैच का प्रशिक्षण पूरा हो गया है। दूसरा बैच 7 जून से शुरू होगा। समापन के मौके पर सीओ रविराज और बीडीओ मो. मिनहाज अहमद ने बच्चों को ड्रेस वितरित की। कार्यक्रम में बालक और बालिकाएं दोनों शामिल रहे।
सीओ रविराज ने कहा कि चौथम प्रखंड बाढ़ प्रभावित क्षेत्र है। ऐसे में बच्चों को तैराकी आना जरूरी है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को तैराकी प्रशिक्षण के लिए भेजें। प्रशिक्षण स्थल पर बच्चों को तैराकी के साथ-साथ आपात स्थिति में खुद को बचाने के तरीके भी सिखाए गए। जिला प्रशासन का यह प्रयास बाढ़ के समय बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। NEWS4SOCIALन्यूज | सहरसा इग्नू की सत्रांत परीक्षा जून 2025 के लिए 12 जून से 19 जुलाई तक परीक्षा होगी। परीक्षा दो पालियों में ली जाएगी। पहली बार हॉल टिकट इग्नू के समर्थ पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकेगा। नामांकन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन हो चुकी है। यह नई शिक्षा नीति और यूजीसी के निर्देश के अनुसार किया गया है। इग्नू क्षेत्रीय केंद्र सहरसा के निदेशक मिर्जा नेहाल अहमद बेग ने बताया कि क्षेत्रीय केंद्र सहरसा के अंतर्गत 8 जिलों में कुल 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सहरसा में एम.एल.टी कॉलेज सहरसा, एच.एम. कॉलेज सोनवर्षा राज और मंडल कारा सहरसा (केवल कैदी शिक्षार्थियों के लिए) में परीक्षा होगी। पूर्णिया जिले में पूर्णिया कॉलेज पूर्णिया, पूर्णिया महिला महाविद्यालय, जे.एल.एम. कॉलेज बनमनखी और एम.एल.आर्या कॉलेज कसबा में केंद्र बनाए गए हैं। कटिहार जिले में डी.एस. कॉलेज कटिहार और एम.जे.एम. महिला कॉलेज में परीक्षा होगी। किशनगंज जिले में मारवाड़ी कॉलेज किशनगंज और एम.एच.ए.एन. डिग्री कॉलेज ठाकुरगंज में केंद्र बनाए गए हैं। अररिया जिले में अररिया कॉलेज अररिया, फारबिसगंज कॉलेज और कलावती डिग्री कॉलेज में परीक्षा होगी। सुपौल जिले में बी.एस.एस. कॉलेज, मधेपुरा जिले में टी.पी. कॉलेज और के.पी. कॉलेज मुरलीगंज में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। खगड़िया जिले में कोसी कॉलेज खगड़िया में परीक्षा होगी। ऑनलाइन माध्यम से नामांकित परीक्षार्थियों के लिए इग्नू क्षेत्रीय केंद्र सहरसा में परीक्षा केंद्र बनाया गया है। सभी केंद्रों पर अलग-अलग पाठ्यक्रमों के लिए कुल 1,84,078 बैठकों की परीक्षा आयोजित होगी। परीक्षा में शामिल होने के लिए परीक्षार्थियों को इग्नू की वेबसाइट से प्रवेश पत्र और इग्नू द्वारा जारी परिचय पत्र डाउनलोड कर साथ लाना अनिवार्य है। मधेपुरा| बीएनएमयू की सम्बद्ध इकाई अनुपलाल यादव कॉलेज में अनियमितताओं का मामला अब विश्वविद्यालय तक पहुंच गया है। छात्र संगठन आइसा के सुपौल जिलाध्यक्ष संतोष कुमार ने कुलपति को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह कॉलेज सुपौल जिले का एकमात्र नैक से मान्यता प्राप्त संस्थान है। विश्वविद्यालय के सहयोग से इसे उत्कृष्ठ संबद्ध महाविद्यालय का दर्जा मिला। संतोष कुमार ने बताया कि कॉलेज ने नई शिक्षा नीति के तहत गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक गतिविधियों की शुरुआत की। कई राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार हुए। रोजगार से जुड़े तकनीकी पाठ्यक्रम भी शुरू किए गए। इस विकास में तत्कालीन स्थायी प्रधानाचार्य डॉ. जयदेव प्रसाद यादव की अहम भूमिका रही। डॉ. यादव की सेवानिवृत्ति के बाद कॉलेज शासी निकाय के सचिव कपलेश्वर प्रसाद यादव पुराने ढर्रे को फिर से लागू करने की कोशिश कर रहे हैं।




