सिद्धार्थनगर में अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्र सील: नोडल अफसर डॉ. मानवेंद्र पाल ने की कार्रवाई, पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन मिली – Siddharthnagar News h3>
रोहित सिंह | सिद्धार्थनगर10 मिनट पहले
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सिद्धार्थनगर में स्वास्थ्य विभाग के पीसीपीएनडीटी (प्री-कॉन्सेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स) नोडल अधिकारी डॉ. मानवेंद्र पाल ने शिवनगर डिडई थाना क्षेत्र के तिलौली बाजार में अवैध रूप से संचालित एक अल्ट्रासाउंड केंद्र पर छापा मारा। टीम ने केंद्र को सील कर दिया।
बुधवार को लगभग 4:00 बजे डॉ. मानवेंद्र पाल अपनी टीम के साथ तिलौली बाजार पहुंचे। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि केंद्र में एक पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन संचालित की जा रही थी। जांच में स्पष्ट हुआ कि यह मशीन पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत पंजीकृत नहीं थी। केंद्र संचालक पंजीकरण प्रमाण पत्र या मशीन से संबंधित कोई अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सका।
इसके बाद, डॉ. पाल ने तत्काल प्रभाव से मशीन को सील कर दिया। केंद्र के संचालक के खिलाफ शिवनगर डिडई थाना में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया गया है। डॉ. मानवेंद्र पाल को 17 फरवरी को पीसीपीएनडीटी का नोडल चार्ज सौंपा गया था। चार्ज संभालने के बाद से उन्होंने अवैध रूप से संचालित हो रहे अल्ट्रासाउंड केंद्रों के खिलाफ लगातार कार्रवाई शुरू की है।
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इसी क्रम में, 26 फरवरी को मिश्रौलिया बढ़या चौराहे पर स्थित हिंदुस्तान अल्ट्रासाउंड केंद्र को अवैध पाए जाने पर सील किया गया था। उस मामले में भी संबंधित संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद, 7 मार्च को जिला मुख्यालय रोड स्थित न्यू एमएम हॉस्पिटल में संचालित अल्ट्रासाउंड मशीन को भी अवैध पाए जाने पर टीम ने सील किया और एफआईआर दर्ज करवाई।
तिलौली बाजार में 18 मार्च को हुई यह कार्रवाई डॉ. पाल द्वारा इस महीने की तीसरी बड़ी कार्रवाई है। सभी निरीक्षणों के दौरान यह पाया गया कि अल्ट्रासाउंड मशीनें पीसीपीएनडीटी एक्ट के अंतर्गत पंजीकृत नहीं थीं और उनके संचालन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज केंद्रों द्वारा प्रस्तुत नहीं किए गए।
फरवरी और मार्च के महीनों में डॉ. पाल की टीम ने तीन प्रमुख कार्रवाई की है। 26 फरवरी को मिश्रौलिया बढ़या चौराहे पर, 7 मार्च को जिला मुख्यालय रोड स्थित न्यू एमएम हॉस्पिटल में और 18 मार्च को तिलौली बाजार में अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों को सील किया गया। इन तीनों मामलों में मशीनें पंजीकृत नहीं पाई गईं और अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए। सभी मामलों में संबंधित संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
डॉ. मानवेंद्र पाल ने प्रत्येक कार्रवाई में अपनी टीम के साथ निरीक्षण किया और पीसीपीएनडीटी एक्ट के अनुसार सभी नियमों का पालन किया। टीम ने मशीनों को सील करने के साथ-साथ केंद्रों से संबंधित दस्तावेजों की जांच भी की।
इन कार्रवाइयों के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि अवैध रूप से संचालित केंद्रों पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। प्रत्येक मामले में संबंधित अधिकारी ने केंद्रों की पहचान, मशीनों का निरीक्षण और संचालक द्वारा प्रस्तुत अभिलेखों की पुष्टि की।
इस प्रकार, 17 फरवरी से लेकर 18 मार्च तक डॉ. मानवेंद्र पाल ने लगातार तीन कार्रवाई की है। इन कार्रवाइयों में मिश्रौलिया बढ़या चौराहे, न्यू एमएम हॉस्पिटल रोड स्थित जिला मुख्यालय और तिलौली बाजार शामिल हैं। हर केंद्र में मशीन पंजीकृत नहीं पाई गई और अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए। प्रत्येक केंद्र के संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई सुनिश्चित की गई।
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रोहित सिंह | सिद्धार्थनगर10 मिनट पहले
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सिद्धार्थनगर में स्वास्थ्य विभाग के पीसीपीएनडीटी (प्री-कॉन्सेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स) नोडल अधिकारी डॉ. मानवेंद्र पाल ने शिवनगर डिडई थाना क्षेत्र के तिलौली बाजार में अवैध रूप से संचालित एक अल्ट्रासाउंड केंद्र पर छापा मारा। टीम ने केंद्र को सील कर दिया।
बुधवार को लगभग 4:00 बजे डॉ. मानवेंद्र पाल अपनी टीम के साथ तिलौली बाजार पहुंचे। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि केंद्र में एक पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन संचालित की जा रही थी। जांच में स्पष्ट हुआ कि यह मशीन पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत पंजीकृत नहीं थी। केंद्र संचालक पंजीकरण प्रमाण पत्र या मशीन से संबंधित कोई अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सका।
इसके बाद, डॉ. पाल ने तत्काल प्रभाव से मशीन को सील कर दिया। केंद्र के संचालक के खिलाफ शिवनगर डिडई थाना में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया गया है। डॉ. मानवेंद्र पाल को 17 फरवरी को पीसीपीएनडीटी का नोडल चार्ज सौंपा गया था। चार्ज संभालने के बाद से उन्होंने अवैध रूप से संचालित हो रहे अल्ट्रासाउंड केंद्रों के खिलाफ लगातार कार्रवाई शुरू की है।
इसी क्रम में, 26 फरवरी को मिश्रौलिया बढ़या चौराहे पर स्थित हिंदुस्तान अल्ट्रासाउंड केंद्र को अवैध पाए जाने पर सील किया गया था। उस मामले में भी संबंधित संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद, 7 मार्च को जिला मुख्यालय रोड स्थित न्यू एमएम हॉस्पिटल में संचालित अल्ट्रासाउंड मशीन को भी अवैध पाए जाने पर टीम ने सील किया और एफआईआर दर्ज करवाई।
तिलौली बाजार में 18 मार्च को हुई यह कार्रवाई डॉ. पाल द्वारा इस महीने की तीसरी बड़ी कार्रवाई है। सभी निरीक्षणों के दौरान यह पाया गया कि अल्ट्रासाउंड मशीनें पीसीपीएनडीटी एक्ट के अंतर्गत पंजीकृत नहीं थीं और उनके संचालन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज केंद्रों द्वारा प्रस्तुत नहीं किए गए।
फरवरी और मार्च के महीनों में डॉ. पाल की टीम ने तीन प्रमुख कार्रवाई की है। 26 फरवरी को मिश्रौलिया बढ़या चौराहे पर, 7 मार्च को जिला मुख्यालय रोड स्थित न्यू एमएम हॉस्पिटल में और 18 मार्च को तिलौली बाजार में अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों को सील किया गया। इन तीनों मामलों में मशीनें पंजीकृत नहीं पाई गईं और अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए। सभी मामलों में संबंधित संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
डॉ. मानवेंद्र पाल ने प्रत्येक कार्रवाई में अपनी टीम के साथ निरीक्षण किया और पीसीपीएनडीटी एक्ट के अनुसार सभी नियमों का पालन किया। टीम ने मशीनों को सील करने के साथ-साथ केंद्रों से संबंधित दस्तावेजों की जांच भी की।
इन कार्रवाइयों के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि अवैध रूप से संचालित केंद्रों पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। प्रत्येक मामले में संबंधित अधिकारी ने केंद्रों की पहचान, मशीनों का निरीक्षण और संचालक द्वारा प्रस्तुत अभिलेखों की पुष्टि की।
इस प्रकार, 17 फरवरी से लेकर 18 मार्च तक डॉ. मानवेंद्र पाल ने लगातार तीन कार्रवाई की है। इन कार्रवाइयों में मिश्रौलिया बढ़या चौराहे, न्यू एमएम हॉस्पिटल रोड स्थित जिला मुख्यालय और तिलौली बाजार शामिल हैं। हर केंद्र में मशीन पंजीकृत नहीं पाई गई और अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए। प्रत्येक केंद्र के संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई सुनिश्चित की गई।
