सागर में जनसुनवाई के दौरान छात्र-प्रिसिंपल में बहस: छात्र बोला- स्कूल प्रबंधन की गलत से साल बर्बाद हुआ; पुलिस ने शांत कराया मामला – Sagar News h3>
जनसुनवाई में छात्र और प्राचार्य के बीच हुई बहस।
सागर जिले के राहतगढ़ विकासखंड के कनेरा नीखर हाईस्कूल के छात्र प्रशांत कटारे को 10वीं की अंकसूची में जन्मतिथि गलत दर्ज होने के कारण आईटीआई में प्रवेश नहीं मिल सका। इसे लेकर छात्र अपने पिता मनोहर कटारे के साथ मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचा और स्कूल
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इसी दौरान स्कूल की प्राचार्या संगीता रजक भी जनसुनवाई में पहुंच गईं। वहां दोनों के बीच तीखी बहस हुई, जिसे देख मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाइश देकर शांत कराया।
अंकसूची में गलती, आईटीआई में नहीं मिल पाया दाखिला
छात्र प्रशांत कटारे का आरोप है कि उसने परीक्षा फॉर्म भरते समय अपनी जन्मतिथि सही-सही स्कूल प्रबंधन को दी थी। इसके बावजूद प्रवेश पत्र और बाद में आई अंकसूची में जन्मतिथि गलत दर्ज कर दी गई। प्रशांत का कहना है कि इसी वजह से वह आईटीआई में दाखिला नहीं ले पाया और उसका एक साल बर्बाद हो गया।
पुलिस ने समझाइश देकर शांत कराया।
प्राचार्या बोलीं- समस्या बताता तो मैं स्वयं आईटीआई जाती
वहीं, स्कूल की प्राचार्या संगीता रजक का कहना है कि 13 अगस्त को ही ऑनलाइन प्रक्रिया कर अंकसूची में सुधार के लिए आवेदन कर दिया गया था। 14 अगस्त को छात्र को इस प्रक्रिया की पावती भी दे दी गई थी। उनका कहना है कि यदि छात्र उस पावती को लेकर आईटीआई जाता, तो उसका एडमिशन हो जाता।
प्राचार्या ने कहा कि यदि छात्र उन्हें स्थिति से अवगत कराता, तो वे स्वयं आईटीआई जाकर आवश्यक प्रमाणन देकर उसका दाखिला सुनिश्चित कर देतीं। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र ने बिना संवाद किए सीधे शिकायतें करना शुरू कर दिया।
बार-बार शिकायत के बाद भी नहीं मिला समाधान
प्रशांत का कहना है कि उसने प्रवेश पत्र में गलती सामने आने के बाद ही स्कूल को इसकी जानकारी दी थी, लेकिन समय रहते कोई सुधार नहीं किया गया। जब अंकसूची आई, तब भी वही गलती बनी रही। इसी कारण आईटीआई में दाखिला नहीं मिल पाया। वह बीते कई दिनों से कलेक्टर कार्यालय जाकर अपनी शिकायत दर्ज करवा रहा है और मांग कर रहा है कि उसकी अंकसूची में जल्द सुधार कर उसे आईटीआई में प्रवेश दिलाया जाए।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान जनसुनवाई स्थल पर माहौल गरमा गया। छात्र और प्राचार्या के बीच कहासुनी बढ़ती देख पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाइश दी और मामला शांत कराया।
