हिंदू बनकर दोस्ती, फिर जन्नत जाने के लिए गैंगरेप: साहिल निकला फहीम, पीड़ित से बोला- गोमांस खाओ, ये मुस्लिम बनने की शर्त h3>
14 मई 2026, दिल्ली के जामिया नगर थाने में 23 साल की लड़की ने 6 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई। उसने मेरठ के रहने वाले फहीम, उसके मां-बाप और दो भाई के खिलाफ अगवा करने, बंधक बनाने, गैंगरेप, ब्लैकमेलिंग और धर्मांतरण का दबाव बनाने का आरोप लगाया।
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लड़की हिंदू है। उसने बताया कि 32 साल के फहीम ने साहिल बनकर पहले दोस्ती की। फिर मेरठ में अपने घर ले गया। वहां फहीम, उसके पिता, भाई और मौलवी ने रेप किया। वे कहते थे कि हिंदू लड़की के साथ ऐसा करने से जन्नत मिलती है। पूरा परिवार बुर्का पहनने और गोमांस खाने के लिए दबाव बनाता था। उनके चंगुल से निकलने में पांच साल लग गए।
इंस्टाग्राम पर दोस्ती, फिर नशा देकर अश्लील वीडियो बनाए
पीड़ित ने बताया, ‘नवंबर 2021 में इंस्टाग्राम पर साहिल की रिक्वेस्ट आई थी। कुछ ही महीनों में दोस्ती गहरी हो गई। मार्च 2022 में साहिल ने मुझे दिल्ली के बाटला हाउस (जाकिर नगर) बुलाया।’
‘उससे मिलने पहुंची, तो बातों में फंसाकर दोस्त अली के फ्लैट पर ले गया। अली से मेरे लिए जूस मंगाया। उसे पीते ही नशा होने लगा। इसके बाद साहिल और अली ने मेरा रेप किया। वीडियो भी बना लिया।’
’होश आया, तो साहिल ने कहा, तुम्हारे लिए सरप्राइज है। उसने सारे वीडियो और फोटो दिखाईं। बोला- किसी को बताना नहीं। जब बुलाऊं, तो आ जाना, वरना तुम्हारे मां-बाप को सारी रिकॉर्डिंग भेज दूंगा। इन्हें वायरल भी कर दूंगा।’
पिस्टल दिखाकर किडनैपिंग, साहिल के घर पहुंचकर पता चला वो मुस्लिम है
पीड़ित ने आगे बताया, ‘साहिल ने मुझे एक बार फिर बाटला हाउस बुलाया। पिस्टल दिखाकर धमकाया और दोस्त गोविंदा के साथ मेरठ के सठला गांव ले गया। यहां साहिल का घर है। वहां पहुंचने पर पता चला कि वो मुसलमान है। उसका असली नाम फहीम है। अभी मेरे साथ जितना बुरा हुआ, उससे ज्यादा बुरा होना बाकी था।’
मेरठ के सठला गांव से बाहर कस्बे में फहीम (साहिल) के घर पर ताला पड़ा है। केस दर्ज होने के बाद से परिवार के लोग जेल में हैं। एक भाई और बहन फरार बताए जा रहे हैं।
‘उसी रात साहिल और फिर उसके अब्बू ने मेरे साथ संबंध बनाए। साहिल से कुछ कह पाती, उससे पहले ही वो बिना बताए सहारनपुर चला गया। मैंने साहिल की मां तस्लीमा और बहन इकरा से रोते हुए घर भेजने की गुजारिश की, लेकिन वे नहीं मानीं। दोनों ने मिलकर मारा-पीटा और कहा- अब तुम्हें यहीं रहना है।’
’एक दिन साहिल के परिवारवालों ने मां को जबरदस्ती फोन कराया। कहा कि मैं उनसे बोलूं कि मैंने कोर्ट मैरिज कर ली है और अब मुझे न तलाशें। मैंने उनके दबाव में आकर यही सब कह दिया। इसके बाद मेरी मां ने मुझे खोजना भी बंद कर दिया। उन्हें लगा सब मेरी मर्जी से हो रहा है।’
साहिल से निकाह पढ़वाया, मौलवी बोला- खुशनसीब है, मुसलमान के घर आ गई
पीड़ित ने आगे बताया, ‘करीब 7 दिन बाद साहिल की मां और बहन मुझे अगवानपुर के एक मदरसे ले गईं। साहिल के मामा हाफिज मंजूर वहां मौलवी थे। उसने मुझसे मिलते ही कहा, ‘तू खुशनसीब है कि मुसलमान घर में आ गई। अब तुझे जन्नत मिलेगी। मैं अपने घर जाने के लिए रोने लगी, तो बोले- तेरा निकाह फहीम (साहिल) से ही होगा। फिर उससे मेरा निकाह पढ़वा दिया।’
‘साहिल के घरवाले मुझे वापस घर ले आए। मुझे पर गोमांस खिलाने के लिए दबाव बनाते थे। कहते कि ये नहीं खाओगी, तो मुस्लिम कैसे बनोगी। मुझसे मांस धुलवाते और पकाने के लिए कहते। एक दिन मेरे सामने ही मुर्गा काटा और उसका खून मेरे ऊपर डाल दिया।’
पीड़ित के मुताबिक, आरोपी के परिवार वाले उसे पांचों वक्त की नमाज पढ़ने के लिए कहते थे। मना करने पर पीटते थे।
कितने लोग मेरे कमरे में आए, गिनती भी याद नहीं
पीड़ित ने बताया- ‘निकाह के बाद साहिल के परिवार वाले मुझे एक मौलवी के पास ले गए। उसने मेरे साथ गलत हरकत की। फिर वो आए दिन घर आने लगा। परिवार वाले उसे मेरे कमरे में भेज देते। वो जोर-जबरदस्ती करता, लेकिन कोई मदद करने नहीं आता। फिर वो अपने साथ और लोगों को भी लाने लगा।‘
‘मैंने विरोध किया तो मौलवी ने कहा, ये सब फ्री में नहीं करते, तेरी सास को पैसा देते हैं। तब मुझे समझ आया कि मेरी सास मुझसे धंधा करा रही है। वो कहती थी कि हमारे यहां हिंदू लड़की लाने का मतलब जन्नत जाने का रास्ता साफ करना है। वो अपने दूसरे दोनों बेटों से भी हिंदू लड़की लाने को कहती थी।’
‘गांव में और भी हिंदू लड़कियां, जिन्हें लड़के फंसाकर लाए’
गांव में किसी को पता नहीं चला कि आपको जबरदस्ती घर में रखा गया है? पीड़ित कहती हैं, ‘सब जानते थे, लेकिन किसी को ऐतराज नहीं था। मुस्लिमों के गांव में और भी हिंदू लड़कियां हैं, जो मेरी तरह फंसाकर लाई गई हैं। गांव के लोग मुझे परिवार के मुताबिक रहने की सलाह देते।‘
‘3 महीने बाद प्रेग्नेंट हो गई, तो बच्चा रखने का दबाव डाला गया। बोला- अगर इसे कुछ हुआ, तो तू भुगतेगी। गांव के प्रधान फिरोज के जरिए मेरे आधार कार्ड पर पिता का नाम हटवाकर साहिल का नाम लिखवा दिया। मार्च 2023 में मेरे बेटी हुई। अब वो 3 साल की है।‘
सठला गांव में प्रधान फिरोज खान का दफ्तर, जहां पीड़ित का आधार कार्ड बदलवाया गया।
‘बेटी को लेकर ट्रेन से कटने गई तो अजनबी ने बचाया’
दिल्ली कैसे लौटीं? पीड़ित ने बताया, ‘नवंबर 2024 की बात है। साहिल की परिवार के साथ कुछ खटपट हो गई। वो मुझे और बेटी को लेकर बाटला हाउस आ गया। दो ही महीने बाद जनवरी में हथियारों की तस्करी के मामले में उसे जेल हो गई।‘
साहिल के जेल जाने के बाद कहां रहीं? वो बताती हैं, ‘साहिल का परिवार डराता-धमकाता, इसलिए काफी दिनों तक बाटला हाउस में रही। एक दिन हिम्मत करके अपने घर चली गई। वहां भी माता-पिता से सहारा नहीं मिला। पिता शराब पीते हैं। मां अकेले क्या करतीं। साहिल और उसके परिवार से मैं अकेले लड़ते-लड़ते थक गई थी।‘
‘इसी साल 10 मई को बेटी को लेकर ट्रेन से कटने जा रही थी, तभी एक भाई ने रोक लिया। उन्होंने समझाया और मदद का भरोसा दिलाया। तब मैंने साहिल और उसके परिवारवालों के खिलाफ FIR कराई।’
आरोपी फहीम (साहिल) ने अपने इंस्टाग्राम पर भी हथियारों के साथ वीडियो और फोटो पोस्ट कर रखे हैं।
फहीम पर कई केस, हिंदू लड़की से निकाह पर गांववाले चुप
इसके बाद हम साहिल उर्फ फहीम का बैकग्राउंड जानने के लिए उसके गांव सठला पहुंचे। उसका परिवार गांव का घर छोड़ चुका है। कस्बे में एक घर है, वहां ताला लगा है। आसपास रहने वाले फहीम (साहिल) का नाम सुनकर बात करने को तैयार नहीं हुए। ऑफ द रिकॉर्ड ये जरूर बताया कि उसका परिवार क्रिमिनल है। फहीम पर कई केस चल रहे हैं। पिता खुर्शीद पर डबल मर्डर का आरोप है।
गांव में रहने वाले माजिद ने ही बात की। वे बताते हैं, ‘फहीम पर मवाना थाने से गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हो चुकी है। लूट के भी केस हैं। रंगदारी मांगने के आरोप लगते रहे हैं। वो सोशल मीडिया पर हथियारों के वीडियो और फोटो डालता है। ‘
हिंदू लड़की से जबरदस्ती शादी की बात पर माजिद कहते हैं, ‘कोई लड़की किसी के साथ उसके घर आ गई। परिवारवाले उसे बहू बता रहे, तो कोई क्या शक करेगा। हमें जबरदस्ती शादी करने का पता मीडिया से चला।’
मेरठ के सठला गांव में आरोपी फहीम (साहिल) का घर।
गलत तरीके से पीड़ित का आधार कार्ड अपडेट कराने के आरोप में जेल भेजे गए गांव के प्रधान फिरोज जमानत पर बाहर आए हैं। वो कैमरे पर आए बिना कहते हैं, ‘फहीम से मेरा कोई संबंध नहीं है। मुझ पर गलत आरोप लगे हैं। इससे ज्यादा कुछ नहीं बता सकता, पुलिस ने केस पर बात करने से मना किया है।’
हिंदू लड़की को धोखे में रखकर शादी करने के सवाल पर वो कहते हैं, ‘गांव में किसके घर में क्या हो रहा है, प्रधान को नहीं पता चलता। लड़की भी मेरे पास नहीं आई। मुझे खबरों से ही पता चला।’
हमने फहीम के मामा मंजूर हुसैन से भी कॉन्टैक्ट करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं हो सकी।
पुलिस बोली- 5 आरोपी अरेस्ट, फहीम की बहन और भाई फरार
पुलिस ने इस मामले में फहीम समेत 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें अब्बू खुर्शीद, अम्मी तस्लीम, भाई जैद और मौलवी शामिल हैं। एक बहन और भाई फरार हैं। केस की जांच SI शरण्या कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ चल रही है। मेरठ के गांव में हिंदू लड़कियों को जबरदस्ती लाने के लड़की के आरोप पर कहा कि हर एंगल से छानबीन चल रही है। अभी ज्यादा कुछ नहीं बता सकते।
स्टोरी में सहयोग: प्रवेश कुमार, NEWS4SOCIALसहयोगी
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