अफेयर के बाद मर्डर किया, 2 सरकारी-टीचर गिरफ्तार: हाईवे पर मिली थी युवक की खोपड़ी; DNA जांच से हुई थी पहचान – Jodhpur News h3>
डेढ़ साल पहले हुए एक मर्डर केस में जोधपुर की देचू पुलिस आरोपी महिला और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों सरकारी टीचर हैं। दोनों को गिरफ्तार कर बालेसर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। युवक की खोपड़ी (कंकाल) दे
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थाना इंचार्ज शिवराज सिंह भाटी ने बताया- युवक नितेंद्र राज उर्फ प्रदीप मूल रूप से चूरू का रहने वाला था। नितेंद्र नवंबर 2023 में फलोदी के पास देचू से गायब हो गया था। वह घर से जोधपुर एग्जाम देने की कहकर निकला था। इसी महीने देचू में एक मंदिर के पीछे नेशनल हाईवे 125 पर मानव खोपड़ी मिली। इसकी डीएनए जांच में यह नितेंद्र की पाई गई।
पुलिस ने सरकारी टीचर प्रेमी-प्रेमिका को किया गिरफ्तार
थाना इंचार्ज शिवराज सिंह भाटी ने बताया- इस मामले में देचू पुलिस ने बुधवार को क्षेत्र में ही कार्यरत प्रेमी-प्रेमिका को गिरफ्तार किया। दोनों सरकारी टीचर हैं। शुक्रवार को पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने 10 दिन का रिमांड मांगा, लेकिन सीजेएम बालेसर हिमांशु मीणा ने दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए।
दिसंबर 2023 को नितेंद्र के पिता चूरू की इंद्रा कॉलोनी वार्ड नं. 47 निवासी जुगराज ढेंडरवाल पुत्र पूर्णमल वाल्मिकी ने देचू थाने में बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया- बेटा नितेंद्र 5 नवंबर 2023 को चूरू से दोपहर की ट्रेन से परीक्षा देने जोधपुर जाने का कहकर घर से निकला था। अगले दिन शाम करीब 6 बजे पिता-पुत्र की फोन पर आखिरी बार बात हुई, तब उसने कहा कि रात को 3:30 बजे वाली ट्रेन से चूरू पहुंच जाउंगा।
लेकिन बेटा घर नहीं आया। परेशान होकर कई बार जोधपुर, देचू के चक्कर लगाए। लापता होने के 10 दिन बाद बेटे का मोबाइल मिला। इसमें एक युवती से बातचीत की रिकॉर्डिंग मिली। इसके बाद देचू थाने में बेटे की गुमशुदगी दर्ज कराई। आसपास लोगों से पता चला कि कुछ दिनों पहले देचू में नेशनल हाईवे 125 पर मंदिर के पीछे एक नरकंकाल (खोपड़ी) मिला था।
पिता ने नरकंकाल की DNA जांच की मांग की
नरकंकाल मिलने की सूचना पर पिता ने देचू थाने में रिपोर्ट देकर एक युवती और उसके साथी पर हत्या की आशंका जताते हुए मामला दर्ज कराया। पुलिस ने इसी आधार पर नरकंकाल निकलवाकर डीएनए टेस्ट कराया। इसमें पुष्टि होने पर पुलिस ने इन्वेस्टिगेशन आगे बढ़ाई।
इसमें सरकारी टीचर ममता मीणा की भूमिका सामने आई। ममता पुत्री सूरजभान मीणा मूलरूप से जयपुर के मनोहरपुर में बिठावाली ढाणी हाल नागौर के डेगाना में रामसरी स्थित राउमावि में सरकारी टीचर है। उसका प्रेमी जयकरण मूलरूप से मनोहरपुर थाना के खोरालाड़ा खाना गांव का रहने वाला है। वह देचू के सगरा स्थित राउमावि में सरकारी टीचर है। दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
दोनों के खिलाफ 29 फरवरी 2025 को हत्या व सबूत नष्ट करने का मामला दर्ज किया गया।
बस कंडक्टर को मिला था बेटे का फोन
नितेंद्र के पिता ने बताया- जब बेटा 6 नवंबर को घर नहीं पहुंचा तो उसके मोबाइल पर संपर्क किया। फोन बस कंडक्टर के पास होने का पता चला। उसने फोन देचू थाने में जमा करा दिया था। यह फोन देचू पहुंचने पर 16 नवंबर 2023 को पुलिस से मिला। फिर भी पुलिस ने कुछ नहीं किया।
अपने स्तर पर ही मैंने छानबीन की और जयपुर से जैसलमेर जाने वाली निजी बस के परिचालक से संपर्क साधा। तब कंडक्टर ने बताया कि उसे मोबाइल जैसलमेर में मिला था। 6 नवंबर की रात करीब 8:30 बजे लड़का और एक लड़की साथ-साथ बस से उतरे थे और वे आपस में बातचीत कर रहे थे।
फोन में मिली कॉल रिकॉर्डिंग से शक
पिता ने बताया- बेटे का मोबाइल चेक किया तो उसमें 4 नवंबर को 3:34 बजे और 3:36 बजे एक ही मोबाइल नंबर से आई दो मिस्ड कॉल दिखी। इसके बाद 3:42 बजे 1 मिनट 01 सेकेंड की बात होना भी सामने आया। गहराई से मोबाइल खंगाला तो उसी अज्ञात नंबर से 4 नवंबर की 15:19 बजे एक मिस्ड कॉल और 15:24 बजे 7 मिनट 14 सेकेंड की बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग मिली।
रिकॉर्डिंग सुनने से पता चला कि वह किसी लड़की के साथ बातचीत थी। लड़की नितेंद्र को जबरन बुला रही थी। यह आवाज ममता मीणा की थी जो रामसरी में टीचर थी।
इसके बाद पिता ने ममता मीणा के खिलाफ प्रेम प्रसंग में बेटे के मर्डर करने और सबूत मिटाने का मामला दर्ज कराया। साथ ही इसमें किसी अन्य के भी शामिल होने का शक जाहिर किया।
पिता ने बताया- मैं कई बार देचू आया तो पता चला कि ममता मीणा का देचू में जयकरण मीणा नाम के व्यक्ति से संबंध है। ऐसे में शक था कि बेटे के गायब होने में जयकरण का हाथ हो सकता है।
गुमशुदगी दर्ज कराने आया, तो नरकंकाल की जानकारी मिली
पिता ने बताया- 15 दिसंबर 2023 को बेटे की गुमशुदगी दर्ज कराने देचू थाने पहुंचा तो आसपास लोगों से किसी नर कंकाल के मिलने के बारे में भी पता चला। तब भी पुलिस ने मेरी बात को तवज्जो नहीं दिया। बार-बार आग्रह के बावजूद मेरी नहीं सुनी।
पुलिस को खोपड़ी मिली थी लेकिन कुत्तों द्वारा कब्र से निकालने की बात कहकर पुलिस ने इसे दोबारा दफना दिया था। कई दिनों की मशक्कत से मैंने ऐसे तथ्य जुटाए जिनसे बेटे की हत्या के संकेत मिल रहे थे। आखिरकार मेरी रिपोर्ट पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया और खोपड़ी का डीएनए कराया।
दो सप्ताह बाद इसकी जांच रिपोर्ट आई तो पुष्टि हो गई कि वह नर कंकाल मेरे बेटे नितेंद्र का था। इसके बाद दोनों आरोपी फरार हो गए। अब पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने 10 दिन की रिमांड मांगी लेकिन जज ने जेल भेज दिया।
