लखनऊ बैंक लॉकर से चोरी गहने नहीं मिलेंगे: दो लोगों ने की आत्महत्या; मालिक अपने पैसे से लड़ रहे केस; कोर्ट के आदेश पर होगा निर्णय – Lucknow News h3>
बैंक में चोरी के दौरान आरोपी सीसीटीवी में कैद हुए थे।
बैंक से कटे 42 लॉकर के जो गहने बरामद हुए हैं वह आसानी से लॉकर मालिकों को नहीं मिलेगा। पीड़ित बैंक, थाना और पुलिस अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन घटना के तीन महीने बीतने के बाद भी जेवर के नाम पर नाक की एक कील तक नहीं दी गई।
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इतना ही नहीं बैक द्वारा कहा गया था कि बरामद गहने कोर्ट के माध्यम से मिलेगा, लेकिन अब उस बात से भी बैंक मुकर गया है। पीड़ितों का कहना है कि वह अपने पैसे अब केस लड़ने को मजबूर हैं। दूसरी तरफ पुलिस ने 450 पन्ने की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की है। इसमें पकड़े गए आरोपियों के विषय में जानकारी के साथ बरामद माल ( करीब 45 प्रतिशत) का जिक्र है।
हालांकि चार्ज शीट में अन्य माल बरामदगी के प्रयास की भी बात कही गई है। इससे साफ है कि अब पीड़ितों को जेवर पाने के लिए कोर्ट के फैसले का इंतजार करना होगा। साथ ही उन्हें अपने जेवर लॉकर के नियमानुसार ही मिलेंगे। पीड़ितों में बैंक और पुलिस की लचर व्यवस्था से आक्रोश और हताशा दोनों है।
इसी का नतीजा है कि चिनहट निवासी एचएल से रिटायर सुपर वाइजर कुलदीप (73) ने मंगलवार रात आत्महत्या कर ली। अन्य पीड़ित आए दिन पुलिस अधिकारियों और कोर्ट के चक्कर काट रहे हैं। चोरी की घटना 21 दिसंबर 2024 की रात की है।
मैनेजर ने कहा बैंक नहीं करेगा मदद
पशुपालन विभाग निदेशालय में तैनात आनंद कुमार श्रीवास्तव की पत्नी ज्योति श्रीवास्तव का कहना है- इंडियन ओवरसीज बैंक के लॉकर नम्बर 71 गहने रखे थे। इसमें पूरे जीवन की कमाई थी। बेटी की शादी के लिए जेवर जोड़कर रखे थे जो चोरों और सिस्टम की भेंट चढ़ गए। पुलिस और बैंक की लापरवाही के चलते अभी तक एक भी जेवर नहीं मिले। जबकि बैंक मैनेजर को एक जनवरी 2025 को 93 जेवरों की सूची दी थी।
चोरी की वजह से पिता की जान गई चिनहट आनंद विहार कालोनी निवासी विकास महाजन का कहना है- मेरे पिता कुलदीप राज की मौत की वजह बैंक लॉकर से पुश्तैनी जेवर चोरी होना है। वह घटना के बाद से टूट गए थे। उनका बैंक में 57 नंबर लॉकर था। जीवन भर की कमाई से खरीदे गए जेवर रखे थे। इसकी कीमत 22 लाख थी। जेवर पाने के लिए बैंक और थाने के कई चक्कर काटे। सबूत के तौर पर गहनों की लिस्ट और फोटो भी दे रखी थी।
कुलदीप राज पत्नी और उनकी मौत बैंक लॉकर से जेवर चोरी होने के बाद हुई।
पुलिस रिकॉर्ड में 6 किलो ही सोना हुआ बरामद
पुलिस सूत्रों के मुताबिक चार्जशीट में आरोपियों के पास से साढ़े 6 किलो के करीब सोने के जेवर और 10 किलो चांदी के गहने के साथ कुछ नकदी बरामद हुई है। जिसका चार्जशीट में जिक्र किया गया है। इस मामले में बरामदगी को लेकर पुलिस टीम पर सवाल उठे थे। जिसके बाद दर्जन भर कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई हुई थी। वहीं दूसरी तरफ पुलिस के दिखाए जा रहे बरामद माल से दो गुने से ज्यादा का पीड़ितों ने क्लेम किया है।
पुलिस ने लुटेरों के पास से नकदी और जेवर बरामद कर ट्रेजरी में जमा करा दिया है।
मार्च 2025 में दाखिल हुई चार्ज शीट बैंक डकैती मामले की विवेचना कर रहे गोमतीनगर इंस्पेक्टर राजेश त्रिपाठी का कहना है कि नियमानुसार घटना के 90 दिन के अंदर बैंक में लॉकर काट कर हुई चोरी में चार्ज शीट (मार्च 2025) में लगा दी गई है। जिसमें आरोपियों की गिरफ्तारी से लेकर माल बरामदगी का ब्यौरा दिया गया है। पूरा माल बरामद न होने से अभी बरामदगी के प्रयास का भी जिक्र किया गया है।
21 दिसंबर की रात बैंक के लॉकर काट की गई थी चोरी इंडियन ओवरसीज बैंक में 21 दिसंबर को बिहार मुंगेर निवासी अरविंद कुमार, सोविंद, मिथुन, सनी, बलराम कुमार व कैलाश बिंद और सीतापुर निवासी विपिन कुमार के साथ चोरी की थी। पुलिस ने मुठभेड़ में सोविंद और सन्नी को मार गिराया था। वहीं अन्य को पकड़ा था। इसका मास्टर माइंड विपिन था। जो आजकल गाजीपुर जेल में बंद है।
