सहारनपुर में कांग्रेसियों का हल्ला बोल: यूपी सरकार ने हजारों प्राइमरी पाठशालाओं को बंद करने के फैसले का विरोध, सिटी मजिस्ट्रेट को सौपा ज्ञापन – Saharanpur News

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सहारनपुर में कांग्रेसियों का हल्ला बोल:  यूपी सरकार ने हजारों प्राइमरी पाठशालाओं को बंद करने के फैसले का विरोध, सिटी मजिस्ट्रेट को सौपा ज्ञापन – Saharanpur News

सहारनपुर में कांग्रेसियों का हल्ला बोल: यूपी सरकार ने हजारों प्राइमरी पाठशालाओं को बंद करने के फैसले का विरोध, सिटी मजिस्ट्रेट को सौपा ज्ञापन – Saharanpur News

कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते हुए कांग्रेसी।

यूपी सरकार के हजारों सरकारी प्राइमरी स्कूलों को बंद करने के फैसले के विरोध में सोमवार को कांग्रेस पार्टी के पिछड़ा वर्ग विभाग ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने इसे दलितों, पिछड़ों और गरीब तबके के बच्चों के संवैधानिक

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उत्तर प्रदेश कांग्रेस पिछड़ा विभाग के निर्देशानुसार जिला कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग की ओर से महामहिम राज्यपाल को प्रेषित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक सैनी और जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सैनी के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए प्रदेश सरकार की नीतियों को आड़े हाथों लिया।

कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक सैनी और महानगर अध्यक्ष मनीष त्यागी ने कहा-वर्तमान सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियां आरएसएस की विचारधारा से प्रभावित हैं। उन्होंने कहा-सरकारी प्राइमरी पाठशालाओं को बंद कर गरीब, दलित और पिछड़े तबके के नौनिहालों को शिक्षा से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार ने जहां गरीबों को शिक्षा का अधिकार कानून देकर निशुल्क शिक्षा की गारंटी दी। वहीं भाजपा सरकार बच्चों को शिक्षा से वंचित कर रही है।

महानगर अध्यक्ष मनीष त्यागी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी शिक्षा के मंदिरों को बंद करने के असंवैधानिक प्रयासों का पुरजोर विरोध करती है और इन नीतियों के खिलाफ लंबे संघर्ष के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बच्चों के भविष्य को अंधकार में धकेलने पर तुली है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला अध्यक्ष भूपेंद्र सैनी, निर्वतमान प्रदेश सचिव योगी जाटव और बीरसेन उपाध्याय ने भी प्रदेश सरकार के फैसले को गरीब और वंचित विरोधी बताते हुए इसे आजाद भारत के इतिहास में शिक्षा का सबसे काला अध्याय बताया।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पिछड़े, दलित और गरीब वर्ग को अशिक्षित रखकर दोबारा गुलामी की ओर ले जाना चाहती है। ये फैसला संविधान के मूलभावनाओं का उल्लंघन है और निंदनीय है। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने प्राइमरी स्कूलों को बंद करने का ये फैसला वापस नहीं लिया, तो राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा।

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