हाईटेक होंगे यूपी के पुलिस थाने और बैरक: सीएम योगी बोले- तकनीकी मानकों से नहीं होगा समझौता, खाली पदों पर मेरिट से होगी भर्ती – Uttar Pradesh News h3>
लखनऊ6 मिनट पहले
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कानून-व्यवस्था को मजबूत रखने वाले पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता और मनोबल को बढ़ाने के लिए उन्हें बेहतर आवासीय और कार्य सुविधाएं देना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस लाइन, थानों, बैरकों और अग्निशमन केंद्रों के निर्माण में गुणवत्ता और समयबद्धता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
क्वालिटी चेक के लिए ‘थर्ड पार्टी ऑडिट’ अनिवार्य
मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों में पूरी पारदर्शिता और मजबूती सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। सभी पुलिस आवासीय परियोजनाओं का समय-समय पर देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों से ‘थर्ड पार्टी ऑडिट’ कराया जाए।
यदि किसी प्रोजेक्ट में देरी की आशंका हो, तो वहां अतिरिक्त मैनपॉवर (मजदूर और इंजीनियर) लगाकर काम को समय पर पूरा किया जाए। तकनीकी मानकों में किसी भी तरह की लापरवाही पर सीधी कार्रवाई होगी।
खाली पद मेरिट के आधार पर तुरंत भरे जाएं
निगम की कार्यप्रणाली को और तेज करने के लिए मुख्यमंत्री ने मानव संसाधन (Human Resources) को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस आवास निगम में जितने भी पद खाली चल रहे हैं, उन्हें बिना किसी देरी के पूरी पारदर्शिता के साथ ‘मेरिट के आधार’ पर जल्द से जल्द भरा जाए।
समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने पिछले तीन वर्षों के कामकाज का ब्यौरा पेश किया, जिसमें पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर की बदलती तस्वीर सामने आई। वर्ष 2023 से 20 मई 2026 तक प्रदेश में कुल 1,586 निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं, जिनकी कुल लागत लगभग 1,104 करोड़ रुपये रही।
क्या-क्या बना: इन परियोजनाओं में हाईटेक बहुमंजिला बैरक, ट्रांजिट हॉस्टल, नए थाना भवन, अत्याधुनिक अग्निशमन केंद्र, पुलिस चौकियां, जीआरपी बैरक और एटीएस (ATS) फील्ड यूनिट के कार्यालय शामिल हैं। इसके अलावा थानों में महिला फरियादियों और महिला पुलिसकर्मियों के लिए विशेष प्रसाधन (Toilets) सुविधाओं का विकास किया गया है।
कमाई में भी आगे: 11.14 करोड़ के मुनाफे में निगम
सरकारी निर्माण इकाइयों के घाटे में रहने की धारणा को तोड़ते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम लगातार मुनाफे में चल रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में निगम ने अब तक 11.14 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (प्रॉफिट) कमाया है।
अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के सभी 75 जिलों में निगम सक्रिय है और कुल 233 परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जिनमें से 221 कार्य तय समयसीमा के भीतर तेजी से पूरे हो रहे हैं। इनकी निगरानी मोबाइल ऐप आधारित रीयल टाइम ट्रैकिंग और सामग्री परीक्षण के जरिए की जा रही है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कानून-व्यवस्था को मजबूत रखने वाले पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता और मनोबल को बढ़ाने के लिए उन्हें बेहतर आवासीय और कार्य सुविधाएं देना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस लाइन, थानों, बैरकों और अग्निशमन केंद्रों के निर्माण में गुणवत्ता और समयबद्धता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
क्वालिटी चेक के लिए ‘थर्ड पार्टी ऑडिट’ अनिवार्य
मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों में पूरी पारदर्शिता और मजबूती सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। सभी पुलिस आवासीय परियोजनाओं का समय-समय पर देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों से ‘थर्ड पार्टी ऑडिट’ कराया जाए।
यदि किसी प्रोजेक्ट में देरी की आशंका हो, तो वहां अतिरिक्त मैनपॉवर (मजदूर और इंजीनियर) लगाकर काम को समय पर पूरा किया जाए। तकनीकी मानकों में किसी भी तरह की लापरवाही पर सीधी कार्रवाई होगी।
खाली पद मेरिट के आधार पर तुरंत भरे जाएं
निगम की कार्यप्रणाली को और तेज करने के लिए मुख्यमंत्री ने मानव संसाधन (Human Resources) को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस आवास निगम में जितने भी पद खाली चल रहे हैं, उन्हें बिना किसी देरी के पूरी पारदर्शिता के साथ ‘मेरिट के आधार’ पर जल्द से जल्द भरा जाए।
समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने पिछले तीन वर्षों के कामकाज का ब्यौरा पेश किया, जिसमें पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर की बदलती तस्वीर सामने आई। वर्ष 2023 से 20 मई 2026 तक प्रदेश में कुल 1,586 निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं, जिनकी कुल लागत लगभग 1,104 करोड़ रुपये रही।
क्या-क्या बना: इन परियोजनाओं में हाईटेक बहुमंजिला बैरक, ट्रांजिट हॉस्टल, नए थाना भवन, अत्याधुनिक अग्निशमन केंद्र, पुलिस चौकियां, जीआरपी बैरक और एटीएस (ATS) फील्ड यूनिट के कार्यालय शामिल हैं। इसके अलावा थानों में महिला फरियादियों और महिला पुलिसकर्मियों के लिए विशेष प्रसाधन (Toilets) सुविधाओं का विकास किया गया है।
कमाई में भी आगे: 11.14 करोड़ के मुनाफे में निगम
सरकारी निर्माण इकाइयों के घाटे में रहने की धारणा को तोड़ते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम लगातार मुनाफे में चल रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में निगम ने अब तक 11.14 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (प्रॉफिट) कमाया है।
अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के सभी 75 जिलों में निगम सक्रिय है और कुल 233 परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जिनमें से 221 कार्य तय समयसीमा के भीतर तेजी से पूरे हो रहे हैं। इनकी निगरानी मोबाइल ऐप आधारित रीयल टाइम ट्रैकिंग और सामग्री परीक्षण के जरिए की जा रही है।
