हार्न बजाने का किया विरोध, बाइक सवार युवकों ने लाठी-डंडों से पीट-पीटकर कर दी हत्या , दिल्ली के रंजीत नगर में बढ़ा तनाव h3>
हार्न बजाने का विरोध करने की मिली सजा
पुलिस अफसर और परिजनों के मुताबिक, नितेश अपने परिवार के साथ शादीपुर गांव में रहते थे। परिवार में मां कमलेश के अलावा छोटा भाई पुनीत है। करीब सात साल पहले इनके पिता विजय कुमार की मौत हो गई थी। ग्रेजुएशन करने के बाद नितेश ने कुछ दिनों नौकरी की थी। फिलहाल वह घर पर थे। आरोप है कि बुधवार देर रात करीब 12.30 बजे नितेश मोहल्ले के ही रहने वाले अपने दोस्त आलोक और मोंटी के साथ मंदिर वाली गली में टहल रहा था। इस बीच दूसरे मोहल्ले के तीन युवक बाइक पर वहां पहुंचे। तीनों बाइक से लगातार हॉर्न बजा रहे थे। नितेश ने इसका विरोध किया तो आरोपी नितेश से हाथापाई करने लगे। कुछ ही देर बाद करीब एक दर्जन से अधिक लोग हथियारों के साथ वहां पहुंचे। आरोपियों ने नितेश, आलोक और मोंटी पर लाठी, डंडे और रॉड से हमला कर दिया। हमले में नितेश गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में सभी आरोपी फरार हो गए। गंभीर हालत में पहले नितेश को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे सफदरजंग रेफर कर दिया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान शनिवार देर रात को नितेश की मौत हो गई।
आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
हमले में मोंटी और आलोक को मामूली चोट लगी थी। पुलिस ने रविवार को पोस्टमार्टम के बाद नितेश का शव परिवार को सौंप दिया। नितेश की मौत के बाद स्थानीय लोगों ने वेस्ट पटेल नंबर पर पास जाम लगा दिया। शाम को पुलिस ने समझाकर लोगों को हटाया। इसके बाद परिजन नितेश शव अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट ले गए। पुलिस आरोपी अदनान, उजेफा और अब्बास की तलाश कर रही है। नितेश की मौत के बाद ग्रामीणों में घटना को लेकर खासा रोष है। अपना विरोध जताने के लिए ग्रामीणों ने अपनी पूरी मार्केट रविवार को बंद रखी। स्थानीय लोगों ने कहा है कि नितेश की अस्थियां विसर्जित होने के बाद शादीपुर और खामपुर गांव की संयुक्त पंचायत होगी।
डीसीपी श्वेता चौहान ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि यह महज इत्तिफाक है कि आरोपी अदनान, अब्बास और उजेफा दूसरे समुदाय के हैं। सीसीटीवी की जांच करने पर पता चला है कि घटना वाले दिन तीनों युवक जब मंदिर वाली गली में पहुंचे तो नितेश इन लड़कों से झगड़ा करता दिख रहा है। जांच के दौरान नितेश और आलोक दोनों युवकों के आपराधिक रिकॉर्ड मिले हैं।

