स्पेनिश महिला के लिए पुष्कर आए तीन देशों के दोस्त: आत्मा की शांति के लिए सरोवर में की पूजा, इंडोनेशिया में हुई थी हत्या – Pushkar News h3>
तीन देशों से आए 30 विदेशी पर्यटकों ने अपनी दोस्त की आत्मा की शांति के लिए पुष्कर में पूजा की। इटली, फ्रांस और स्पेन से आए पर्यटकों ने स्पेनिश दोस्त मटिल्डे मुनोज के लिए गुरुवार देर शाम वराह घाट पर प्रार्थना की। मटिल्डे मुनोज का इंडोनेशिया में मर्डर क
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मटिल्डे मुनोज (72) को दोस्त करुणा नाम से बुलाते थे। करुणा करीब 22 सालों से पुष्कर आ रही थी। पुष्कर से करुणा का गहरा लगाव था। पुष्कर की हर आरती और घाटों पर उनका आध्यात्मिक जुड़ाव था।
मटिल्डे मुनोज (करुणा) को पुष्कर से गहरा लगाव था। जब भी वो भारत की यात्रा पर आती थीं तो अपना अधिकतम समय पुष्कर में बिताया करती थी।
हमेशा पुष्कर की बातें करती थीं स्पेन की श्लोकिया ने बताया- करुणा हर साल पुष्कर आती थी। वो यहां के घाटों पर घंटों तक बैठे रहती थी। पुष्कर से करुणा का अलग ही रिश्ता बन गया था। यहां से जाने के बाद भी जब कभी उनसे फोन पर बात होती तो वो बस पुष्कर की बातें करती और वापस यहां आने की योजना बनाती रहती थी।
इंडोनेशिया में हुआ मर्डर कलमेन ने बताया- जुलाई 2025 में करुणा इंडोनेशिया गई थीं। इंडोनेशिया के लोम्बोक आइलैंड पर उनकी हत्या हो गई। कुछ लोगों ने पैसों के लालच में होटल के रूम में उनका गला घोंट कर हत्या कर दी। अगस्त 2025 में दोस्तों को करुणा की हत्या का पता चला। सब दोस्त दुखी हुए और करुणा के लिए कुछ करना चाहा।
सरोवर पर पूजा कर दी अंतिम विदाई करुणा को पुष्कर से गहरा लगाव था। ऐसे में सभी दोस्तों ने दोस्तों ने मिलकर पुष्कर आकर सरोवर पर पूजा करने और उन्हें अंतिम विदाई देने का निर्णय लिया था। सभी दोस्त एकत्रित हुए और नवंबर में पुष्कर आने की योजना बनाई।
पुष्कर के वराह घाट पर करुणा की आत्मा की शांति के लिए उसके दोस्तों ने पूजा की।
तीन देशों से आए 30 पर्यटकों ने की पूजा गुरुवार देर शाम स्पेन, इटली और फ्रांस से आए करुणा के 30 दोस्त वराह घाट पर इकट्ठा हुआ। पंडित रविकांत शर्मा के आचार्यत्व में पुष्कर सरोवर का दुग्ध अभिषेक किया गया और महाआरती कर मटिल्डे मुनोज की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
पुष्कर के तीर्थ पुरोहित पंडित रविकांत शर्मा ने करुणा की पुरानी यादें साझा करते हुए बताया कि मटिल्डे मुनोज (करुणा) बीते 22 सालों से पुष्कर घूमने आ रही है। आखिरी बार फरवरी 2025 में वो पुष्कर आई थी। वो पेशे से योगा टीचर थी। गुरुवार को करीब 30 विदेशी पर्यटक के साथ स्थानीय लोगों ने करुणा की आत्मशांति की प्रार्थना की।
