Imran Khan: बाजवा को धोखा दे रहे थे इमरान खान, उल्‍टा पड़ा दांव, शाहबाज शरीफ बनेंगे पीएम या होंगे चुनाव?

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Imran Khan: बाजवा को धोखा दे रहे थे इमरान खान, उल्‍टा पड़ा दांव, शाहबाज शरीफ बनेंगे पीएम या होंगे चुनाव?

Imran Khan: बाजवा को धोखा दे रहे थे इमरान खान, उल्‍टा पड़ा दांव, शाहबाज शरीफ बनेंगे पीएम या होंगे चुनाव?

इस्‍लामाबाद
पाकिस्‍तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा की मदद से सत्‍ता में आए प्रधानमंत्री इमरान खान ने देश पर लंबे समय तक राज करने के लिए बड़ा खेल खेला था। इमरान चाहते थे कि जनरल बाजवा की जगह पर उनके पसंदीदा पूर्व आईएसआई चीफ लेफ्टिनेंट जनरल फैज हामिद को अगला सेना प्रमुख बनाया जाए। वहीं सेवा विस्‍तार पर चल रहे खुद बाजवा अभी अपने पद पर बने रहना चाहते हैं। बताया जा रहा है कि जनरल बाजवा के ही इशारे पर विपक्ष ने इमरान खान के खिलाफ संसद में अविश्‍वास प्रस्‍ताव पेश किया है। लेफ्टिनेंट जनरल फैज ने इमरान के लिए सांसदों का जुगाड़ करके सत्‍ता बनवाई थी लेकिन उनके जाते ही सेना ने अपने हाथ खींच लिए। इससे इमरान खान अल्‍पमत में आ गए हैं और सरकार गिरने की आशंका प्र‍बल हो गई है।

पाकिस्‍तान में इस्‍लामिक देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक खत्‍म हो गई है। इसके अलावा पाकिस्‍तान दिवस की परेड भी निपट गई है। अब एक बार फिर से पाकिस्‍तान में स‍ियासी सरगर्मी फिर से तेज हो गई है। इमरान खान ने इस्‍तीफा देने से इंकार कर दिया है और कुर्सी बचाने के लिए अपने सहयोगियों को मनाना शुरू कर दिया है। उधर, विपक्ष ने दावा किया है कि इमरान खान के सहयोगी दल उनके साथ आ गए हैं। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्‍तान की सियासत में अगले 7 दिन बेहद अहम होने जा रहे हैं और यह तय हो जाएगा कि इमरान बचेंगे या उनकी जगह पर शाहबाज शरीफ देश के अगले पीएम होंगे। आइए जानते हैं कि इस संकट में अब इमरान खान के पास क्‍या विकल्‍प हैं….
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1. पाकिस्‍तानी संसद के निचले सदन नैशनल असेंबली के स्‍पीकर असद कैसर ने 25 मार्च को बैठक बुलाई है। विपक्ष इस दिन तकनीकी रूप से अविश्‍वास प्रस्‍ताव को पेश कर सकता है। इमरान समर्थक स्‍पीकर अगर अविश्‍वास प्रस्‍ताव को अनुमति न दें और कार्रवाई को इस सप्‍ताह के लिए स्‍थगित कर दें तो प्रस्‍ताव पर मतदान टल सकता है। इसके बाद विपक्ष कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है लेकिन सूत्रों का कहना है कि इस बात की पूरी संभावना कम है कि स्‍पीकर बहुत ज्‍यादा देरी कर सकेंगे।

2. डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक इमरान सरकार ने यह मान लिया है कि उनके अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर मतदान को जीतने के बहुत कम चांस हैं। यही वजह है कि वे 27 मार्च को होने वाली रैली पर अपना फोकस कर रहे हैं। यही वजह है कि इमरान की पार्टी अब अपने बागी सांसदों और सहयोगी दलों को मनाने का प्रयास कर रही है। पाकिस्‍तानी सेना और पीटीआई का एक बड़ा धड़ा इस बात से नाराज है कि पंजाब में इमरान की पार्टी की सरकार ने बहुत गलत फैसले लिए हैं।
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3. विपक्ष एक और परिदृश्‍य की कल्‍पना कर रहा है। इसके तहत सभी सहयोगी दल साथ आ गए तो विपक्ष खुद से ही 172 वोटों के जादुई आंकड़े तक पहुंच जाएगा। इससे उसे पीटीआई के बागी सांसदों की जरूरत नहीं रहेगी। यह विकल्‍प तब अपनाया जाएगा जब बागी सांसदों को वोट देने से रोक दिया जाता है। इससे वे पीटीआई के साथ बने रहेंगे लेकिन वोट नहीं दे पाएंगे।

4. इमरान खान को अभी संविधान की एक धारा से सरकार के बचे रहने की उम्‍मीद है। पाकिस्तानी संविधान की धारा-63 ए का इस्तेमाल करके इमरान खान अपने बागी सांसदों को मतदान के पहले ही अपदस्थ करवाने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय में इस आशय की याचिका लगा रखी है। बस, अब अदालत ही उन्हें किसी तरह बचा सकती है। सुप्रीम कोर्ट इस पर सुनवाई करने वाला है। पाकिस्‍तान पीएम के संसदीय मामलों के सलाहकार का दावा है कि नैशनल असेंबली के स्‍पीकर के पास यह अधिकार है कि वह पीटीआई के बागी विधायकों को वोट देने से रोक सकते हैं। उन्‍होंने यह भी दावा किया है कि स्‍पीकर की व्‍यवस्‍था को किसी भी कोर्ट में चुनौती नहीं दी जा सकती है। वहीं पाकिस्‍तान के पूर्व अटार्नी जनरल अश्‍तर औसाफ का मानना है कि स्‍पीकर के पास ऐसा कोई भी अधिकार नहीं है। उन्‍होंने कहा क‍ि दल-बदल कानून तब तक लागू नहीं होगा जब तक कि इमरान के बागी सांसद अविश्‍वास प्रस्‍ताव के पक्ष में वोट नहीं दे देते हैं।
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5. इमरान खान की पार्टी संकट को देखते हुए अगले कुछ दिनों में पंजाब के सीएम उस्‍मान बुजदर को हटा सकती है। उनकी जगह पर कई सांसदों पर पकड़ रखने वाले तारीन ग्रुप और सेना की पसंद से किसी को सीएम बनाया जा सकता है। हालांकि इससे उसका सहयोगी दल पीएमएल क्‍यू नहीं मान जाएगा और नंबर के आंकड़े में कोई बदलाव नहीं होगा। इमरान खान अपनी 27 मार्च की रैली को देशभर में आक्रामक प्रचार के लिए शुरुआत के रूप में कर सकते हैं। साथ ही चुनाव कराने का ऐलान कर सकते हैं। पाकिस्‍तान के गृहमंत्री शेख रशीद ने गुरुवार को कहा है कि देश में जल्‍दी आम चुनाव हो सकते हैं।



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