Advertising
<

सातवीं फेल लोकपाल अधिकारी बनकर करता था कॉल: गाजियाबाद पुलिस ने साइबर फ्रॉड करने वाले पांच लोग अरेस्ट किए, हैदराबाद तक फैला है गैंग – Ghaziabad News

0
सातवीं फेल लोकपाल अधिकारी बनकर करता था कॉल:  गाजियाबाद पुलिस ने साइबर फ्रॉड करने वाले पांच लोग अरेस्ट किए, हैदराबाद तक फैला है गैंग – Ghaziabad News

सातवीं फेल लोकपाल अधिकारी बनकर करता था कॉल: गाजियाबाद पुलिस ने साइबर फ्रॉड करने वाले पांच लोग अरेस्ट किए, हैदराबाद तक फैला है गैंग – Ghaziabad News

साइबर फ्रॉड की घटनाओं का खुलासा करते DCP सिटी धवल जायसवाल, साथ में एडीसीपी पीयूष सिंह।

गाजियाबाद साइबर क्राइम टीम द्वारा साइबर फ्रॉड करने वाले पांच लोगों को अरेस्ट किया है। यह गैंग फोन पर अलग अलग बीमा कम्पनियों के प्रतिनिधि बीमा लोकपाल के रूप में कॉल करता था। साइबर फ्रॉड की घटनाओं को देने के लिए सातवीं फेल जालौन निवासी अनुज कॉल करता था

.

बीमा पॉलिसी में अधिक मुनाफा कमाने के पैसों से बिटकाइन खरीदने, आनलाइन टास्क कम्पलीट कर पैसे कमाने व आनलाइन होटल बुकिंग के लिये अपने खातों में पैसे ट्रांसफर कराकर साइबर फ्रॉड करता था। DCP सिटी धवल जायसवाल ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि इस गैंग के तार यूपी और दूसरे राज्यों तक जुड़े हैं।

पकड़े गए आरोपी।

साइबर फ्रॉड फिर होटल में पार्टी

Advertising

डीसीपी धवल जायसवाल ने बताया कि रवि प्रताप, विकास कुमार, नवीन प्रताप, अनुज, गुंजन को साइबर अपराध में अरेस्ट किया है। इनके कब्जे से 5 मोबाइल फोन, 1 डिवाइस, 2 चेक, 1 एटीएम कार्ड, 1 लाख 83 हजार रुपये, महिन्द्रा XUV 500 कार के साथ थाना क्षेत्र विजय नगर गाजियाबाद से गिरफ्तार किया गया है।

इनके द्वारा की गई 44 लाख रुपये साइबर ठगी की घटनाओं का खुलासा करते हुए 3 राज्यों की 3 घटना को ओपन किया गया है। साइबर फ्रॉड करने के बाद यह दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के होटल में पार्टी करते थे।

बारामद कैश व पॉलिसी से संबंधित दस्तावेज।

36 लाख रुपए ट्रांसफर कराए

24 अक्टूबर 2024 से 8 जून 2025 तक महीपाल बिष्ट के साथ मोबाइल फोन के माध्यम से कॉल कर इंश्योरेंस पॉलिसी के पैसों से बिटकाइन खरीदने के नाम पर विभिन्न खातों में कुल करीब 36 लाख रुपये ट्रांसफर कराकर साइबर फ्राड की घटना को अंजाम दिया गया। इस घटना के सम्बन्ध में महीपाल विष्ट द्वारा 3 जुलाई को थाना साइबर क्राइम पर केस दर्ज कराया था।

आरोपी रवि प्रताप पुत्र अनिल कुमार ने पूछने पर बताया कि वह 2020 में नोएडा में प्राइम फोलियो में नौकरी करता था। इस कंपनी में विभिन्न बीमा पॉलिसी कंपनी , भारती हेक्सा, सिगना टीटीके, एचडीएफसी तथा बजाज की जीवन बीमा पॉलिसी तथा हेल्थ बीमा पॉलिसी का अधिकृत ग्राहक सेवा केन्द्र था। जिसमें इन बीमा पॉलिसी कंपनियों के जीवन बीमा तथा हेल्थ बीमा पॉलिसी के धारकों को पॉलिसी से संबंधित जानकारी दी जाती थी।

साइबर फ्रॉड के पैसों से गाड़ी की किस्त के पैसे जमा करते थे।

इस कंपनी में उसके साथ विकास कुमार व संकेत त्यागी भी काम करता था। कंपनी में काम करने के दौरान इनकी आपस में जान-पहचान हो गयी थी। संकेत त्यागी ने प्राइम फोलियो कंपनी से इन बीमा पॉलिसी कंपनियों के पॉलिसीधारकों की पर्सनल डिटेल प्राप्त कर ली थी।

इसके बाद रवि प्रताप, विकास कुमार तथा संकेत त्यागी ने प्राइम फोलियो कंपनी से नौकरी छोड़ दी और इसके बाद इन लोगों ने मिलकर साइबर फ्रॉड करने के लिए गैंग बनाया।

लोकपाल अधिकारी बनकर करते थे कॉल

अलग अलग कंपनियो के बीमा लोकपाल अधिकारी बनकर इन बीमा पॉलिसियों के पॉलिसीधारकों को अलग-अलग मोबाइल नम्बरों से कॉलिंग कर बीमा पॉलिसियों में अधिक लाभ का झूठा लालच देकर पॉलिसीधारकों से अलग अलग खातों में पैसे ट्रांसफर कराये।

यह पॉलिसीधारकों से पैसे ट्रांसफर कराने के लिए अपने साथी अनुज कुमार, सोनू कुमार, मनोज कुमार, अमन कुमार तथा गुंजन के खातों का प्रयोग करते थे, इसके बाद इन पैसों को ATM के माध्मय से निकालकर आपस में बांट लिया करते थे।

फर्जी सिम का क्या इस्तेमाल

DCP धवल जायसवाल ने बताया कि इस गैंग पॉलिसीधारकों को फोन करने के लिए फर्जी आईडी के प्री एक्टिवेटेड सिम कार्ड नोएडा सेक्टर 63 से चलते फिरते केनोपी वालों से खरीदे थे। रवि प्रताप ने अपने साथी विकास कुमार, नवीन प्रताप के साथ मिलकर गाजियाबाद निवासी महीपाल बिष्ट के पैसों से बिटकाइन खरीदने के नाम पर फ्रॉड किया था।

महीपाल बिष्ट ने फ्रॉड होने के बाद इन लोगों को फोन करके बताया कि उसने इन लोगों के खिलाफ मुकदमा लिखवा दिया है। इस बात का पता चलते ही इन लोगों ने कॉलिंग वाले सिम व मोबाइल तथा ATM को तोड़कर नाले में फेंक दिए, बरामद गाड़ी जो रवि प्रताप के नाम पर रजिस्टर्ड है, की किस्त भी रवि प्रताप साइबर फ्राड के पैसों से ही चुका रहा है और इस गाड़ी का प्रयोग पॉलिसीधारकों को कॉलिंग करने व एटीएम से पैसे निकालने के लिए कर रहे है।

हैदराबाद के व्यक्ति से भी की ठगी

आरोपियों के पास से बरामद मोबाइल फोन, बैंक खाते तथा मोबाइल फोन में उपलब्ध दस्तावज, चैट, अलग अलग बीमा कम्पनियों की पालिसियों के डाटा से 3 राज्यों की कुल 3 घटनाओं का खुलासा हुआ है, जिसमें UP के गाजियाबाद निवासी महीपाल बिष्ट से 36 लाख रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लेने की ठगी की गई।

तेलंगाना राज्य के हैदराबाद सिटी निवासी नरसिम्हा के साथ घर बैठे आनलाइन टास्क कम्पलीट कर मुनाफा कमाने के नाम पर करीब 8 लाख रुपये के साइबर फ्रॉड, तमिलनाडु के नीलगिरी निवासी वी सर्वनन के साथ ऑनलाइन होटल बुकिंग के नाम पर अपने खातों में करीब 35 हजार रुपये ट्रांसफर करा लेने के साइबर फ्रॉड की घटना NCRP पोर्टल पर दर्ज है।

अरेस्ट किए गए आरोपी

रवि प्रताप निवासी बनामई हैवरा थाना वैधपुरा जनपद इटावा, रवि 12 वीं तक पढ़ा हुआ है। जो गाजियाबाद में किराए पर रह रहा था। विकास कुमार निवासी नगलिया जट थाना रजबपुर जिला अमरोहा बीकॉम पास है जो इंदिरापुरम में किराए पर रह रहा था।

नवीन प्रताप सिंह निवासी बनामई हैवरा थाना वैधपुरा इटावा BA पास है। अनुज निवासी औरखी माधोगढ़ थाना कोतवाली जालौन 7 वीं फेल है। पांचवा गिरफ्तार आरोपी गुंजन है।

उत्तर प्रदेश की और खबर देखने के लिए यहाँ क्लिक करे – Uttar Pradesh News