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सुपौल को रेलवे का तोहफा: वाशिंग पिट निर्माण के लिए 50 करोड़ की स्वीकृति, इस बाइपास लाइन का भी हुआ सीआरएस; जानें

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सुपौल को रेलवे का तोहफा: वाशिंग पिट निर्माण के लिए 50 करोड़ की स्वीकृति, इस बाइपास लाइन का भी हुआ सीआरएस; जानें

सुपौल को रेलवे का तोहफा: वाशिंग पिट निर्माण के लिए 50 करोड़ की स्वीकृति, इस बाइपास लाइन का भी हुआ सीआरएस; जानें

सुपौल जिले के लिए शुक्रवार का दिन रेलवे के क्षेत्र में विकास को लेकर काफी महत्वपूर्ण रहा। एक तरफ रेलवे बाेर्ड ने ललितग्राम में वाशिंग पीट निर्माण को स्वीकृति दी। दूसरी ओर सुपौल-निर्मली रेलखंड पर नवनिर्मित दो नए जंक्शन व बाइपास लाइन का सीआरएस निरीक्षण हुआ। दरअसल, सुपौल के ललितग्राम रेलवे स्टेशन पर वाशिंग पिट लाइन निर्माण का रास्ता साफ हो चुका है। रेलवे बोर्ड ने इसकी स्वीकृति दे दी है। साथ ही निर्माण कार्य के लिए प्राथमिक तौर पर 50 करोड़ रुपए जारी किए हैं।

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सांसद दिलेश्वर कामैत ने इसकी जानकारी दी है। सांसद ने बताया कि इसके लिए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर लगातार मांग उठा रहे थे। अब जल्द ही रेलवे द्वारा निविदा के माध्यम से निर्माण कार्य आरंभ कराने की जानकारी दी गई है। वाशिंग पिट और स्टेबलिंग लाइन के निर्माण से जिले में रेलवे नेटवर्क का विस्तार होने की उम्मीद है। जिससे रोजगार और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। जल्द ही टेंडर द्वारा 50 करोड़ की लागत से जल्द ही वाशिंग पिट और स्टेबलिंग लाइन का निर्माण शुरु होगा।

इसके उपरांत आवश्यकता के अनुरुप अतिरिक्त राशि भी जारी की जाएगी। वाशिंग पिट निर्माण से क्षेत्र में रेलवे कनेक्टिविटी में व्यापक सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

दरअसल, ब्रॉड गेज निर्माण के साथ ही ललितग्राम में वाशिंग पिट निर्माण की मांग लंबे समय से चल रही थी। यहां रेलवे की 70 एकड़ जमीन है। रेलवे ने हाल में ही राज्यरानी एक्सप्रेस और वैशाली एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों का विस्तार सहरसा से ललितग्राम तक किया है।

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लेकिन अब भी इन ट्रेनों का मेंटेनेंस सहरसा में ही होता है। ललितग्राम में वाशिंग पिट के निर्माण के बाद यह निर्भरता समाप्त हो जाएगी, जिससे समय और संसाधनों की बचत के साथ-साथ परिचालन व्यवस्था भी अधिक सुचारु हो सकेगी। वही अन्य नई और लंबी दूरी की ट्रेनों का परिचालन भी इस रूट पर संभव हो सकेगा। सांसद ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार जताया है।

4.22 किमी लंबी नई बाईपास लाइन का सीएआरएस ने लिया जायजा, ट्रेन परिचालन जल्द

सुपौल-निर्मली रेल लाइन स्थित बैजनाथपुर अंदौली और न्यू झाझा जंक्शन के बीच नवनिर्मित 4.22 किलोमीटर लंबी बाइपास रेल लाइन का रेल संरक्षा आयुक्त (पूर्वी सर्किल) गुरु प्रकाश ने शुक्रवार को गहन निरीक्षण किया। नवनिर्मित न्यू झाझा जंक्शन से निरीक्षण की शुरुआत की गई। इस दौरान ट्रैक, ओएचई (ओवरहेड इक्विपमेंट) और सिग्नलिंग प्रणाली की गहन जांच की गई।

निरीक्षण के समय समस्तीपुर मंडल रेल प्रबंधक ज्योति प्रकाश मिश्रा, पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर के सीओ निर्माण (उत्तर) राम जनम, मुख्य अभियंता निर्माण महबूब आलम, डीसीई निर्माण मंटू कुमार, वरीय मंडल संरक्षा अधिकारी धर्मेंद्र कुमार सहित कई अन्य रेलवे अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान 10 मोटर ट्रॉली का उपयोग कर पूरे खंड का मुआयना व सुरक्षा मानकों की जांच की गई। साथ ही अधिकतम 110 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से स्पीड ट्रायल भी किया गया।

इस दौरान सबकुछ संतोषप्रद रहा। समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा ने बताया कि निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नई लाइन यात्री और मालगाड़ियों के परिचालन के लिए पूरी तरह सुरक्षित और उपयुक्त है। सीआरएस रिपोर्ट आने के उपरांत इस ट्रैक पर ट्रेन परिचालन के लिए जरूरी कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि फिलहाल सुपौल से निर्मली के रास्ते दरभंगा जाने वाली तमाम ट्रेनों को सरायगढ़ जंक्शन पर इंजन रिवर्सल करना पड़ता है।

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