सहारनपुर में महिला चेयरमैन को ADM ने किया अपमानित: सपा सांसद इकरा हसन ने की कार्रवाई की मांग, बोलीं- एडीएम को प्रशिक्षण के लिए भेजा जाए – Shamli News h3>
शामली5 मिनट पहले
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सहारनपुर में कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने एडीएम (ई) संतोष बहादुर सिंह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए आरोप लगाया है कि अधिकारी ने न सिर्फ महिला जनप्रतिनिधि का अपमान किया। बल्कि घंटों इंतजार करवाकर सिस्टम की संवेदनहीनता को भी उजागर किया।
क्या है मामला…
घटना के अनुसार, सांसद इकरा हसन बुधवार को सहारनपुर में जनसुनवाई कर रही थीं। इसी दौरान छुटमलपुर नगर पंचायत की महिला चेयरमैन ने शिकायत की कि स्थानीय ईओ (कार्यपालक अधिकारी) उनके साथ अनुचित व्यवहार कर रहे हैं।
सांसद, चेयरमैन के साथ शिकायत लेकर एडीएम (ई) के कार्यालय पहुंचीं। लेकिन बताया गया कि एडीएम दोपहर 1 बजे से लंच पर गए हैं। इसके बाद सांसद और महिला चेयरमैन को करीब 3:30 बजे तक इंतजार करना पड़ा। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद ही एडीएम कार्यालय लौटे।
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सांसद का आरोप- शिकायत सुनने के बजाय लिखित में मांगी
सांसद इकरा हसन ने बताया कि उन्होंने मामले को शांतिपूर्ण ढंग से हल करने की कोशिश की। लेकिन एडीएम संतोष बहादुर सिंह ने केवल लिखित शिकायत की मांग करते हुए सहमति से इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा कि महिला जनप्रतिनिधियों के साथ इस तरह का व्यवहार कहीं से भी स्वीकार्य नहीं है। भाजपा सरकार एक ओर महिला सशक्तिकरण की बात करती है। 33% आरक्षण का ढिंढोरा पीटती है। वहीं उनके ही अधिकारी महिलाओं को सम्मान तक नहीं देते।
सांसद ने कहा कि उन्हें जब सीनियर अधिकारी को फोन किया, तो वो कांवड़ व्यवस्था में व्यस्त होने के कारण बात नहीं कर पाए। इसके बाद उन्होंने एडीएम (ई) के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
उन्होंने कहा कि यह घटना सिर्फ एक जनपद की नहीं है। प्रदेश भर में कई महिला जनप्रतिनिधियों को इसी तरह के व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है। अब महिलाएं चुप नहीं बैठेंगी, उनका सम्मान हर हाल में सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
एडीएम को दी जाए व्यवहार प्रशिक्षण, हो सख्त कार्रवाई
इकरा हसन ने प्रदेश सरकार से एडीएम को तत्काल हटाने और प्रशिक्षण देने की मांग की। ताकि भविष्य में वह जनप्रतिनिधियों और आम जनता के साथ सम्मानजनक व्यवहार कर सकें। उन्होंने कहा कि महिला विरोधी मानसिकता को दफन करना होगा। वरना महिलाएं अपने हक के लिए लड़ना जानती हैं।
मामले को लेकर एडीएम (ई) संतोष बहादुर सिंह ने वीडियो बयान जारी कर सभी आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने इसे राजनीतिक बयानबाजी करार दिया है। इस पर इकरा हसन ने पलटवार करते हुए कहा कि एक साल में हमने किसी अधिकारी से शिकायत नहीं की। लेकिन जब बात सम्मान की हो तो चुप रहना भी अपराध है।
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सहारनपुर में कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने एडीएम (ई) संतोष बहादुर सिंह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए आरोप लगाया है कि अधिकारी ने न सिर्फ महिला जनप्रतिनिधि का अपमान किया। बल्कि घंटों इंतजार करवाकर सिस्टम की संवेदनहीनता को भी उजागर किया।
क्या है मामला…
घटना के अनुसार, सांसद इकरा हसन बुधवार को सहारनपुर में जनसुनवाई कर रही थीं। इसी दौरान छुटमलपुर नगर पंचायत की महिला चेयरमैन ने शिकायत की कि स्थानीय ईओ (कार्यपालक अधिकारी) उनके साथ अनुचित व्यवहार कर रहे हैं।
सांसद, चेयरमैन के साथ शिकायत लेकर एडीएम (ई) के कार्यालय पहुंचीं। लेकिन बताया गया कि एडीएम दोपहर 1 बजे से लंच पर गए हैं। इसके बाद सांसद और महिला चेयरमैन को करीब 3:30 बजे तक इंतजार करना पड़ा। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद ही एडीएम कार्यालय लौटे।
सांसद का आरोप- शिकायत सुनने के बजाय लिखित में मांगी
सांसद इकरा हसन ने बताया कि उन्होंने मामले को शांतिपूर्ण ढंग से हल करने की कोशिश की। लेकिन एडीएम संतोष बहादुर सिंह ने केवल लिखित शिकायत की मांग करते हुए सहमति से इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा कि महिला जनप्रतिनिधियों के साथ इस तरह का व्यवहार कहीं से भी स्वीकार्य नहीं है। भाजपा सरकार एक ओर महिला सशक्तिकरण की बात करती है। 33% आरक्षण का ढिंढोरा पीटती है। वहीं उनके ही अधिकारी महिलाओं को सम्मान तक नहीं देते।
सांसद ने कहा कि उन्हें जब सीनियर अधिकारी को फोन किया, तो वो कांवड़ व्यवस्था में व्यस्त होने के कारण बात नहीं कर पाए। इसके बाद उन्होंने एडीएम (ई) के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
उन्होंने कहा कि यह घटना सिर्फ एक जनपद की नहीं है। प्रदेश भर में कई महिला जनप्रतिनिधियों को इसी तरह के व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है। अब महिलाएं चुप नहीं बैठेंगी, उनका सम्मान हर हाल में सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
एडीएम को दी जाए व्यवहार प्रशिक्षण, हो सख्त कार्रवाई
इकरा हसन ने प्रदेश सरकार से एडीएम को तत्काल हटाने और प्रशिक्षण देने की मांग की। ताकि भविष्य में वह जनप्रतिनिधियों और आम जनता के साथ सम्मानजनक व्यवहार कर सकें। उन्होंने कहा कि महिला विरोधी मानसिकता को दफन करना होगा। वरना महिलाएं अपने हक के लिए लड़ना जानती हैं।
मामले को लेकर एडीएम (ई) संतोष बहादुर सिंह ने वीडियो बयान जारी कर सभी आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने इसे राजनीतिक बयानबाजी करार दिया है। इस पर इकरा हसन ने पलटवार करते हुए कहा कि एक साल में हमने किसी अधिकारी से शिकायत नहीं की। लेकिन जब बात सम्मान की हो तो चुप रहना भी अपराध है।
