एक दशक से ज़्यादा के इंतज़ार के बाद चीन और उत्तर कोरिया को जोड़ने वाला नया यालू नदी पुल शुरू होगा
चीन और उत्तर कोरिया के बीच व्यापार और आवागमन को एक नई राह मिलने वाली है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देशों को जोड़ने वाला नया यालू नदी पुल, जो करीब 12 साल पहले बनकर तैयार हो गया…
चीन और उत्तर कोरिया के बीच व्यापार और आवागमन को एक नई राह मिलने वाली है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देशों को जोड़ने वाला नया यालू नदी पुल, जो करीब 12 साल पहले बनकर तैयार हो गया था, अब गुरुवार को आधिकारिक तौर पर यातायात के लिए खोला जाएगा। चीनी सरकारी समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने जानकारी दी है कि इस अवसर पर एक उद्घाटन समारोह का भी आयोजन किया जाएगा।
यह पुल चीन के पूर्वोत्तर शहर दानदोंग को उत्तर कोरिया के सिनुइजू शहर से जोड़ता है। इसका निर्माण 2011 में शुरू होकर अक्टूबर 2014 में ही पूरा हो गया था। हालांकि, उत्तर कोरिया की तरफ संपर्क सड़कों, सीमा शुल्क कार्यालयों और अन्य ज़रूरी ढाँचे के तैयार न होने की वजह से यह अब तक बंद पड़ा था। हाल के दिनों में इस पर वाहनों की आवाजाही देखी गई थी, जिससे इसके जल्द खुलने के संकेत मिल रहे थे।
पुराने पुल का बोझ होगा कम
यह 3,024 मीटर लंबा चार-लेन वाला सड़क पुल दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद 'मैत्री पुल' (Friendship Bridge) का पूरक बनेगा। 1943 में बना पुराना पुल लंबे समय से संपर्क का मुख्य ज़रिया रहा है, लेकिन उसकी क्षमता सीमित है। उस पर रेल और सड़क, दोनों तरह का यातायात चलता है, लेकिन सड़क मार्ग पर एक समय में सिर्फ़ एक ही दिशा में वाहन जा सकते हैं। नए पुल के शुरू होने से सीमा पार माल ढुलाई में लगने वाला समय घटेगा और पुराने मार्ग पर दबाव भी कम होगा।
रणनीतिक संबंधों की पृष्ठभूमि
यह पुल एक ऐसे समय में खुल रहा है जब चीन और उत्तर कोरिया अपने द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत कर रहे हैं। गौरतलब है कि जून में प्योंगयांग में हुई एक मुलाकात के दौरान उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने आपसी आदान-प्रदान बढ़ाने और संबंधों को रणनीतिक स्तर पर मज़बूत करने पर सहमति जताई थी। चीन उत्तर कोरिया का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार होने के साथ-साथ एक प्रमुख आर्थिक और कूटनीतिक समर्थक भी है।
इनपुट: IANS



