वृन्दावन नाव हादसे के बाद अयोध्या में अलर्ट: नौका विहार को सुरक्षित बनाए रखने के लिए जल पुलिस और स्थानीय प्रशासन सक्रिय – Ayodhya News h3>
अयोध्या में बहने वाली सरयू नदी के घाटों पर श्रद्धालुओं के नौका विहार को सुरक्षित बनाए रखने के लिए जल पुलिस और स्थानीय प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है। हाल ही में मथुरा में हुए नाव हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्थाओं को और सख्त किया गया है। लाइफ जैकेट की व्यवस्था नावों में लाइफ जैकेट उपलब्ध रखी जाती हैं और अब सभी नाव संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक यात्री को लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य होगा। बिना लाइफ जैकेट किसी को नाव में बैठाने की अनुमति नहीं होगी। जल पुलिस द्वारा घाटों पर समय-समय पर चेकिंग कर यह सुनिश्चित कराया जा रहा है कि नियमों का पालन हो। ओवरलोडिंग पर सख्ती प्रत्येक नाव की निर्धारित क्षमता लगभग 8 सवारियों की रखी गई है। जल पुलिस की निगरानी में यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि नाव में क्षमता से अधिक सवारियां न बैठाई जाएं। ओवरलोडिंग पाए जाने पर नाव संचालकों को सख्त चेतावनी दी गई है। लाइफ जैकेट की गुणवत्ता नावों में उपलब्ध लाइफ जैकेट सुरक्षा मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। उनकी फ्लोटिंग क्षमता सही हो और वे उपयोग योग्य स्थिति में हों। जल पुलिस द्वारा निरीक्षण के दौरान इनकी गुणवत्ता भी जांची जाती है ताकि किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। सुरक्षा उपकरण अनिवार्य सभी नावों में आवश्यक लाइफ सेविंग उपकरण रखना अनिवार्य किया गया है, जिनमें –
• लाइफ जैकेट
• लाइफ रिंग
• रस्सा (रिस्क्यू रोप)
• इमरजेंसी / फर्स्ट-एड किट नावों का लेखाजोखा और पंजीकरण सरयू नदी के घाटों पर लगभग ढाई सौ से तीन सौ नावें संचालित होती हैं। ये सभी नावें स्थानीय नाविकों द्वारा चलाई जाती हैं और किसी एक ठेकेदार के अधीन नहीं हैं। सभी नाव संचालकों को अपनी नावों का रजिस्ट्रेशन कराने के निर्देश दिए गए हैं तथा इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। जल पुलिस और प्रशासन द्वारा घाटों पर निगरानी रखी जा रही है। किराया निर्धारण नौका विहार का किराया स्थानीय प्रशासन और नाविकों के समन्वय से तय किया जाता है। घाटों पर निर्धारित दरों का पालन कराने के लिए निगरानी की जाती है और अधिक वसूली की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जा सकती है। श्रद्धालुओं की संख्या और नाव संचालन अयोध्या में सामान्य दिनों में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु सरयू घाटों पर पहुंचते हैं, जबकि त्योहारों और विशेष अवसरों पर यह संख्या काफी बढ़ जाती है। ऐसे समय में जल पुलिस की गश्त और निगरानी भी बढ़ा दी जाती है। हादसे के बाद बढ़ाई गई सतर्कता हालिया नाव हादसे के बाद प्रशासन और जल पुलिस द्वारा नयाघाट और गुप्तार घाट पर नाविकों और मल्लाहों के साथ बैठक कर सुरक्षा निर्देश दिए गए हैं, जिसमें लाइफ जैकेट अनिवार्य करने, ओवरलोडिंग रोकने और सभी नावों में सुरक्षा उपकरण रखने पर विशेष जोर दिया गया है। जिम्मेदार अधिकारी की बाइट जल पुलिस प्रभारी रुबे प्रताप मौर्य ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी नाव संचालकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि बिना लाइफ जैकेट किसी भी यात्री को नाव में न बैठाएं और निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी न लें। नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान जल पुलिस टीम में कॉन्स्टेबल नित्यानन्द यादव सहित अन्य कर्मी भी घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी में तैनात हैं, ताकि सरयू नदी में नौका विहार सुरक्षित और व्यवस्थित बना रहे।
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