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स्टेनो नेहा सुसाइड: तीन महीने बाद भी रहस्य बरकरार: कॉल डिटेल और Chat में नही मिला कोई सुराग, पुलिस जल्द दाखिल करेगी रिपोर्ट – Kanpur News

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स्टेनो नेहा सुसाइड: तीन महीने बाद भी रहस्य बरकरार:  कॉल डिटेल और Chat में नही मिला कोई सुराग, पुलिस जल्द दाखिल करेगी रिपोर्ट – Kanpur News

स्टेनो नेहा सुसाइड: तीन महीने बाद भी रहस्य बरकरार: कॉल डिटेल और Chat में नही मिला कोई सुराग, पुलिस जल्द दाखिल करेगी रिपोर्ट – Kanpur News


कानपुर कोर्ट की 6वीं मंजिल से कूद कर जान देने वाली स्टेनो की आत्महत्या का रहस्य 3 महीने के बाद भी नहीं खुल सका। पुलिस की जांच में पेशकार और चपरासी पर हैरेसमेंट की बात गलत साबित हो चुकी है। दोनों के खिलाफ पुलिस को ऐसे कोई भी साक्ष्य नहीं मिल सके है, जिससे यह साबित किया जा सके कि उन्होंने स्टेनो का हैरेसमेंट किया था। काल डिटेल रिकॉर्ड में चपरासी और पेशकार के स्टेनों से बातचीत के कोई सबूत नहीं मिले है और न ही मृतका की वाट्सएप चैट व ईमेल में ऐसा कुछ मिला है, जिसपर संदेह जताया जा सके। अब पुलिस जल्द ही मामले में फाइनल रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल करेगी। अब जानिए पूरा मामला… घाटमपुर के कोटरा मकरंदपुर निवासी गोविंद प्रसाद फतेहपुर में कानूनगो हैं और बेटा भानु प्रताप दरोगा है। उनकी बेटी नेहा संखवार (30) कानपुर के सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट में स्टेनो थी। नेहा बर्रा बाईपास स्थित शनिदेव मंदिर के पास किराए पर रहती थी। रोज की तरह 18 अक्टूबर को वह कोर्ट गई थी। दोपहर करीब 2:30 बजे कोर्ट की छठवीं मंजिल से कूदकर उसने जान दे दी थी। मामले की जानकारी मिलते ही कोर्ट परिसर में अफरा–तफरी मच गई। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल मौके पर पहुंचे थे। स्टेनों को आनन–फानन में उर्सला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसको मृत घोषित कर दिया गया था। मृतका की मां मनोज कुमार और पिता ने कोर्ट के पेशकार और बाबू पर हैरेसमेंट का आरोप लगाया था। कहा था कि बाबू और पेशकार अलग–अलग तरीके से बेटी को परेशान करते थे। बेटी ने बताया था कि चपरासी और पेशकार अधिकारियों के सामने जाने वाली फाइलों से जरूरी दस्तावेज, डिजिटल प्रूफ की पेन ड्राइव गायब कर देते थे। जब भी वह पूछती तो उसे ताने दिए जाते थे, बेटी का कंप्यूटर बंद कर दिया जाता था, उससे कहा जाता था कि काम करना नही आता। आरोप लगाया था कि बेटी को पानी में कोई केमिकल मिलाकर दिया जाता था, जिसे पीने के बाद उसे चक्कर आने लगता था। मृतका नेहा के पिता ने बताया था कि बेटी के कहने पर वह न्यायिक अधिकारी से भी मिले थे, जिस पर उन्होंने कर्मचारियों को समझाने का आश्वासन दिया था। हालात नहीं बदले तो कोर्ट ट्रांसफर कराने की बात कही थी। वहीं नेहा की मौत पर पेशकार की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। जिसके बाद परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने बाबू और पेशकार के खिलाफ जांच शुरू की थी। अधिकांश बार मां और पिता से बात होती पाई गई कोतवाली इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद पांडेय ने बताया कि आरोपों की जांच के लिए मृतका नेहा, पेशकार और बाबू के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकार्ड निकाली गई थी, लेकिन उसमें कुछ भी नहीं निकला है। कॉल डिटेल रिकार्ड के मुताबिक अधिकांश बार नेहा कि अपनी मां और पिता से बात होती पाई गई है। घटना के दिन करीब 6 बार नेहा ने अपनी मां से फोन पर बात की थी। सीडीआर से जानकारी मिली कि मृतका सबसे ज्यादा अपनी मां से ही बात करती थी। कार्यालय के किसी भी बाबू से नेहा की बातचीत के रिकॉर्ड नहीं पाए गए हैं। घटना के दिन कोर्ट के मुख्य स्टेनो अवकाश पर थे। पेशकार और बाबू से मृतका की कोई बातचीत के साक्ष्य नहीं मिले है। कोतवाली प्रभारी के मुताबिक कॉल डिटेल रिकार्ड के साथ मेल आईडी, वाट्सएप सभी की जांच की गई, जिनमें ऐसा कोई तथ्य नहीं मिला, जिससे किसी पर अपराध साबित हो सके। पेशकार ने अपने बयानों में कहा कि मृतका नेहा स्टेनो थीं, उनके और मृतका दोनों के काम अलग–अलग थे। मेरा काम किसी भी मामले की फाइल अधिकारियों को देना है, जबकि स्टेनो को सीधे तौर पर न्यायिक अधिकारी आदेश देते थे। मैं पेशकार रूम में बैठता था, जबकि स्टेनों मुझसे काफी दूरी पर बैठती थीं। मेरा उनसे किसी प्रकार का लेना देना नहीं था। परिजनों ने नहीं की थी लिखित शिकायत इंस्पेक्टर ने बताया कि कोर्ट के करीब 20 महिला व पुरुष कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए, जिसमें उन्होंने ऐसे किसी भी प्रकार की प्रताड़ना की जानकारी से इंकार किया है। कोर्ट के कर्मचारियों ने अपने बयानों में कहा कि स्टेनो नेहा बहुत ही रिर्जव नेचर की थी, वह किसी से भी अधिक बातचीत नहीं करती थी। लंच टाइम पर घूमने टहलने के बाद फिर लौटकर अपने काम में जुट जाती थी। इंस्पेक्टर ने बताया कि मृतका के पिता ने बताया था कि उन्होंने हैरेसमेंट की शिकायत उन्होंने न्यायिक अधिकारियों से की, लेकिन जांच में सामने आया कि पीड़िता के परिजनों ने हैरेसमेंट की कोई भी लिखित शिकायत न्यायिक अधिकारियों से नहीं की। मृतका की मां ने भी अपने बयानों में सीधे तौर पर किसी पर भी आरोप नहीं लगाए हैं। कोतवाली इंस्पेक्टर ने बताया कि अब तक की जांच में किसी के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिले है, मृतका ने क्यों सुसाइड किया है, इसका भी कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। मामले में जल्द ही फाइनल रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल की जाएगी।

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