बीते दिनों आरएसएस द्वारा संघ शिक्षा वर्ग तृतीय वर्ष के शिविर में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित थे |आरएसएस द्वारा ये न्योता स्वीकार करने पर कई कांग्रेसी नेता प्रणब मुखर्जी से नाराज़ थे |लेकिन अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह पूर्व राष्ट्रपति के बचाव में आये है |
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दिग्विजय सिंह ने किया पूर्व राष्ट्रपति का समर्थन कहा सही जगह पर सही आइना दिखाया
दिग्विजय सिंह ने कहा कि प्रणब मुखर्जी का आरएसएस प्रमुख मोहन भगवत के साथ मंच सांझा करना गलत नहीं था |वे बोले कि अगर मझे उनके द्वारा न्योता दिया जाता तो मै भी शिविर में शामिल होने ख़ुशी -ख़ुशी जाता |ये और बात है कि आरएसएस मुझे न्योता नहीं देती |अपनी बात को पूरा करते हुए वरिष्ठ नेता बोले कि भागवत के साथ मंच सांझा करके पूर्व राष्ट्रपति ने राष्ट्रिय स्वयं सेवा संघ को सही जगह पर सही आइना दिखाया है |
हिंसा ,नफरत, आतंकवाद और घृणा को दिया बढ़ावा
राष्ट्रिय स्वयं सेवा संघ (आरएसएस) पर बोलते हुए दिग्विजय ने कहा ,बचपन से धर्म के नाम पर उन लोगों के दिमाग में कीड़े पैदा कर दिए है |ये कीड़े है नफरत के, धर्म के , अब उन लोगों पर किसी भी चीज़ का कोई असर नहीं पड़ने वाला है|आपको बता दें कि प्रणब के आरएसएस शिविर में सम्मलित होने पर अपनी राय दिग्विजय सिंह ने सीधी बात में रखी|उन्होंने कहा , अगर हमें इस देश को बचाना है तो इस देश की संस्कृति, इस देश का स्वभाव हमें समझना चाहिए | हालांकि दिग्विजय द्वारा प्रणब के नागपुर जाने का समर्थन करना कुछ लोगों के गले नहीं उतर रहा है ,जिसका कारण यह है कि वरिष्ठ नेता शुरुवात से ही संघ के कट्टर विरोधी रहे है |हाल ही में मध्य प्रदेश में उन्होंने कहा था आरएसएस ने हमेशा से ही हिंसा, घृणा और आतंकवाद को बढ़ावा दिया है |
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हिन्दू आतंकवाद नहीं संघी आतंकवाद का लिया था नाम
पहले भी दिग्विजय सिंह ने अपने बयानों में ये साफ़ किया कि उन्होंने कभी हिन्दू आतंकवाद का नाम नहीं लिया क्योंकि वह स्वयं एक हिन्दू है |उन्होंने ये बात साफ़ की कि वह संघी आतंकवाद के खिलाफ है |और कोई भी धर्म कभी आतंकवाद को बढ़ावा नहीं दे सकता |

