सीवान के हुसैनगंज में सात माह में चार थानाध्यक्ष बदले: दो ATM चोरी की घटनाएं अब भी अनसुलझी, नए पर भरोसा – Siwan News h3>
सीवान के हुसैनगंज थाना क्षेत्र की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठते दिख रहे हैं। कारण साफ है सात महीनों के भीतर थाना प्रभारी की कुर्सी पर चार थानाध्यक्ष बदल चुके हैं, लेकिन टेढ़ीघाट बाजार से जुड़ी दो हाई-प्रोफाइल एटीएम चोरी की घटनाएं आज भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पहली वारदात 11 मार्च 2025 की रात हुई हुसैनगंज में पहली बड़ी वारदात 11 मार्च 2025 की रात हुई थी, जब अज्ञात अपराधियों ने 28 लाख 2 हजार रुपये से भरे एक एटीएम को उखाड़कर ले भागने में सफलता पाई। पुलिस की जांच को लेकर जनता में उम्मीदें थीं कि इतने बड़े मामले का समाधान जल्द होगा। दूसरा मामला 16 दिसंबर 2025 का,गैस कटर से कटा एटीएम लेकिन उम्मीद को दूसरा झटका तब लगा जब 16 दिसंबर 2025 की रात फिर से लगभग 27 लाख 32 हजार रुपये भरा एटीएम गैस कटर से काटकर खाली कर दिया गया। दोनों मामलों में पुलिस अब तक अपराधियों के करीब भी नहीं पहुँच सकी है। 9 जनवरी को नए थानाध्यक्ष को सौंपी जिम्मेदारी स्थानीय लोग सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर जांच रुक क्यों जाती है? जवाब वहीं जाकर मिलता है—थानाध्यक्षों का रिकॉर्ड गति से किया गया तबादला। छोटन कुमार के नेतृत्व का समय मात्र 2 महीने 28 दिनों तक सीमित रहा। उनके स्थान पर आए मिहिर कुमार का कार्यकाल ढाई महीने भी नहीं चला। तीसरे प्रभारी अखिलेश कुमार एक महीने भी नही रहे बल्कि 29 दिन में ही हटा दिए गए। और अब 9 जनवरी को नए थानाध्यक्ष के रूप में मोहन प्रसाद सिंह को जिम्मेदारी सौंप दी गई है। इसी कड़ी में सबसे ज्यादा चर्चा निवर्तमान एसपी मनोज कुमार तिवारी के निर्णयों को लेकर है। तिवारी ने प्रशिक्षण के लिए जाने से पहले अखिलेश कुमार को थाने की जिम्मेदारी दी थी। प्रशिक्षण से लौटने के बाद डीआईजी में प्रमोशन होते ही उन्होंने वही आदेश बदलकर अखिलेश को हटाया और मोहन प्रसाद सिंह को नियुक्त कर दिया। स्थानीय लोगों की भाषा में “नया आदेश क्या फेयरवेल गिफ्ट था?” अधूरी जांचें और ताबड़तोड़ तबादलों से उठे सवाल लगातार बदलती कमान, अधूरी जांचें और ताबड़तोड़ तबादलों ने पुलिस की विश्वसनीयता और प्रशासनिक स्थिरता दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का मानना है कि जब तक थानाध्यक्ष को काम करने और जांच आगे बढ़ाने का पर्याप्त समय नहीं मिलेगा तब तक अपराधियों के हौसले बढ़ते रहेंगे और जनता का भरोसा डगमगाता जाएगा।हुसैनगंज में सुरक्षा व्यवस्था बहाली और अपराध पर अंकुश के लिए सबसे पहले स्थिर नेतृत्व की जरूरत है—वरना एटीएम गिरोह अगली वारदात की तैयारी में होगा और पुलिस कागजों में तैनाती बदलती रह जाएगी।
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