शहर में 2015 में घोषित हुए नो पार्किंग जोन, यातायात पुलिस आज दिन तक सुधार नहीं पाई शहर की ट्रैफिक व्यवस्था – Barmer News h3>
यातायात पुलिस सिर्फ दुपहिया वाहनों के हेलमेट के चालान काटने तक ही सीमित रह गई है। बाड़मेर शहर में नो-पार्किंग जोन में खड़े भारी वाहनों को हटाने और बार-बार लगने वाले जाम से शहरवासियों को निजात दिलाने की दिशा में कोई काम नहीं हो रहा है। हाल ये है कि श
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शहर के सिणधरी चौराहे से लेकर चौहटन चौराहे तक, सिणधरी चौराहे से लेकर अहिंसा सर्किल तक, सिणधरी चौराहे से सिणधरी जाने वाली रोड और जैसलमेर जाने वाली रोड के दोनों ओर वाहन चालकों द्वारा वाहनों को अवैध रूप से नो-पार्किंग में खड़ा किया जा रहा है। यातायात पुलिस द्वारा चलाए जा रहे सड़क सुरक्षा अभियान का भी शहर में कहीं असर दिखाई नहीं दे रहा है। ऐसे में अब यातायात पुलिस ने 2015 के तत्कालीन कलेक्टर मधुसूदन शर्मा के आदेशों के पोस्टर बनाकर जगह-जगह लगाए है। लेकिन वाहन चालक अनदेखा कर रहे हैं।
शहर में वाहनों के पार्किंग स्थल की समस्या के परेशान होकर 31 अगस्त 2015 को तत्कालीन कलेक्टर मधुसूदन शर्मा ने अधिसूचना जारी की थी। इसमें चौहटन चौराहा, सिणधरी चौराहा और विवेकानंद चौराहा के कुल 7 स्थानों को राजस्थान मोटरयान नियम 1990 के नियम 8.1 का उपयोग करते हुए नो पार्किंग जोन घोषित किया। इसमें चौहटन चौराहे से चारों तरफ चौराहा से 100 मीटर की दूरी तक, शहीद स्मारक से जोधपुर रोड पर 100 मीटर दूरी तक, सिणधरी रोड पर 200 मीटर दूरी तक, नेशनल हाइवे सदर थाना की तरफ 150 मीटर तक, बस स्टैंड की तरफ बस स्टैंड की समाप्ति तक, विवेकानंद चौराहा से कलेक्टर कार्यालय परिसर के मुख्य द्वार तक सड़क के दोनों तरफ और विवेकानंद चौराहा से लेकर रेलवे स्टेशन से पहले ओवरब्रिज की सीमा तक, ओवरब्रिज के दोनों ओर तथा अस्पताल के सामने पार्किंग स्थल को छोड़कर नो पार्किंग जोन घोषित किया था।
शहर में यातायात पुलिस भारी वाहनों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं ले रही है। नो पार्किंग जोन में खड़े वाहनों के वाहन चालक धड़ल्ले से अपने वाहनों को सड़क पर खड़ा कर निकल जाते हैं, लेकिन नो पार्किंग में खड़े होने के बावजूद यातायात पुलिस कोई कदम नहीं उठाती। जब भी सड़क सुरक्षा अभियान होता है उस समय यातायात पुलिस जगह-जगह पर खड़े होकर सड़क पर चलने वाले बाइक सवारों को पकड़कर अपना टारगेट पूरा कर इतिश्री कर देते हैं। ऐसे में न तो शहर की यातायात व्यवस्था में कोई सुधार हो रहा है और न ही भारी वाहन चालकों पर इन अभियानों का कोई असर दिख रहा है। दस साल पहले नो पार्किंग जोन घोषित करने के बाद भी वाहन चालकों द्वारा कोई ध्यान नहीं देने के कारण लड़खड़ाई यातायात व्यवस्था से परेशान यातायात पुलिस ने मजबूर होकर कलेक्टर के आदेश को सार्वजनिक किया। यातायात पुलिस ने कलेक्टर द्वारा घोषित नो पार्किंग जोन के आदेश को फाइलों से निकालकर न सिर्फ सार्वजनिक किया। साथ ही आदेश के पोस्टर बनाकर शहर में लगाए।
वर्ष 2015 में तत्कालीन कलेक्टर ने जो आदेश निकाला था उसमें मुख्य चौराहों पर नो पार्किंग जोन घोषित किया गया है। इस आदेश के बैनर बनाकर चौराहों और नो पार्किंग स्थलों पर चस्पा किया है ताकि नो-पार्किंग जोन में वाहन खड़ा नहीं करें। चौराहों पर बिगड़ी यातायात व्यवस्था को सुधारने का प्रयास किया जाएगा। -मदनसिंह, यातायात पुलिस प्रभारी,बाड़मेर
