सैंपऊ प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी: नाराज सदस्यों ने की बैठक, धौलपुर के बड़े नेता कर रहे नेतृत्व – Dholpur News h3>
धौलपुर में सैंपऊ प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी।
धौलपुर जिले की सैंपऊ पंचायत समिति में सत्ता परिवर्तन की सुगबुगाहट तेज हो गई है। प्रधान से नाराज एक दर्जन से अधिक पंचायत समिति सदस्यों ने दीपावली के अवसर पर जिला मुख्यालय पर एक बड़े नेता के आवास पर बैठक की। इस बैठक में वर्तमान प्रधान दुष्यंत बघेल के ख
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माना जा रहा है कि जल्द ही इन सदस्यों द्वारा जिला परिषद सीईओ को प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस सौंपा जा सकता है। राजनीतिक गलियारों में इस संभावित अविश्वास प्रस्ताव की चर्चा जोरों पर है, और कई सदस्यों ने बैठक में अपनी उपस्थिति की पुष्टि की है।
सूत्रों के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम को जिले का एक बड़ा राजनीतिक नेता नेतृत्व दे रहा है। चर्चा है कि पंचायत समिति के आधे से अधिक सदस्य इस नेता के प्रभाव में हैं, जिससे अविश्वास प्रस्ताव के सफल होने की संभावना बढ़ गई है।
बैठक में नए प्रधान और उप प्रधान के चयन पर भी विचार-विमर्श किया गया। सदस्यों के बीच संभावित खींचतान से बचने के लिए, यह सहमति बनी कि नए प्रधान और उप प्रधान का चयन वर्तमान प्रधान को पद से हटाने के बाद ही किया जाएगा। सदस्यों को फिलहाल एकजुट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मलिंगा पर टिकी है निगाहें
स्थानीय पंचायत समिति में पिछले दो बार से धौलपुर विधायक शोभा रानी कुशवाह और बाड़ी के पूर्व विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा के संयुक्त प्रयासों से प्रधान बनता आया है। इस बार पंचायत समिति सदस्यों के द्वारा उठा पटक की जो कोशिश की जा रही है उसमें मलिंगा का रोल अहम हो सकता है। क्योंकि मलिंगा के पास 9 सदस्य है और शोभारानी कुशवाहा के पाले के 14 सदस्य बताए जाते हैं, एक सदस्य मौजूदा विधायक का बताया जाता है यानि कुल 27 सदस्यों में से प्रधान के पास खुद का और 2 अन्य सदस्यों की सपोर्ट बताई जाती है। ऐसे में सदस्यों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव आता है तो प्रधान का जाना तय माना जा रहा है।
पाला दर पाला बदलने से उप प्रधान से लेकर प्रधान तक का सफर वर्तमान प्रधान दुष्यंत बघेल को बाड़ी के मौजूदा विधायक जसवंत गुर्जर का पुराना कार्यकर्ता माना जाता है। एक मामले में सैंपऊ की तत्कालीन SHO टीनू सोगरवाल द्वारा पुलिस थाने में बंद किए जाने से नाराज होकर में उसने पाला बदल लिया और वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में तत्कालीन विधायक गिर्राज मलिंगा के साथ कांग्रेस पार्टी में आ गया। मलिंगा ने पंचायत समिति के चुनाव में प्रधान बनाने के लिए उसे कांग्रेस के सिंबल पर चुनाव लड़ाया और जितवाया, लेकिन सदस्य कम होने के कारण मलिंगा उसे प्रधान के बजाय उप प्रधान बनाने में सफल रहे।
शोभारानी समर्थित भाजपा प्रत्याशी तुलसीराम कुशवाहा को प्रधान बनाया गया। प्रधान नहीं बनाए जाने की नाराजगी के चलते उसने वर्ष 2023 में विधानसभा चुनाव से पहले पाला बदल लिया और बसपा से चुनाव लड़े वर्तमान विधायक जसवंत सिंह के साथ आ गया। विधायक और सत्ता बदलने के बाद हुई उठा पटक में प्रधान तुलसीराम कुशवाह को भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते हटाए जाने के बाद उप प्रधान दुष्यंत बघेल फिर से भाजपा में आकर प्रधान बनने में सफल हो गया।
