Corona Third Wave: कोरोना की तीसरी लहर में बच्चे बनेंगे शिकार! सुब्रमण्यम स्वामी ने क्यों कही ये बात? h3>
नई दिल्ली
देशभर में कोरोना की दूसरी लहर से हाहाकार मचा है। केंद्र सरकार ने अभी कोरोना के तीसरी लहर की भी आशंका जताई है। इस बीच, बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कोरोना की तीसरी लहर को लेकर एक दावा कर सनसनी फैला दी। स्वामी ने दावा किया है कि देश में जब कोविड की तीसरी लहर आएगी तो इसमें बच्चे भी प्रभावित होंगे। स्वामी ने ट्वीट करते यह बात कही है।
स्वामी के ट्विटर पर 10.3 मिलियन फॉलोवर हैं। उन्होंने मशहूर हार्वर्ड युनिवर्सिटी से पीएचडी की डिग्री हासिल की है। वह दिल्ली आईआईटी में प्रोफेसर भी रह चुके हैं और योजना आयोग में भी बतौर सदस्य उन्होंने काम किया है। इतने जिम्मेदार पदों पर रह चुके सुब्रमण्यम स्वामी ने हालांकि अपने इस दावे को लेकर किसी भी तरह के रिसर्च का हवाला नहीं दिया है। उन्होंने यह भी नहीं बताया है कि वह किस आधार पर यह दावा कर रहे हैं कि कोरोना की तीसरी वेव में बच्चे भी प्रभावित होंगे।
क्या गलत संदेश दे रहे स्वामी
प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में पढ़े-पढ़ा चुके स्वामी को एक चिंतनशील नेता के तौर पर जाना जाता है। ऐसे में बिना किसी रिसर्च या स्टडी का जिक्र किए उनके व्यक्तिगत तथ्यों के आधार पर कही गई इस बात से देश में व्यापक स्तर पर लोगों में डर का माहौल पैदा होने की आशंका है। लोग कोरोना की दो लहरों की तबाही से पहले ही परेशान हैं। स्वामी के दावे के कुछ देर बाद जब स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस की तो उन्होंने भी देश में कोरोना की तीसरी वेव की आशंका जाहिर की लेकिन उन्होंने यह बताने में असमर्थता जाहिर की कि इस वेव से कौन-किस तरह से प्रभावित होगा।
India will survive Coronavirus Pandemic as it did Islamic invaders and British Imperialists. We could face one more… https://t.co/GMzTCBoVPS
— Subramanian Swamy (@Swamy39) 1620175192000
वैज्ञानिक सलाहकार ने क्या कहा?
मोदी सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के. राघवन ने बुधवार को बताया कि कोरोना की तीसरी वेव निश्चित तौर पर आएगी इसलिए सरकार को इसके लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह से यह वायरस बढ़ रहा है, उसे देखते हुए कोरोना की तीसरी लहर को कोई नहीं रोक सकता। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि यह कब आएगी और कैसे तथा किसे इफेक्ट करेगी, इस बारे में अभी से कुछ नहीं कहा जा सकता। ऐसे में सुब्रमण्यम स्वामी के दावे पर एक बार फिर से सवाल उठता है कि आखिर उनके कोरोना की तीसरी वेव से बच्चों के प्रभावित होने की आशंका का आधार क्या है?
NBT की अपील- घबराएं नहीं..
स्वामी के दावे के बावजूद हम अपने पाठकों से अपील करते हैं कि कोरोना की तीसरी वेव को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है बल्कि ऐसे वक्त में लोगों को हौसला बनाए रखना चाहिए और कोरोना के नियमों का पालन करना चाहिए। अभी तक केंद्र सरकार के वैज्ञानिक सलाहकार ने भी यह दावा नहीं किया है कि कोरोना की तीसरी लहर से कौन-किस तरह से प्रभावित होगा। के. राघवन ने यह जरूर कहा है कि कोरोना की तीसरी लहर जरूरी तौर पर आएगी लेकिन साथ-साथ उन्होंने यह भी साफ किया कि यह कब आएगी और किस पैमाने पर आएगी यह कह पाना अभी मुश्किल है। मास्क का इस्तेमाल, घर से बेहद जरूरी होने पर ही बाहर निकलना, सैनिटाइजर का इस्तेमाल, लोगों से मुलाकातें बंद कर हम कोरोना से काफी हद तक बच सकते हैं।
12 राज्यों में 1 लाख से ज्यादा ऐक्टिव केस
बता दें कि देश भर में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 3,82,315 मामले दर्ज किए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि देश में 12 राज्य ऐसे हैं जहां 1 लाख से ज्यादा सक्रिय मामले हैं। 50,000 से 1,00,000 सक्रिय मामले 7 राज्यों में हैं। 17 राज्यों में 50,000 से कम सक्रिय मामले हैं। अग्रवाल ने बताया कि रोजाना आधार पर कोविड के मामले करीब 2.4 फीसदी की रफ्तार से बढ़ रहे हैं। इस दौरान मरने वालों की संख्या में भी इजाफा हुआ है।
देश में 24 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ऐसे हैं जहां 15 फीसदी से ज्यादा पॉजिटिविटी रेट है। 10 राज्यों में 5-15 फीसदी पॉजिटिविटी रेट है। वहीं, 3 राज्यों में 5 फीसदी से कम पॉजिटिविटी रेट है। अग्रवाल ने कहा कि महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा में मौत के ज्यादा मामले देखने को मिल रहे हैं।
देशभर में कोरोना की दूसरी लहर से हाहाकार मचा है। केंद्र सरकार ने अभी कोरोना के तीसरी लहर की भी आशंका जताई है। इस बीच, बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कोरोना की तीसरी लहर को लेकर एक दावा कर सनसनी फैला दी। स्वामी ने दावा किया है कि देश में जब कोविड की तीसरी लहर आएगी तो इसमें बच्चे भी प्रभावित होंगे। स्वामी ने ट्वीट करते यह बात कही है।
स्वामी के ट्विटर पर 10.3 मिलियन फॉलोवर हैं। उन्होंने मशहूर हार्वर्ड युनिवर्सिटी से पीएचडी की डिग्री हासिल की है। वह दिल्ली आईआईटी में प्रोफेसर भी रह चुके हैं और योजना आयोग में भी बतौर सदस्य उन्होंने काम किया है। इतने जिम्मेदार पदों पर रह चुके सुब्रमण्यम स्वामी ने हालांकि अपने इस दावे को लेकर किसी भी तरह के रिसर्च का हवाला नहीं दिया है। उन्होंने यह भी नहीं बताया है कि वह किस आधार पर यह दावा कर रहे हैं कि कोरोना की तीसरी वेव में बच्चे भी प्रभावित होंगे।
क्या गलत संदेश दे रहे स्वामी
प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में पढ़े-पढ़ा चुके स्वामी को एक चिंतनशील नेता के तौर पर जाना जाता है। ऐसे में बिना किसी रिसर्च या स्टडी का जिक्र किए उनके व्यक्तिगत तथ्यों के आधार पर कही गई इस बात से देश में व्यापक स्तर पर लोगों में डर का माहौल पैदा होने की आशंका है। लोग कोरोना की दो लहरों की तबाही से पहले ही परेशान हैं। स्वामी के दावे के कुछ देर बाद जब स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस की तो उन्होंने भी देश में कोरोना की तीसरी वेव की आशंका जाहिर की लेकिन उन्होंने यह बताने में असमर्थता जाहिर की कि इस वेव से कौन-किस तरह से प्रभावित होगा।
India will survive Coronavirus Pandemic as it did Islamic invaders and British Imperialists. We could face one more… https://t.co/GMzTCBoVPS
— Subramanian Swamy (@Swamy39) 1620175192000
वैज्ञानिक सलाहकार ने क्या कहा?
मोदी सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के. राघवन ने बुधवार को बताया कि कोरोना की तीसरी वेव निश्चित तौर पर आएगी इसलिए सरकार को इसके लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह से यह वायरस बढ़ रहा है, उसे देखते हुए कोरोना की तीसरी लहर को कोई नहीं रोक सकता। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि यह कब आएगी और कैसे तथा किसे इफेक्ट करेगी, इस बारे में अभी से कुछ नहीं कहा जा सकता। ऐसे में सुब्रमण्यम स्वामी के दावे पर एक बार फिर से सवाल उठता है कि आखिर उनके कोरोना की तीसरी वेव से बच्चों के प्रभावित होने की आशंका का आधार क्या है?
NBT की अपील- घबराएं नहीं..
स्वामी के दावे के बावजूद हम अपने पाठकों से अपील करते हैं कि कोरोना की तीसरी वेव को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है बल्कि ऐसे वक्त में लोगों को हौसला बनाए रखना चाहिए और कोरोना के नियमों का पालन करना चाहिए। अभी तक केंद्र सरकार के वैज्ञानिक सलाहकार ने भी यह दावा नहीं किया है कि कोरोना की तीसरी लहर से कौन-किस तरह से प्रभावित होगा। के. राघवन ने यह जरूर कहा है कि कोरोना की तीसरी लहर जरूरी तौर पर आएगी लेकिन साथ-साथ उन्होंने यह भी साफ किया कि यह कब आएगी और किस पैमाने पर आएगी यह कह पाना अभी मुश्किल है। मास्क का इस्तेमाल, घर से बेहद जरूरी होने पर ही बाहर निकलना, सैनिटाइजर का इस्तेमाल, लोगों से मुलाकातें बंद कर हम कोरोना से काफी हद तक बच सकते हैं।
12 राज्यों में 1 लाख से ज्यादा ऐक्टिव केस
बता दें कि देश भर में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 3,82,315 मामले दर्ज किए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि देश में 12 राज्य ऐसे हैं जहां 1 लाख से ज्यादा सक्रिय मामले हैं। 50,000 से 1,00,000 सक्रिय मामले 7 राज्यों में हैं। 17 राज्यों में 50,000 से कम सक्रिय मामले हैं। अग्रवाल ने बताया कि रोजाना आधार पर कोविड के मामले करीब 2.4 फीसदी की रफ्तार से बढ़ रहे हैं। इस दौरान मरने वालों की संख्या में भी इजाफा हुआ है।
देश में 24 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ऐसे हैं जहां 15 फीसदी से ज्यादा पॉजिटिविटी रेट है। 10 राज्यों में 5-15 फीसदी पॉजिटिविटी रेट है। वहीं, 3 राज्यों में 5 फीसदी से कम पॉजिटिविटी रेट है। अग्रवाल ने कहा कि महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा में मौत के ज्यादा मामले देखने को मिल रहे हैं।