हनुमान बेनीवाल ने पूछा-‘भेड़ बकरियों का रेट बताओ’: विधायक के कॉल पर ‘108’ बेअसर; डॉ. किरोड़ीलाल के भक्त की ‘मन्नत’ – Rajasthan News

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हनुमान बेनीवाल ने पूछा-‘भेड़ बकरियों का रेट बताओ’:  विधायक के कॉल पर ‘108’ बेअसर; डॉ. किरोड़ीलाल के भक्त की ‘मन्नत’ – Rajasthan News

हनुमान बेनीवाल ने पूछा-‘भेड़ बकरियों का रेट बताओ’: विधायक के कॉल पर ‘108’ बेअसर; डॉ. किरोड़ीलाल के भक्त की ‘मन्नत’ – Rajasthan News

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नागौर में दिशा की मीटिंग में सांसद हनुमान बेनीवाल ने अफसरों से भेड़-बकरियों की कीमत पूछ ली। सीकर के फतेहपुर में विधायक हाकम अली खान ने हादसे में घायल की मदद के लिए 108 पर कॉल किया, लेकिन रिस्पॉन्स नहीं मिला। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के लिए मांगी मन्नत पूरी होने के बाद एक समर्थक खाटूश्यामजी की पदयात्रा पर रवाना हुआ। राजस्थान की राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में…

1. सांसद ने अफसर से पूछी भेड़-बकरियों की ‘रेट’

जिले-जिले में अफसरों की क्लास लग रही है। कहीं समोसे वाले तंज हो रहे हैं तो कहीं भेड़-बकरियों की कीमत पूछी जा रही है।

नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल तो जिस मीटिंग में होते हैं, उसमें या तो हंसी मजाक चलेगा, या फिर अफसरों को जवाब देते न बनेगा।

एक पशुपालक की 13 भेड़ों की मौत के बाद उसे कितना मुआवजा दिया गया। मुद्दा यह था। सांसद महोदय ने अफसरों से सीधे भेड़ बकरियों की रेट पूछ ली।

अधिकारी समझ नहीं पाए कि क्या जवाब दें। किसी तरह मैनेज किया। सांसद ने एक-एक पशु का नाम लेकर पूछा- बकरी का कितना मुआवजा देते हो? भेड़ों का मुआवजा कितना है? नागौरी गाय देसी का मुआवजा कितना है? भैंस का कितना मुआवजा है?

एक बात तो हम अक्सर बच्चों से कहते हैं, अधिकारियों से भी कहनी चाहिए- होमवर्क करके जाओ। वरना सांसद महोदय से फिर मुलाकात होगी।

डीडवाना-कुचामन जिले के कुचामन में सांसद हनुमान बेनीवाल दिशा की मीटिंग में पहुंचे। उन्होंने मवेशियों की मौत के बाद पशुपालक के मुआवजे के मुद्दा उठाते हुए अफसरों से पूछा- भेड़ बकरियों का कितना मुआवजा देते हो?

2. कृषि मंत्री के भक्त की मन्नत पूरी

कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा किसी न किसी वजह से चर्चा में रहते हैं। मुद्दा तो इन दिनों खाद का चल रहा है। मंत्रीजी ने कहा कि खाद की कोई कमी नहीं है, जितना प्रचार किया जा रहा है, उतनी भी कम नहीं है।

साहब की छापामार शैली भी प्रसिद्ध रही है। वे कहीं भी धरना दे देने में सक्षम हैं। इतना ही नहीं, धुन सवार हो तो नाचने से भी पीछे नहीं हटते।

मंत्रीजी की छवि ही ऐसी है कि कई फैन भी गाहे-बगाहे सामने आते हैं। एक फैन सवाई माधोपुर के हैं। नाम है राजेश गोयल।

दो साल पहले गोयल साहब ने खाटू श्यामजी जाकर चहेते नेता किरोड़ी लाल मीणा की जीत की मन्नत मांगी थी। कहा था- किरोड़ी बाबा जीत गए तो श्याम बाबा के दरबार तक पैदल जाऊंगा।

किरोड़ी बाबा जीत भी गए और मंत्री भी बन गए। अब गोयल साहब पदयात्रा पर निकल पड़े हैं। हर बार नेताजी से ही वादा निभाने की उम्मीद क्यों, कभी कभी समर्थक भी वादा निभा जाते हैं।

सवाई माधोपुर के राजेश गोयल डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के बड़े समर्थक हैं। उन्होंने किरोड़ी की चुनावी जीत की मन्नत मांगी थी। ऐसे में संकल्प पूरा करने के लिए खाटू श्यामजी की पदयात्रा पर निकले हैं।

3. विधायक लगाते रह गए कॉल

भलाई का जमाना ही नहीं है। कोई भलाई करना चाहे तो सरकारी सिस्टम आड़े आ जाता है। सीकर के फतेहपुर में विधायक हाकम अली खान ने सरकारी सिस्टम की खूब पोल खोली।

हुआ यूं कि विधायकजी अपने रास्ते जा रहे थे। रास्ते में देखा कि एक कार ने बाइक सवार को टक्कर मार दी है। बाइक सवार युवक गिर पड़ा। चोट लग गई।

विधायकजी गाड़ी से उतरे। घायल को संभाला। लोग भी जुट गए। अभ्यास के तौर पर विधायकजी ने 108 नंबर डायल किया।

विधायकजी का कहना है कि डेढ़ घंटे तक एंबुलेंस नहीं आई। विधायक ने घायल को अपनी गाड़ी में हॉस्पिटल पहुंचाया।

इसके बाद सरकारी सिस्टम पर बरस पड़े। हालांकि सरकारी व्यवस्था के दोष नेतागण को अक्सर तभी दिखाई देते हैं, जब वे सत्ता से दूर विपक्षी खेमे में होते हैं।

सीकर के फतेहपुर में रोड एक्सीडेंट में बाइक सवार घायल हो गया। इस दौरान विधायक हाकम अली खान वहां गुजरे। मदद के लिए 108 एंबुलेंस सेवा के लिए कॉल किया लेकिन एंबुलेंस नहीं आई। वे अपने साधन से घायल को हॉस्पिटल लेकर पहुंचे।

4. चलते-चलते…

मामला श्रीगंगानगर के अनूपगढ़ का है। बीडीओ साहब को गांव वालों ने एक महिला के साथ पकड़ लिया। हालांकि महिला के साथ पकड़े जाना किसी को यह अधिकार नहीं देता कि उसके चरित्र को जस्टीफाई करें।

लेकिन गांव वालों ने चरित्र के साथ नया शब्द भ्रष्टाचार भी जोड़ दिया। फिर ऊपर शिकायत कर दी कि बीडीओ को तुरंत हटाया जाए।

विभागीय जांच बैठी। बीडीओ को क्लीन चिट दे दी गई। इसके बाद गांव वाले उखड़ गए। बीडीओ हटाओ आंदोलन शुरू हो गया। 6 सरपंच एक हो गए।

सरपंच पानी की टंकी पर चढ़ गए। शासन प्रशासन टंकी के नीचे जुट गए। आखिर बीडीओ साहब को सस्पेंड कर दिया गया।

लगभग आधी रात के वक्त जब गांव वालों को पता चला कि साहब सस्पेंड हो गए तो नगाड़े वाले को जगाकर लाया गया। और फिर होने लगा जोरदार डांस।

श्रीगंगानगर के अनूपगढ़ में ग्रामीणों ने बीडीओ पर भ्रष्टाचार और चरित्रहीनता का आरोप लगाया था। सस्पेंड करने की मांग थी लेकिन विभाग ने क्लीनचिट दे दी। ग्रामीणों ने टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन किया। आखिर सस्पेंशन हुआ तो नाच उठे।

वीडियो देखने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी…

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