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देखिए 11 साल के इस नन्हें जीनियस का कमाल, बीटेक और एमटेक के छात्रों को दे रहा ट्यूशन

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नई दिल्ली: हम सभी के लिए शिक्षा प्राप्त करना मानों सौभाग्य से कम नहीं है. क्योंकि आज भी काफी ऐसे छात्र-छात्राएं है जिन्हें शिक्षा नहीं मिल पाती है. शिक्षा आज के युग में काफी अहम है. आज भले ही हमने काफी तरक्की क्यों न कर ली हो लेकिन जानकारियों का सिलसिला आज भी समाप्त नहीं हुआ है.

लेकिन इस आर्टिकल द्वारा हम आपको न तो शिक्षा का महत्व न ही उसकी जानकरियों के बारे में बताएंगे, बल्कि आज हम आपको कुछ अलग और हैरान करने वाला मामला लेकर आए है, जो इससे पहले शायद ही अपने सुना हो. बहरहाल यह मामला काफी ज्यादा सुर्खियां बटोर रहा है.

11 वर्षीय मोहम्मद हसन अली अपनी नॉलेज को लेकर सुर्खियों में छाए है 

ये मामला है हैदराबाद का जहां 11 वर्षीय मोहम्मद हसन अली अपनी नॉलेज को लेकर सुर्खियों का पात्र बना हुआ है. हसन सातवीं क्लास में पढ़ता है. जहां इस उम्र में बच्चा खुद ट्यूशन लेता है वहीं हसन ‘बीटेक’ और ‘एमटेक’ के छात्रों को डिजाइनिंग और ड्राफ्टिंग की पढ़ाई सीखाता है. इसके लिए हसन अपने स्टूडेंट्स से कोई फीस नहीं लेता है. ये ही नहीं हसन का लक्ष्य है कि वो साल 2020 तक एक हजार इंजीनियर्स को पढ़ा सके.

देश के लिए कुछ करना चाहता हूं- हसन 

समाचार एजेंसी ANI से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया है कि मैं पिछले 1 साल से ‘बीटेक’ और ‘एमटेक’ के छात्रों को पढ़ रहा हूं. मेरे लिए इंटरनेट सीखने का संसाधन है. मैं इसके लिए फीस नहीं लेता क्योंकि मैं देश के लिए कुछ करना चाहता हूं. उन्होंने आगे बताया कि मैं सुबह स्कूल जाता हूं और 3 बजे घर आ जाता हूं. हालांकि इस दौरान वो अपने आपको खेल के लिए भी समय देता है. शाम 6 बजे तक मैं पढ़ाने के लिए कोचिंग चला जाता हूं.

हमारे इंजीनियर एक खास मामले में पिछड़ जाते हैं और वह चीज थी ‘कम्युनिकेशन स्किल’

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जब हसन से सवाल पूछा गया कि आपको अपनी उम्र से बड़े छात्रों को पढ़ाने का ख्याल कैसे आया तो इस पर उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि मैं इंटरनेट पर एक वीडियो देख रहा था, जिसमें बताया जा गया कि भारतीय छात्र इतनी पढ़ाई के बाद भी छोटी-मोटी नौकरियां कर रहें थे. तब माने सोचा कि हमारे इंजीनियर एक खास मामले में पिछड़ जाते हैं और वह चीज थी ‘कम्युनिकेशन स्किल’. क्योंकि हमारे यहां के छात्र कम्युनिकेशन में काफी कमजोर है. इसी वजह से वह पीछे रहा जाते है. वहीं मेरा पसंदीद विषय डिजाइनिंग था तो मैंने इस पर काफी मेहनत की और काम करना शुरू कर दिया.

सुषमा का बयान 

वहीं हसन के पास पढ़ने के लिए आने वाली छात्र सुषमा ने कहा कि मैं सिविल सॉफ्टवेयर सीखने के लिए पिछले डेढ़ महीने से यहां आ रहीं हूं. वहीं हसन हम सभी छोटा है लेकिन काफी अच्छा पढ़ता है. उसकी स्किल काफी बेहतरीन है और उसकी बताई चीजे समझनी आसान होती है.