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सीएम योगी के नाम पर फर्जीवाड़ा, एसपी ने किया पर्दाफाश: जनता दर्शन के नाम पर फर्जी शिकायत पत्र बनाकर वसूले रुपए, 3 को भेजा जेल – Sambhal News

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सीएम योगी के नाम पर फर्जीवाड़ा, एसपी ने किया पर्दाफाश:  जनता दर्शन के नाम पर फर्जी शिकायत पत्र बनाकर वसूले रुपए, 3 को भेजा जेल – Sambhal News

सीएम योगी के नाम पर फर्जीवाड़ा, एसपी ने किया पर्दाफाश: जनता दर्शन के नाम पर फर्जी शिकायत पत्र बनाकर वसूले रुपए, 3 को भेजा जेल – Sambhal News

सनी गुप्ता, संभल13 मिनट पहले

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पुलिस ने तीन आरोपियों को जेल भेजा है।

संभल पुलिस ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दर्शन कार्यक्रम से जुड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया। गिरोह के लोग इंटरनेट से मुख्यमंत्री के हस्ताक्षर और मोहर की कॉपी कर फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे। इसके बाद अधिकारियों को फोन कर मठ से बात करने का दावा करते थे।

शिकायतकर्ता के पक्ष में कार्रवाई की मांग करते थे। गिरोह के लोग हर मामले में 20 से 50 हजार रुपए वसूलते थे। इस रकम को सभी सदस्य आपस में बराबर बांट लेते थे। मामले का खुलासा तब हुआ जब विवाद सुलझाने के नाम पर एक महिला को गोरखपुर मठ का नाम लेकर कॉल की गई।

उनके पति की शिकायत पर पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज किया। जांच में बीजेपी पश्चिमी क्षेत्र के उपाध्यक्ष राजेश सिंघल के भाई कपिल सिंघल का नाम भी सामने आया है। मामले में मुख्य साजिशकर्ता समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।

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अब जानें पूरा मामला…

बीजेपी नेता राजेश सिंघल अपने भाई कपिल सिंघल के साथ।

राजेश सिंघल के भाई कपिल सिंघल से लखनऊ में मुलाकात हुई थी

बाराबंकी के सीहामऊ गांव निवासी नागेंद्र ने बताया उसकी मुलाकात संभल के मोहल्ला कोर्ट पूर्वी निवासी बीजेपी पश्चिमी क्षेत्र के उपाध्यक्ष राजेश सिंघल के भाई कपिल सिंघल से लखनऊ में हुई थी। कपिल ने उसे 30 हजार रुपए देकर अपने सहयोगी मोहल्ला कोर्ट पूर्वी निवासी विपुल गुप्ता के परिवार को फोन कर दबाव बनाने को कहा था।

विपुल गुप्ता और कपिल सिंघल दो दशक तक साथ कारोबार करते रहे। हाल ही में दोनों में मनमुटाव हो गया। विपुल और कपिल में प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा है। नागेंद्र ने खुद को मठ का पंडित बताकर विपुल पर कपिल से समझौता करने का दबाव डाला।

जांच में सामने आया कि आरोपी जनता दर्शन में आने वाली असली शिकायतों की नकल कर फर्जी दस्तावेज बनाते थे। इस तरह उन्होंने कई जनपदों में लोगों को ठगा। नागेंद्र ने कोतवाली प्रभारी से भी संपर्क कर रिश्वत की मांग की थी।

13 अप्रैल को राजेश सिंघल ने अपने भाई कपिल सिंघल के साथ सीएम से मुलाकात की थी।

विपुल गुप्ता की पत्नी शालिनी अग्रवाल को आया फोन

इसके बाद विपुल गुप्ता की पत्नी शालिनी अग्रवाल को एक व्यक्ति ने फोन किया। कॉलर ने खुद को भाजपा लखनऊ और गोरखपुर मठ से पंडित राज आचार्य महाराज बताया। उसने कपिल सिंघल के साथ चल रहे विवाद के बारे में पूछताछ की। फोन करने वाले ने कहा कि विपुल गुप्ता से कहें कि वह जल्द संपर्क करें, अन्यथा मदद नहीं कर पाएंगे। शालिनी ने कॉल को सिर्फ सुना और ‘अच्छा जी’ कहकर फोन काट दिया।

विपुल गुप्ता की शिकायत पर कोतवाली में दर्ज हुआ केस

पुलिस जांच में सामने आया कि गोरखपुर मठ और भाजपा लखनऊ में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है। 53 सेकेंड के इस वायरल ऑडियो के आधार पर विपुल गुप्ता की शिकायत पर कोतवाली संभल में BNS की धारा 351(4) के तहत अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

विपुल गुप्ता की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया।

संपत्ति हड़पने की साजिश रची थी

एसपी कृष्ण विश्नोई ने बताया कि कपिल सिंघल ने विपुल गुप्ता की संपत्ति हड़पने की साजिश रची थी। इसके लिए उसने गिरोह से संपर्क कर विपुल गुप्ता और उनकी पत्नी को धमकवाया। 18 फरवरी 2025 को थाना संभल में शिकायत दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने कई बार दबिश दी, लेकिन आरोपी हाथ नहीं लगे। लगातार प्रयासों के बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

30 हजार रुपए एडवांस लिए थे

एसपी के अनुसार, गिरोह ने धमकी देने के लिए 30 हजार रुपए एडवांस लिए थे। बाराबंकी के नागेंद्र और सुधीर इस गिरोह के मुख्य सदस्य हैं। पिछले एक महीने में इन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को 33 कॉल और 36 पुलिस अधिकारियों के सीयूजी मोबाइल नंबरों पर 135 बार संपर्क किया। अन्य पीड़ितों की शिकायतों पर भी मामले दर्ज किए जाएंगे। गिरोह के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।

आरोपी बाराबंकी के थाना रामनगर क्षेत्र के सीहामउ निवासी नागेन्द्र पुत्र अरविन्द, सुधीर कुमार मिश्रा पुत्र राजीव कुमार मिश्रा और रामपुर के थाना पटवई क्षेत्र के परतापुर निवासी राजू पुत्र रामलाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। मामले की जांच की जा रही है।

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