आईएमए (IMA) की प्रतिक्रिया केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन (Dr Harsh Vardhan) और दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन (Satyendar Jain) के बयानों के बाद आई है. हर्षवर्धन ने कहा था कि देश अब Covid-19 के खत्म होने की ओर बढ़ रहा है.
नई दिल्ली: भारतीय चिकित्सा संघ (IMA) ने सोमवार को कहा कि जनप्रतिनिधियों और सियासतदानों को कोविड-19 (Covid-19) महामारी के खत्म होने के कगार पर होने जैसे बिना वजह के बयान नहीं देने चाहिए. ऐसी टिप्पणियों से आम लोगों में ‘सुरक्षा की झूठी भावना’ पैदा होती है.
इसलिए आया रिएक्शन?
आईएमए की यह प्रतिक्रिया केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के बयानों पर आई है. हर्षवर्धन ने रविवार को कहा था कि देश में कोविड-19 खत्म होने की ओर बढ़ रहा है जबकि जैन ने कहा था कोरोना वायरस महामारी राष्ट्रीय राजधानी में ‘एंडेमिक (स्थानिक)’ चरण में है.
IMA की अपील
गौरतलब है कि कोई भी बीमारी स्थानिक तब होती है जब दुनिया की आबादी में इसकी उपस्थिति और सामान्य प्रचलन जारी रहे यानी कि बढ़ता रहे. वहीं डॉक्टरों की संस्था ने कहा है कि इस चरण में यह कहना कि यह बीमारी खत्म हो रही है, सही नहीं होगा. आईएमए ने कहा, ‘बेवजह के राजनीतिक बयान सुरक्षा की झूठी भावना पैदा करते हैं. IMA जिसके 740 फ्रंटलाइन योद्धाओं ने कोरोना वायरस (Coronavirus) के खिलाफ जंग में अपनी जान दी है, नागरिकों से अपील करती है कि मास्क पहनें, एक-दूसरे से दूरी बना कर रखें और साफ-सफाई का ख्याल भी रखें.’
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IMA ने इसी के साथ कोरोना वैक्सीन लगवाने की अपील भी की है. संस्था के मुताबिक, ‘हमारे देश में बहुत प्रभावशाली और सुरक्षित कोरोना वैक्सीन पेश की गई है जो हमारे लिए आत्मविश्वास के साथ इस चुनौतीपूर्ण हालात का सामना करने का एक उपकरण है.’

