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संसद में पेश बिल का माले महासचिव ने किया विरोध: कहा- यह लोकतंत्र पर खतरे का बिल, RSS उम्मीदवार पर हमला; वोटर अधिकार यात्रा बनी जनआंदोलन – Patna News

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संसद में पेश बिल का माले महासचिव ने किया विरोध:  कहा- यह लोकतंत्र पर खतरे का बिल, RSS उम्मीदवार पर हमला; वोटर अधिकार यात्रा बनी जनआंदोलन – Patna News

संसद में पेश बिल का माले महासचिव ने किया विरोध: कहा- यह लोकतंत्र पर खतरे का बिल, RSS उम्मीदवार पर हमला; वोटर अधिकार यात्रा बनी जनआंदोलन – Patna News

माले महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य।

संसद में आज उस बिल को पेश किया गया, जिसके तहत किसी भी मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री या मंत्री को गिरफ्तारी के तीस दिन बाद पद से हटना अनिवार्य होगा।

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इस बिल का भाकपा (माले) महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कड़ा विरोध किया और इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक करार दिया।

दीपांकर भट्टाचार्य ने आज पीसी बुलाकर कहा कि यह कानून विपक्षी गैर-भाजपा सरकारों को चलने से रोकने की कोशिश है।

उन्होंने आरोप लगाया कि अगर यह कानून बन गया तो किसी भी गैर-भाजपा सरकार और उनके नेताओं के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें पद से हटाने का हथियार मिल जाएगा। यह संघीय ढांचे और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर खतरा है।

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आरएसएस का कोई भी उम्मीदवार मंजूर नहीं

महागठबंधन के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार का स्वागत करते हुए दीपांकर ने कहा कि उनका पक्ष संविधान-विरोधी नीतियों और कॉर्पोरेट लूट के खिलाफ रहा है।

उन्होंने साफ कहा कि हम लोगों को आरएसएस का कोई उम्मीदवार मंजूर नहीं है। लोकतंत्र-विरोधी और संविधान-विरोधी आरएसएस प्रचारक को उपराष्ट्रपति बनाना देश के हित में नहीं है।

वोटर अधिकार यात्रा को जनता का समर्थन

वोटर अधिकार यात्रा पर दीपांकर ने दावा किया कि इस यात्रा को व्यापक जनसमर्थन मिला है। लोगों में बदलाव की आशा दिख रही है। करीब 65 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, जिनमें से 35 लाख प्रवासी मजदूर हैं।

यहां तक कि विदेशों में रहने वाले एनआरआई और बिहार के प्रवासी कामगारों के नाम भी काट दिए गए हैं। यह बिहार के साथ खुला अन्याय है।

दीपांकर ने कहा कि यात्रा में जनता को यह संदेश दिया जा रहा है कि उनके वोट पर चोट की जा रही है और बदलाव जरूरी है। उन्होंने बताया कि यात्रा अब आंदोलन का रूप ले चुकी है और पूरे बिहारवासियों का व्यापक समर्थन इसके साथ है।

चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप

चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि जीरो नंबर मकानों पर रहने वालों के नामों में बड़े पैमाने पर घोटाले हो रहे हैं। पार्टी बार-बार शिकायत दर्ज करा रही है, लेकिन आयोग उन्हें मानने से इनकार कर रहा है। चुनाव आयोग गुमराह कर रहा है और यह कहकर भ्रांतियां फैला रहा है कि पार्टियों की ओर से कोई आपत्ति नहीं आई।

आयोग सीसीटीवी फुटेज नष्ट करने की बात कर रहा है, जिससे पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने जनता से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि एनडीए यात्रा को फ्लॉप बताकर गुमराह कर रही है, लेकिन हकीकत यह है कि यात्रा को लोगों ने देखा है और इसे छुपाना अब किसी के लिए संभव नहीं है।

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